इंदौर में कमिश्नर का ड्रोन मॉडल:कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के 6 घंटे बाद ही उड़ा ड्रोन, अब और हाईटेक हुई सिक्योरिटी

इंदौर5 महीने पहले

इंदौर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद ही ड्रोन उड़ा। चार्ज लेने के बाद पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने यहां सबसे पहले ड्रोन मॉडल लागू किया। पहले दिन सड़कों-चौराहों पर पुलिस चेकिंग पर उतरी। शाम से देर रात तक ड्रोन से शहर के प्रमुख चौराहों की निगरानी हुई। हर आने-जाने वाले की चेकिंग की गई।

कमिश्नर ने शहर के ऐसे चौराहे पर ड्रोन कैमरे से चेकिंग करवाई, जहां रात 12 बजे के बाद भी ट्रैफिक का लोड ज्यादा रहता है। शहर के सबसे बिजी और पॉश इलाके विजय नगर चौराहे पर रात 2 बजे तक ड्रोन की मदद से पुलिस ने हर तरफ नजर रखी। पुलिस का कहना है कि चेकिंग को देखते ही असामाजिक तत्व व आदतन अपराधी दूसरे रास्ते से भाग निकलते हैं। अब ड्रोन की मदद से ऐसे लोगों को ट्रैस करने में आसानी होगी। देर रात सड़कों पर DCP आशुतोष बागरी, एडिशनल DCP राजेश रघुवंशी भी चेकिंग पर रहे।

आगे और भी बदलाव
इंदौर शहर का जिस तरस से विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र, इंदौर में 2 बार DIG रहे हैं और इसके बाद IG बन गए थे। इस कारण उन्हें इंदौर शहर की नब्ज अच्छी तरह से मालूम है। शहर के व्यस्ततम इलाके और किस जगह क्या परिवर्तन करना है? इसकी प्लानिंग लगभग पूरी हो गई है। जल्द इंदौर में नए अधिकारियों के आते ही शहर में कई जगह व्यवस्थाओं में परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

बस ड्राइवर का अल्कोहल टेस्ट किया गया।
बस ड्राइवर का अल्कोहल टेस्ट किया गया।

ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या
इंदौर देश का सबसे साफ-सुथरा शहर है, लेकिन यहां ट्रैफिक बड़ी समस्या है। मुख्य बाजारों में बेतरतीब खड़े वाहनों और फुटपाथ पर लग रही दुकानों की वजह से रोज हर जगह जाम लगा रहता है। ठेले वाले भी लोगों की मुसीबत का सबब बनते हैं। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, बल्कि पैदल चलने वाले लोग भी परेशान हैं। नीपुरा और राजवाडे़ में दुकानदार अपनी दुकान के सामने ही दो पहिया वाहन खड़े रखते हैं। इससे रास्ता छोटा हो गया है और फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है।

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