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कागज की लड़ाई हार रहे कोरोना योद्धा:दूसरी लहर में 242 कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत, लेकिन मुआवजा एक को भी नहीं

इंदौरएक महीने पहलेलेखक: अभिषेक दुबे
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कोरोना के खिलाफ मुस्तैदी से जंग लड़ने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की संक्रमण से मौत के बाद परिजन कागज की लड़ाई हार रहे हैं। - Dainik Bhaskar
कोरोना के खिलाफ मुस्तैदी से जंग लड़ने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की संक्रमण से मौत के बाद परिजन कागज की लड़ाई हार रहे हैं।
  • कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद भी बता रहे अन्य बीमारियों से मौत

कोरोना के खिलाफ मुस्तैदी से जंग लड़ने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की संक्रमण से मौत के बाद परिजन कागज की लड़ाई हार रहे हैं। दूसरी लहर में करीब 242 अधिकारी-कर्मचारियों की संक्रमण से मौत हुई है, लेकिन अब तक एक को भी न तो कोरोना योद्धा का दर्जा दिया गया है और न ही उनके परिजन को किसी तरह का मुआवजा मिला है।

हद यह है कि इन कर्मचारियों की मौत कोरोना से हुई है, यह मानने को भी कोई तैयार नहीं है। इसकी बड़ी वजह डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण दर्ज नहीं होना है। डॉक्टर्स ने भी अधिकतर मामलों में मौत की वजह हार्ट अटैक, डायबिटीज व अन्य बीमारी बताई है। पिछली लहर में भी सिर्फ दो कर्मचारियों के परिजन को ही 50 लाख रुपए का मुआवजा मिल पाया है।

केस-1 | एक दिन पहले रिपोर्ट निगेटिव तो कोई मदद नहीं

स्कूल प्राचार्य राजेंद्र बर्मन की मौत से एक दिन पहले रिपोर्ट निगेटिव आई। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया, सीटी स्कैन में 33% संक्रमण मिला, उसे कोई मानने को तैयार नहीं है।

केस-2| अनुकंपा नियुक्ति भी संविदा पर दे रहे हैं

बिजली कंपनी में लाइनमैन अमर चतुर्वेदी की सुपर स्पेशलिटी में 19 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई। बाकी सुविधा तो दूर कंपनी अनुकंपा नियुक्ति भी संविदा पर देने की बात कह रही है।

कोरोना वॉरियर्स घोषित करने का फैसला सरकार ही कर रही

ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत होने पर संबंधित विभाग प्रशासन को सूचना देता है। प्रशासन शासन को वॉरियर घोषित करने की अनुशंसा करता है। फैसला सरकार का होता है।

कई बहाने बनाकर रोक रहे मुआवजा व योद्धा का दर्जा

मौत के बाद कहा जाता है कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव थी। डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण नहीं होता। डॉक्टर मौत का कारण अन्य बीमारी लिख दें तो अनुशंसा नहीं की जाती।

सीधी बात : इंदर सिंह परमार, राज्य मंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग मप्र

​​​​​​डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण पहले भी नहीं लिखते थे अधिकारी के सर्टिफिकेट से तय होगा ड्यूटी पर थे या नहीं

  • सरकार ने कहा है कि वह डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण नहीं लिखेगी?

जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा जारी डेथ सर्टिफिकेट में पहले भी कहां लिखा हुआ आता था कि मौत किस वजह से हुई है। यह तो पहले से ही फॉर्मेट में नहीं है।

  • डेथ सर्टिफिकेट में जिक्र नहीं होने से वॉरियर दर्जा नहीं दिया जा रहा?

अन्य बीमारी से मौत पर परिजन को अनुकंपा नियुिक्त देंगे। ड्यूटी के दौरान जिनका निधन हुआ व वेतन कम है, उनके परिजन को कोरोना रिपोर्ट अनुसार मुआवजा देंगे।

  • रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिनकी मौत हुई है उनका क्या होगा?

- ऐसे मामलों के बारे में जल्द फैसला लेंगे। जिन को सक्षम अधिकारी ने ड्यूटी पर लगाया था उन सबको कोरोना वॉरियर मान रहे हैं। सक्षम अधिकारी ही सर्टिफिकेट देंगे।

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