नए कपड़ों को चाय के पानी में उबाला, मैले-कुचेले बनाए:इंदौर की डिजाइनर ने तैयार की रणवीर और संजय दत्त की कॉस्ट्यूम

इंदौर6 महीने पहलेलेखक: अंकिता जोशी

रणवीर कपूर, संजय दत्त स्टारर फिल्म शमशेरा का कास्ट्यूम डिजाइन इंदौर की अदिति घाड़गे ने की है। PK, व्योमकेश बक्शी जैसी फिल्मों के लिए भी वह काम कर चुकी हैं। साथ ही आमिर खान, प्रियंका चोपड़ा, नवाजुद्दीन, रणवीर सिंह और कैटरीना के लिए भी फिल्मी कास्ट्यूम बना चुकी हैं। आइए बताते हैं उनकी रोचक स्टोरी-

कपड़े कैसे होंगे, इसे तय करने का यह है तरीका

अदिति ने बताया कि चूंकि शमशेरा पीरियड फिल्म है इसलिए उस पुराने दौर के रहन-सहन के बारे में स्टडी करना जरूरी था। इतिहास से जुड़ी किताबें पढ़कर उस दशक, काल की जानकारी जुटाई। पेंटिंग्स भी देखी, जिससे रेफरेंस मिला। अभिनेताओं का आउटफिट भी ऐसा ही दिखना चाहिए जैसा फिल्म में उसका कैरेक्टर तय किया गया है। यानी आउटफिट बनेंगे तो नए कपड़ों से लेकिन, यदि नए का आउटफिट तो ही नए दिखने चाहिए, यदि किरदार मैले, फटेले कपड़े का है, तो उन कपड़ों को वही स्वरूप देना होगा। इसके लिए भी पूरी अलग वर्किंग होती है। ऐसा लगना चाहिए कि यह किरदार हमेशा से ऐसे कपड़े पहन रहा है।

नए कपड़ों को पुराना दिखाने का तरीका भी रोचक, जानिए कैसे
यह अंग्रेजी हुकूमत के दौर की कहानी है। उस दौर के लोग हम जैसे कपड़े तो पहनते नहीं थे इसलिए उस दौर की पेंटिंग्स देखकर यह समझा कि तब लोग क्या पहनते थे। अगली चुनौती थी कपड़ों को नया नहीं बल्कि ऐसा दिखाना कि कैरेक्टर वह कपड़े पहनता आ रहा है। अदिति ने बताया हमें एजिंग कपड़ों की करना होती है। चाय के उबले पानी में डिप करके नए कपड़े को रखते हैं ताकि कपड़े का रंग थोड़ा दबे और वह नया न लगे। उसे गंदा करके कई बार वॉश करते हैं। सैंड पेपर से उन्हें घिसते हैं ताकि कपड़ा ऐसा लगे कि किरदार काफी समय से पहन रहा है।

नए कपड़े को पुराना दिखाने सैंड पेपर से घिसते हैं।
नए कपड़े को पुराना दिखाने सैंड पेपर से घिसते हैं।

फैशन डिजाइनिंग से अलग है कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग
इंदौर के एसडीपीएस वुमंस कॉलेज से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर चुकी अदिति ने बताया कि डिज़ाइनिंग और कॉस्ट्यूम डिज़ाइनिंग में बहुत फर्क है। डिज़ाइनिंग में डिज़ाइनर अपनी इमेजिनेशंस और इंटरप्रिटेशंस पर बेस्ड आउटफिट्स बनाता है जबकि कॉस्ट्यूम डिज़ाइनिंग में फिल्म के किरदार की ज़िंदगी, फाइनेंशियल स्टेटस, शहर वगैरह को ध्यान में रखकर डिज़ाइनिंग करना होती है।

कैदियों के कपड़े डिजाइन करने में भी काफी मेहनत लगी।
कैदियों के कपड़े डिजाइन करने में भी काफी मेहनत लगी।

अमिताभ डायरेक्टर का कहा मान लेते हैं, रानी ने 55 डिज़ाइन रिजेक्ट किए
अपने अनुभव शेयर करते हुए अदिति ने बताया अमिताभ बच्चन कॉस्ट्यूम्स को लेकर उतने सिलेक्टिव नहीं हैं, डायरेक्टर जैसा बताते हैं, वो पहन लेते हैं। लेकिन कुछ सेलेब्स हैं जो इसमें भी अपनी चॉइस देखते हैं। जैसे रानी मुखर्जी। अय्या फिल्म में उन्होंने साधारण से सलवार कुर्ते पहने थे। सलवार के तकरीबन 55 डिज़ाइन उन्होंने रिजेक्ट किए थे। तब जाकर आखिरी में उन्हें डिज़ाइन पसंद आया। रानी अपने कपड़ों और कॉस्ट्यूम को लेकर बहुत पर्टिकुलर हैं।

वाणी कपूर और अन्य क्रू मेंबर्स के साथ अदिति (सबसे दाएं )
वाणी कपूर और अन्य क्रू मेंबर्स के साथ अदिति (सबसे दाएं )

रिसर्च है सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा
अदिति ने फिल्म अज़हर के कॉस्ट्यूम भी बनाए थे। उन्होंने बताया अहजरुद्दीन जब क्रिकेट में आए तब की तस्वीरें तो कहीं न कहीं से मिल गईं, लेकिन उनके ग्लोरी डेज़ से पहले उनके रहन सहन और ड्रेसिंग स्टाइल पता करने के लिए हमें उन लोगों से मिलना पड़ा जो उन्हें जानते हैं। 80 के दशक से लेकर अब तक का पूर सफर हमने जाना। बेल बॉटम्स और फिटेड शर्ट्स पहनते थे अज़हर। एक बात जो हमेशा देखी है वह यह कि वे शर्ट की कॉलर हमेशा खड़ी रखते हैं। फिल्म में भी हमने ऐसा ही किया है। उन्हें महंगी घड़ियों का शौक है। कई घड़ियां हैं उनके कलेक्शन में।

संगीता बिजलानी तो अपने लाइफ के हर मोमेंट में दीवा हैं। ग्लैमर वर्ल्ड में आने से पहले भी वे ऐसे ही रहती थीं। उनका किरदार नरगिस फाखरी ने निभाया। उनके लिए कलरफुल, स्टाइलिश और क्लासी आउटफिट्स रेडी किए हैं। पफ्स वाले क्रॉप टॉप, पलाज़ो, चंकी जूलरी उस दौर में भी पॉपुलर थे। सबसे मुश्किल था उनकी पहली पत्नी के ड्रेसिंग स्टठाइल के बारे में पता लगाना। वे लाइमलाइट में नहीं थीं। उनके मिलने-जुलने वालों से मने उनके व्यक्तित्व और पसंद नापसंद के बारे में जाना जो काफी मुश्किल रहा।