शहर की समृद्धि का द्वार:इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर; फिनटेक सिटी, दलाल स्ट्रीट से लेकर हाईराइज तक रहेंगी

इंदौरएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
20 हजार करोड़ का निवेश आएगा, 30 हजार से ज्यादा को मिलेगा रोजगार। - Dainik Bhaskar
20 हजार करोड़ का निवेश आएगा, 30 हजार से ज्यादा को मिलेगा रोजगार।

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर शहर की समृद्धि का नया द्वार होगा। यहां फिनटेक सिटी, दलाल स्ट्रीट, आईटी हब से लेकर 15 से 20 मंजिला हाईराइज होंगी। यहां 20 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश आएगा। 30 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। इसकी पूरी योजना बनाकर एमपीआईडीसी ने सरकार को भेज दी है।

बिजासन माता मंदिर से राऊ-पीथमपुर रोड व इंदौर-अहमदाबाद रोड को क्रॉस करते हुए एबी रोड को जोड़ने वाली 75 मीटर चौड़ी और 15 किमी लंबी सड़क के किनारे यह कॉरिडोर होगा। यहां अधिक फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) देकर हाईराइज मल्टी के जरिए स्कॉयलाइन थीम पर डेवलपमेंट होगा।

इस योजना को देखते हुए टीएंडसीपी ने भी इस प्रोजेक्ट को मास्टर प्लान में जगह देते हुए प्रस्तावित कॉरिडोर के दोनों ओर नक्शों को मंजूरी देने पर रोक लगा दी है। इसे एमपीआईडीसी और सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। एमपीआईडीसी द्वारा करीब छह माह की रिसर्च और कई लोगों से चर्चा के बाद इसे तैयार किया है।

इस कॉरिडोर में बिजनेस, कमर्शियल एक्टिविटी के साथ टाउनशिप भी रहेंगी। इंदौर रीजन में लगातार आ रही मांग को देखते हुए एमपीआईडीसी का अनुमान है कि कॉरिडोर के दोनों ओर करीब 1600 हेक्टेयर जमीन मिल सकेगी।

ऐसा रहेगा कॉरिडोर - बिजासन मंदिर से शुरू होकर पीथमपुर तक
ऐसा रहेगा कॉरिडोर - बिजासन मंदिर से शुरू होकर पीथमपुर तक

इस रोड से पीथमपुर मात्र 15 मिनट में पहुंच जाएंगे

  • इस रोड के बनने से सबसे अधिक फायदा होगा कि एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मिलेगी।
  • इस कॉरिडोर से शहर में आने के लिए सुपर कॉरिडोर है तो वहीं पीथमपुर से सीधे 15 मिनट का रास्ता है। यह इंदौर-अहमदाबाद से भी लिंक। इंदौर रीजन के किसी भी इंडस्ट्रियल सेक्टर में जाने के लिए यहां से सीधी कनेक्टिविटी है।
  • कॉरिडोर के दोनों ओर होटल स्थापित होने पर आने वालों को शहर में प्रवेश की जरूरत नहीं होगी, वह सीधे इंडस्ट्रियल, बिजनेस सेंटर पहुंच सकेंगे।
  • रोड के दोनों ओर 500-500 मीटर की जमीन एमपीआईडीसी लेगा और बदले में किसानों को 50 फीसदी विकसित प्लॉट दिए जाएंगे, कॉरिडोर के दोनों ओर सभी विकास कार्य एमपीआईडीसी द्वारा ही किए जाएंगे।

इंदौर के लिए यह काफी अहम प्रोजेक्ट है : कलेक्टर
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि यह काफी अहम प्रोजेक्ट है, इससे इंदौर रीजन में बिजनेस, कमर्शियल एक्टिविटी तेजी से बढ़ेगी और इसका लाभ इंडस्ट्रियल एक्टिविटी को मिलेगा। हाईराइज कॉन्सेप्ट से विकसित करने की एमपीआईडीसी की योजना है। उन्होंने शासन को पत्र भेजा है, इसी आधार पर अभी यहां नक्शे मंजूर नहीं करने के लिए टीएंडसीपी को कहा है।

ये हैं प्रस्तावित गतिविधियां

  • होटल, आईटी सर्विसेस हब
  • फिनटेक सिटी में इन्वेस्टमेंट सर्विस, ट्रेडिंग, बैंकिंग, रिस्क मैनेजमेंट सेंटर
  • डेटा सेंटर {लॉजिस्टिक पार्क
  • कमर्शियल कॉम्प्लेक्स
  • एपरेल क्लस्टर, बिजनेस क्लस्टर, ट्रेनिंग व एजुकेशन इंस्टिट्यूट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर
  • ट्रेड सेंटर, रेडीमेड गारमेंट कॉम्प्लेक्स, सुपर मार्केट, मल्टी मीडिया इंडस्ट्री, फिल्म इंडस्ट्री, आवासीय कॉम्प्लेक्स, स्टेडियम, मेट्रो लाइन व अन्य टर्मिनल।

शासन को भेजा है प्रस्ताव

  • कॉरिडोर के दोनों ओर बड़े होटल्स के साथ फिनटेक सिटी की योजना है। यहां सभी फाइनेंस कंपनी, बड़े बैंक, दलाल स्ट्रीट को लाया जाएगा। आईटी व डेटा सेंटर, बड़ी आईटी कंपनियों के साथ बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप जो निवेश करेंगे उन्हें बसाया जाएगा। इसका शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। - रोहन सक्सेना, एमपीआईडीसी एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर
खबरें और भी हैं...