इंदौर के लिए महाअवसर:अंतरराष्ट्रीय G-20 समूह सम्मेलन की मिनिस्ट्री व वर्किंग लेवल मीटिंग के लिए संभावनाएं तलाशने इंदौर आया केंद्रीय दल

इंदौर9 महीने पहले
  • फाइव स्टार होटल, ट्रांसपोर्ट,

2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन को लेकर केंद्र का एक दल गुरुवार को इंदौर पहुंचा। इस मामले में कलेक्टर मनीष सिंह व अन्य के साथ उनकी ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में बैठक हुई। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जी-20 नवम्बर या दिसंबर 2023 में आयोजित होना है।

भारत की जी-20 की जो चेयरमेनशिप है वह 2022 में प्लान करेगा। फिर एक साल बाद इसकी समिट होगी। समिट मीटिंग दिल्ली में ही प्रपोजेबल है, मेन समिट जिसमें राष्ट्राध्यक्ष आएंगे लेकिन इसके पहले अन्य मीटिंग्स रहती है जिसमें मिनिस्ट्री लेवल की मीटिंग होती है, वर्किंग कमेटी मीटिंग होती है, सेमिनार, वर्कशॉप्स होती हैं।

इसमें मिनिस्ट्री लेवल की मीटिंग है, उसके लिए केंद्रीय दल इंदौर के अलावा अन्य शहरों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। दिल्ली से बाहर भी इस तरह की मीटिंग होगी। इसमें इनकी संख्या 150-200 तक रहती है। उनमें अन्य शहरों को भी लिया जाएगा। मिनिस्ट्री व वर्किंग लेवल की मीटिंग को लेकर सर्वे चल रहा है जिसके लिए केंद्र का एक दल आया था जिसने पूरी जानकारी ली है। उन्होंने आज डेटा लिया है। फाइव स्टार होटल्स में कितने रूम हैं, किस तरह के ट्रांसपोर्टस उपलब्ध हैं। वीआईपी के घूमने के लिए क्या खास रहेगा। इनके भ्रमण के लिए क्या खास रहेगा। कहां साइट विजिट कर सकते हैं आदि जानकारी जुटाई जा रही है। कल दल शहर व होटलों की स्थिति जानेगा।

कलेक्टर को लिखा था पत्र -

विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल डिविजन के डॉ. असीम वोरा ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखा था। निरीक्षण दल में समिट डिविजन के ओएसडी प्रवीण जाखर, प्रोटोकॉल डिविजन के ऑफिसर रोहित शर्मा और समिट डिविजन के कंसल्टेंट नवीन सक्सेना इंदौर में लोकेशन देखेंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि अभी हमें सिर्फ टीम के आने की जानकारी है। कुछ लोकेशन हम दिखाएंगे। उच्च स्तर पर अधिकारी इस संबंध में चर्चा कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है यह टीम देश के तीन शहरों की लोकेशन देखेगी, इसके बाद निर्णय लेगी। इंदौर के अलावा दिल्ली के प्रगति मैदान को भी इसकी लोकेशन में रखा गया है।

इसलिये इंदौर -
इंदौर स्वच्छता में लगातार पांच बार से पूरे देश में पहले नंबर पर आ रहा है। कई देशों के प्रतिनिधि इंदौर आकर यहां के स्वच्छता के मॉडल को समझ चुके हैं। यह देश का सबसे तेजी से उभरता हुआ आईटी सिटी है। इंदौर को देश का स्टार्टअप हब बनाने के लिए भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है। जी-20 ग्रुप का शिखर सम्मेलन होता है तो इंदौर का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर तेजी से उभरेगा। इंदौर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट होने के कारण यहां की हर देश से कनेक्टिविटी हो सकती है। यूरोपीय सहित अन्य देशों के विमान सीधे यहां लैण्ड हो सकते हैं।

ये देश हैं जी20 में
जी20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

इसलिए भारत में होगी बैठक
1 दिसंबर 2022 से जी-20 समूह का प्रतिनिधित्व यानी अध्यक्षता भारत कर रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इसके प्रमुख यानी शेरपा हैं। इसके चलते भारत में ही अगली बैठक होना है।

क्या है जी-20 ग्रुप
जी-20 यूरोपीय यूनियन देशों का एक समूह है। इसमें 20 देशों के अध्यक्षों की वार्षिक बैठक होती है। जी20 विश्व की 19 अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं और यूरोपीय संघ को साथ लाता है और इसके सदस्य वैश्विक जीडीपी का 80 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत और वैश्विक आबादी के 60 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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