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मौसम / इंदौर में सुबह आधे घंटे तेज बारिश, शाजापुर में बारिश और आंधी से खेतों में खड़ी फसल बिखरीं

शाजापुर में बारिश और आंधी से फसल को नुकसान हुआ।
इंदौर में देर रात हुई तेज बारिश। इंदौर में देर रात हुई तेज बारिश।
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इंदौर में देर रात हुई तेज बारिश।इंदौर में देर रात हुई तेज बारिश।

  • मालवा निमाड़ में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात से रुक-रुककर गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो रही
  • प्रदेश में तेज हवाएं और बारिश से खरीफ की फसल को बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 12:11 PM IST

इंदाैर. प्रदेश में मौसम का मिजाज गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात से अचानक बदल गया है। शुक्रवार सुबह इंदौर में करीब आधे घंटे तेज बारिश हुई। इसके पहले इंदौर में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे। रात 9.15 पर हल्की बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। 12 किमी की गति से चली हवा के साथ पानी बरसा। राजेंद्र नगर, चाणक्यपुरी, अन्नपूर्णा तरफ ज्यादा तेज गति से बारिश हुई। बिजली भी ऐसी चमकी जैसे बारिश के समय दिखती है। मालवा-निमाड़ के भी कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चली। शाजापुर में तो खेतों में खड़ी फसल बिखर गईं। बंगाल की खाड़ी में बने प्रति चक्रवात की वजह से बारिश हो रही है। प्रदेश के 20 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे हैं। इससे खरीफ की फसल को बड़ा नुकसान होने की संभावना है।

इन जिलाें में हुई बारिश
मौसम विभाग ने गुरुवार को ही प्रदेश के मौसम में एकाएक बदलाव के साथ गरज-चमक, बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की थी। फिलहाल इंदौर, भोपाल, गुना, ग्वालियर, उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, खंडवा, धार, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, राजगढ़, देवास, शिवपुरी, मुरैना, भिंड और श्योपुर में बारिश के साथ ओले गिरे हैं। इन सभी जिलों में खरीफ की फसल को नुकसान होने की आशंका है। कई जिलों में अभी रुकरुक कर बारिश हो रही है।

संक्रमण की बहती हवा
मौसम ठंडा होने के बाद सवाल उठ रहा है कि इससे कोरोनावायरस और खतरनाक तो नहीं होगा। ऐसे में भास्कर ने संक्रमण मामलों के विशेषज्ञ डाॅ. संजय दीक्षित से बात की। उन्होंने कहा कि ठंडा मौसम वायरस संक्रमण के लिए अनूकुल रहता है, लेकिन कोरोना के मामले में अभी कोई स्टडी नहीं है। गरम देशों में भी इसका असर है। एक-दो दिन मौसम ठंडा रहने से वायरस एक्टिव नहीं होता। यह एक्टिव हुआ भी तो 14 दिन बाद ही लक्षण नजर आएंगे।

पहले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से रही ठंड और बादल छाए रहे
आमतौर पर अप्रैल, मई में प्री-मानसून की गतिविधि शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार दिसंबर से ही मौसम में बार-बार बदलाव हो रहे हैं। पहले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ठंड और बादलों छाए रहे। अब बंगाल की खाड़ी में प्रति चक्रवात असर दिखा रहा है। हालांकि यह दो दिन असर दिखाने के बाद रवाना हो जाएगा। महीने के अंत से फिर पारा रफ्तार पकड़ लेगा।


इन तीन वजहों से बदला मौसम

  • भोपाल समेत मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले कारक पहला हवा के ऊपरी भाग में 1.5 किलोमीटर पर दक्षिण गुजरात एवं उसके आसपास के इलाके में चक्रवात बना हुआ है।
  • दूसरा दक्षिण पूर्व राजस्थान से कोस्टल कर्नाटक तक एक द्रोणिका का 900 मीटर की ऊंचाई तक बनी हुई है जो गुजरात से होकर गुजर रही है।
  • तीसरा एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में 1.5 से 3.1 किलोमीटर के ऊपर जम्मू कश्मीर और उससे लगे उत्तरी पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ के रूप में बनी हुई है एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ 30 मार्च को प्रभावित होने की संभावना है। 

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