पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Indore Coronavirus Latest Updates Sero survey In Dewas, Ujjain And Gwalior Of Madhya Pradesh

कोरोना टेस्ट:एंटीबॉडी टेस्ट से पता लगाएंगे कि कम्युनिटी में वायरस का फैलाव कितना, मप्र के देवास, उज्जैन और ग्वालियर में सीरो-सर्वे होगा

इंदौर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इसका ट्रायल किया जा रहा है। (प्रतीकात्मक फोटो)
  • देश के 21 राज्यों के 69 जिलों में इंडियन कॉउंसिल फ़ॉर मेडिकल रिसर्च करवा रही सर्वे
  • सर्वे के तहत पीसीआर टेस्ट के साथ-साथ, व्यक्ति के ब्लड में एंटीबॉडीज़ की भी जांच होगी

(नीता सिसौदिया).  इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) देश के 21 राज्य के  69 जिलों में "सीरो-सर्वे" करवाने जा रहा है। इसके तहत मप्र में देवास, उज्जैन और ग्वालियर जिलों को शामिल किया गया है। सर्वे के तहत पीसीआर टेस्ट के साथ-साथ यानी व्यक्ति के ब्लड में एंटीबॉडीज़ की भी जांच की जाएगी। यदि एंटीबॉडी पाई जाती है, इसका मतलब आप कभी ना कभी कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं। 

कोरोनावायरस के संक्रमण से उबर चुके लोगों के शरीर में यह एंटीबॉडीज़ विकसित हो जाती है। यानी वायरस के प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। आईसीएमआर यह सर्वे इसीलिए करवा रहा है ताकि यह पता चल सके कि कम्यूनिटी में वायरस का फैलाव कितना हुआ है। इसमें सामान्य पीसीआर जांच के साथ-साथ एंटीबॉडी टेस्ट भी किया जाएगा। चूंकि 80 प्रतिशत मरीज ए-सिम्प्टोमेटिक हैं। यानी उन्हें बीमारी तो है, लेकिन उसके कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं। इसलिए पता नहीं चलता।

रतलाम मेडिकल कॉलेज के डीन और कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय दीक्षित बताते हैं कि हो सकता है कि किसी व्यक्ति का पीसीआर टेस्ट निगेटिव आ जाए और एंटीबॉडीज़ टेस्ट पॉजिटिव। इसका मतलब कि वह व्यक्ति वायरस से संक्रमित हो चुका है। इससे यह पता चल पाएगा कि वायरस कम्युनिटी में कितना फैला है। सर्वे में 2400 एडल्ट पॉपुलेशन को लिया जाएगा।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में चल रहा ट्रायल 
डॉ. दीक्षित बताते हैं कि इस जांच से कोविड संक्रमण की बजाय यह पता लगेगा कि व्यक्ति कोविड पॉजिटिव है या नहीं। यदि यह शरीर में मौजूद है, मतलब आप संक्रमित हो चुके हैं। इस एंटीबाडी का इस्तेमाल इंदौर में भी कोविड-19 से जूझ रहे गंभीर मरीजों पर किया जा रहा है। यहां श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इसका ट्रायल किया जा रहा है। बीमारी से ठीक हो चुके मरीज के शरीर मे यह एंटीबाडी पाए जाते हैं। इसे बनने में 14 दिन का समय लगता है।

ठीक हो चुके 10 मरीजों के सैंपल जांच के लिण् पुणे भेजे
एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूशन विभाग प्रमुख डॉ. अशोक यादव कहते हैं कि ठीक हो चुके मरीजों में एंटीबॉडी बन जाती है। यह कम या ज्यादा हो सकती है। इसीलिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। ठीक हो चुके 10 मरीजों के सैंपल लेने के बाद जांच के लिए भेजे जाएंगे।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- मेष राशि के लिए ग्रह गोचर बेहतरीन परिस्थितियां तैयार कर रहा है। आप अपने अंदर अद्भुत ऊर्जा व आत्मविश्वास महसूस करेंगे। तथा आपकी कार्य क्षमता में भी इजाफा होगा। युवा वर्ग को भी कोई मन मुताबिक क...

और पढ़ें