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फंडिंग के लिए इंदौर में PFI ने लगाए थे बैनर:अनाउंसमेंट करते थे- झूठे इल्जाम में जेल में बंद लोगों की मदद करते हैं; जानिए पूरे कारनामे

इंदौर2 महीने पहलेलेखक: कपिल राठौर

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इंदौर के जिन PFI के संदिग्ध पदाधिकारियों को पकड़ा है, उन पर पुलिस के खुफिया विभाग की नजर लंबे समय से थी। जेल जा चुके लोगों की हरसंभव मदद का आश्वासन ईद पर PFI ने दिया था। 3 मई को ईद के मौके पर सदर बाजार ईदगाह के बाहर PFI के सदस्यों ने फंडिंग के लिए बैनर-पोस्टर तक लगाए थे। कुछ लड़कों ने पर्चे भी बांटे थे। यहीं से वह एनआईए की नजर में चढ़ गए। जानिए इनकी पूरी करतूतें और किसकी क्या भूमिका थी..

इंदौर ईदगाह के बाहर कुछ समय पहले PFI ने माइक लगाकर अनाउंसमेंट किया था- पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया झूठे इल्जाम में जेल में बंद बेगुनाह लोगों की कानूनी मदद करता है। ईद पर लाउडस्पीकर से PFI के कामों की जानकारी भी दी जा रही थी। यह पूरा घटनाक्रम तब पुलिस की खुफिया टीम ने रिकॉर्ड कर लिया था। इसकी रिपोर्ट शीर्ष पुलिस अफसरों को भी दी गई थी। इस दौरान एक पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व विधायक और शहर काजी भी वहीं आसपास किसी कार्यक्रम में मौजूद थे। इससे एजेंसियां और चौकन्नी हाे गईं लेकिन नेताओं की भूमिका इसमें नहीं थी। लेकिन PFI को रडार पर ले लिया गया।

दंगे भड़काने वालों की मदद कर रहा था PFI
सिंतबर 2021 में खजराना टीआई दिनेश वर्मा ने हिंदू संगठनों पर गोलियां चलाने और शहर में दंगा भड़काने की साजिश के मामले में अल्तमश अबरार खान, उसके साथी इरफान, इमरान और जावेद को पकड़ा था। पुलिस का दावा था कि अल्तमश पाकिस्तानी ग्रुप के अलावा भीम आर्मी में शामिल था। करीब 200 ऐसे लोग उसके संपर्क में थे। अल्तमश व उसके साथियों के जेल जाने के बाद PFI ही इनकी कानूनी मदद कर रहा था। इतना ही नहीं अल्तमश, इरफान व इमरान के परिवार की हर जरूरत को PFI ने पूरा किया था। पुलिस का दावा है कि पर्दे के पीछे से PFI ही कोर्ट में उनकी मदद कर रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तारी के वक्त अल्तमश के मोबाइल में SDPI और PFI के पदाधिकारियों के नंबर मिले थे।

3 मई को ईद के मौके पर मुस्लिम युवाओं से सदर बाजार ईदगाह परिसर में PFI की ब्रांडिंग कराई थी।
3 मई को ईद के मौके पर मुस्लिम युवाओं से सदर बाजार ईदगाह परिसर में PFI की ब्रांडिंग कराई थी।

बिल्डिंग वाले बोले- रोज शाम को आते थे युवा मुस्लिम
इंदौर में PFI का ऑफिस जिस बिल्डिंग में संचालित होता है, वहां गुरुवार को पूरे दिन रोजाना की तरह चहल-पहल रही। दैनिक भास्कर को आसपास के दुकानदारों ने बताया कि PFI के ऑफिस में हर दिन मुमताज, अब्दुल और करीम आते थे, पर वे क्या करते थे हमें नहीं पता, ना ही कभी पता करने की कोशिश की। शाम को कई मुस्लिम युवा इनसे मिलने आते थे। यह बिल्डिंग सलीम खान की बताई जा रही है। सलीम ने अपनी बिल्डिंग में कुछ ऑफिस और दुकानें किराए पर दे रखी हैं। इसी बिल्डिंग में जिम भी संचालित होता है।

