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आयकर रिफंड:लॉकडाउन में इंदौर के करदाताओं को 341 करोड़ रुपए मिले : प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर

इंदौरएक वर्ष पहले
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  • कोरोना के कारण देश मंे लक्ष्य से कम मिला राजस्व, मप्र-छग में दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई
  • लॉकडाउन से करदाता परेशान हैं, इसलिए विभाग चरणबद्ध तरीके से ही कार्रवाई करेगा

आयकर विभाग ने अप्रैल से जून माह के दौरान पहली तिमाही मंे मप्र-छग के करदाताओं को 1944 करोड़ का रिफंड दिया है जो बीते साल की तुलना में 163 फीसदी अधिक है। इंदौर रीजन में 12 लाख 45 हजार करदाता हैं इन्हें विभाग की ओर से 341 करोड़ का रिफंड दिया गया है। यह बात मप्र-छग के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर अजय चौहान ने बुधवार को इंदौर दौरे पर मीडिया से चर्चा में कही। 

उन्होंने कहा कि कोरोना काल मंे करदाताओं की समस्या सुलझाने के लिए विभाग द्वारा 13 से 25 जुलाई तक करदाता समाधान पखवाड़ा चलाया जाएगा, जिसमें करदाता की ई-एसेसमेंट, अपील मामले, धारा 154 व अन्य सभी तरह की समस्याओं को सुना जाएगा और दूर किया जाएगा। इस दौरान विवाद से विश्वास स्कीम पर भी जोर रहेगा, जिसमें अधिक से अधिक आवेदन आएं, अभी इसके लिए इंदौर में 302 आवेदन आ गए हैं, मप्र-छग में 1445 आवेदन प्राप्त हो गए हैं। बालाघाट और मुरैना में आयकर सेवा केंद्र भी खोल रहे हैं। 

मप्र-छग में अधिक आया राजस्व, इंदौर मंे 1876 करोड़ रुपए मिले
चौहान ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान मप्र-छग में कुल राजस्व 23,334 करोड़ रुपए आया जो बीते साल की तुलना में 2.4 फीसदी अधिक है। जबकि इस दौरान पूरे देश में कुल राजस्व ग्रोथ नेगेटिव रही है। हालांकि इंदौर रीजन में कम ग्रोथ रही और कुल राजस्व 1876 करोड़ रुपए आया। वहीं पहली तिमाही में नेट कलेक्शन 1944 करोड़ का रिफंड देने के बाद मप्र-छग में 2028 करोड़ रहा है। इस दौरान इंदौर में 198 करोड़ राजस्व आया। 
जो कार्रवाई करना जरूरी है वह जारी रहेगी
चौहान ने कहा कि ऐसे आदेश नहीं आए हैं कि राजस्व के लिए बड़ी कार्रवाई करना है या करदाता को ढील देना है। हमने तय किया है कि हम स्थितियों को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे, इसके बाद ही आगे जो वैधानिक कार्रवाइयां होती है वह की जाएंगी। 

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