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  • It Is Necessary To Resolve The Issues Of CM Helpline In The Stipulated Time, Now The Members Of Crisis Management Committee Will Also See The Arrangement For Distribution Of Food Grains.

एक्शन मोड में इंदौर कलेक्टर:CM हेल्पलाइन के प्रकरणाें का तय समय में समाधान जरूरी, अब खाद्यान्न बांटने की व्यवस्था क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य भी देखेंगे

इंदौर3 महीने पहले
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कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलफ एक्शन लिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलफ एक्शन लिया जाएगा।

कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणाें और शासकीय उचित मूल्य दुकानों से अनाज वितरण काे लेकर अधिकारियाें की बैठक ली। उन्हाेंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में दर्ज शिकायतों को देखकर उसका तय टाइम में समाधान करें। प्रकरणाें के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, दूसरी और अब अधिकारियों के साथ-साथ क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों काे भी अनाज वितरण की व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी साैंप दी गई है। इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि जिले में ग्राम स्तर, वार्ड स्तर, ब्लाॅक स्तर और जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट समितियां गठित की गई हैं। अनाज वितरण में अनियमितता मिली तो संबंधित दुकानदार संचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कलेक्टर ने कही है।

बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएम हेल्पलाइन के तहत पिछले 100 दिनों में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने बताया गया कि जिले में 100 दिन से ज्यादा के प्रकरणों का निराकरण अभियान चलाकर विशेष रूप से किया जा रहा है। जिले में पिछले एक महीने में करीब एक हजार से अधिक प्रकरण का समाधान हो चुका है। इसके करीब 2 हजार 700 प्रकरण लंबित थे। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों की जांच बारीकी से करें। प्रकरण के निराकरण में किसी भी प्रकार से लापरवाही नहीं होना चाहिए।

क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य भी करेंगे निरीक्षण
कलेक्टर ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न वितरण को लेकर भी जानकारी ली। उन्हाेंने अब अधिकारियों के साथ-साथ क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को भी अनाज वितरण की व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी सौंपाी गई है। राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले के हितग्राहियों को हर महीने पांच किलो गेहूं, चावल एक रुपए प्रति किलो के मान से दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भारत सरकार फ्री में पांच किलो खाद्यान्न अलग से हर महीने दे रही है। यह नवंबर तक वितरित होगा। कलेक्टर ने दुकान संचालकों को कहा कि तय कीमत पर ही पात्रों को खाद्यान्न दिया जाए। हितग्राहियों को वितरित खाद्यान्न की पीओएस मशीन से पर्ची उपलब्ध कराएं। इससे पता चल सकेगा कि किसी कितना खाद्यान्न मिला है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि इस मामले में लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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