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मास्टर प्लान 2035;:इंदौर में बनेगा आईटी इकोसिस्टम, 5 हजार एकड़ में इण्डस्ट्रियल सेक्टर डेवलप करने का सुझाव

इंदौर10 महीने पहले
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मास्टर प्लान की समीक्षा बैठक लेते कलेक्टर। - Dainik Bhaskar
मास्टर प्लान की समीक्षा बैठक लेते कलेक्टर।

जिले में मास्टर प्लान 2035 को लेकर बुधवार को कलेक्टर मनीषसिंह ने बैठक ली। इसमें इन्दौर की वर्तमान तथा भावी इण्डस्ट्रियल सेक्टर के विजन, आवश्यकताओं आदि पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें कलेक्टर ने मुख्य तौर पर जिले में आईटी इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने टीएण्डसीपी के ज्वाइंट डायरेक्टर एसके मुद्गल को निर्देश दिए कि डेवलपमेंटल मॉडल में आईटी सेक्टर से संबंधित यूनिट्स को प्रोत्साहित किया जाए। मेट्रो सिटीज के तर्ज पर इंदौर में भी आईटी इकोसिस्टम का निर्माण किया जाए जहां निजी क्षेत्र की बड़ी आईटी इंडस्ट्रीज अपनी यूनिटें तथा आईटी पार्क निर्मित कर सके। इण्डस्ट्रियल यूनिट्स को को प्रोत्साहित करने के लिए डेवलपमेंट प्लान के ड्राफ्ट में अलग-अलग प्रावधानों को शामिल किया जाएं।

बैठक में स्टकहोल्डर समूह द्वारा दिए गए सुझावों को भी मास्टर प्लान में शामिल करने को कहा गया। इसमें एसोसिएशन ऑफ इण्डस्ट्रीज मध्यप्रदेश (AIMP) के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने कहा कि भविष्य की योजनाओं और इंदौर में बढते औद्योगिकरण को ध्यान मे रखते हुए मास्टर प्लान में 5 हजार एकड़ जमीन में एक नए औद्योगिक क्षेत्र के डेवलपमेंट की जरूरत है। इसमें वर्टिकल उद्योग लगाने की सुविधा, पक्की सडकें, ड्रेनेज, स्टॉर्म वॉटर लाइनें, पानी, 33 KVA का पावर स्टेशन, फायर ब्रिगेड स्टेशन, लॉजिस्टिक की सुविधा, पार्किंग, मल्टीलेवल पार्किग, सडक-रेलवे व हवाई मार्ग की सुगम कनेक्टविटी, एग्जिबिशन सेंटर, ईटीपी व एसटीपी प्लांट, पुलिस व्यवस्था, श्रमिकों के लिए क्वार्टर्स, बच्चों के लिए स्कूल, श्रमिकों के लिए अस्पताल, बीमा उपचार केन्द्र, पर्यावरण संरक्षण, डेन्स फॉरेस्ट, वेंडर/सप्लायर्स, आवागमन की सुगम व्यवस्था आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकताएं व प्रावधानों का समावेश होना चाहिए। इसके साथ ही पालदा औद्योगिक क्षेत्र को मास्टर प्लान में सम्मिलित कर सामान्य औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा देने का भी सुझाव दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियम, औद्योगिक सेक्टर के नॉर्म्स तथा वर्तमान समय में औद्योगिक सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप प्रावधानों को शामिल किया जाएं। बैठक में निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल, आईडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय, एडीएम पवन जैन, एकेवीएन के एमडी रोहन सक्सेना, हॉउसिंग बोर्ड, पीडब्ल्युडी, क्रेडाई इन्दौर, बिल्डर्स एसोशिएशन, विभिन्न मण्डी एसोसिएशन एवं औद्योगिक सेक्टर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।