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इसी ऑफिस से वायरल होते थे मैसेज, प्लानिंग भी यहीं
सूत्रों से पता चला है कि PFI के गिरफ्तार नेता सदर बाजार के ऑफिस से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे। सोशल मीडिया पर अपने मैसेज वायरल भी यहीं से करते थे। ऑफिस में मिलने आने वाले लड़कों को तैयार कर उन्हें PFI के प्रचार-प्रसार का जिम्मा सौंपा जाता था। इसी बिल्डिंग में PFI अपनी पूरी प्लानिंग करता था।

वहीं सांवेर रोड के एक अन्य मुस्लिम व्यापारी का नाम भी इस मामले में सामने आ रहा है। उसे भी NIA द्वारा उठाने की बात कही जा रही है। लेकिन मामले में अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

मार्शल आर्ट की आड़ में ट्रेनिंग कैंप, खाड़ी देशों से आया पैसा

विदेश से फंडिंग: सूत्रों से पता चला है कि PFI को सऊदी अरब, ओमान, कतर, कुवैत, यूएई और बहरीन से फंडिंग की जा रही है। रकम हवाला, फैमिली मेंटेनेंस और बोगस खातों में भेजी जा रही है। पूरा नेटवर्क यूएई के होटल से संचालित हो रहा है।
युवाओं का ब्रेनवॉश: सीएए, नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन में PFI का कनेक्शन सामने आया। दिल्ली दंगों, उदयपुर के कन्हैयालाल और अमरावती के उमेश कोल्हे हत्याकांड में इससे जुड़े लोग गिरफ्तार हुए। पता चला कि PFI युवाओं का ब्रेनवॉश कर संगठन से जुड़ने के लिए तैयार कर रहा है।
आतंक की ट्रेनिंग: आईबी को इनपुट मिला कि पीएफआई मार्शल आर्ट, कुंग फू और जिम की आड़ में युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग दे रहा है। निजामाबाद में कराटे सेंटर में ऐसी ट्रेनिंग का खुलासा हुआ। आंध्र प्रदेश में भी ऐसे कैंप चल रहे हैं।

कार्रवाई की चश्मदीद महिला ने कहा था- 10 से 12 महिला कांस्टेबल भी आई थीं

अब जानिए PFI के संगठन SDPI नेताओं के बारे में जो चुनाव जीतकर मध्यप्रदेश में पार्षद बनें

SDPI के पार्षदों का पीएफआई केस से अभी तक कोई सीधा कनेक्शन नहीं आया है। दैनिक भास्कर ने रामपुरा और मनासा के थाना इंचार्ज से बातचीत की। दोनों ने दावा किया कि जफर शाह और अरबीना बी ने सामान्य तरीके से ही चुनाव लड़ा। हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। न ऐसा कोई मूवमेंट लगा। हां, यह जरूर है कि सभी कम पढ़े लिखे हैं या निरक्षर हैं। पिछड़ी बस्तियों से ही चुनाव लड़े हैं। मनासा के प्रभारी अधिकारी ने भी लगभग ऐसा ही मिलता जुलता बयान दिया है। गौरतलब है SDPI को PFI का राजनीतिक विंग कहा जाता है।

PFI के राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के चार पार्षद चुने गए हैं। ये नीमच और शाजापुर में मुस्लिम बहुल क्षेत्र से जीते हैं। इंदौर में भी SDPI ने तीन वार्डों से पार्षद उम्मीदवार खड़े किए थे।
PFI के राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के चार पार्षद चुने गए हैं। ये नीमच और शाजापुर में मुस्लिम बहुल क्षेत्र से जीते हैं। इंदौर में भी SDPI ने तीन वार्डों से पार्षद उम्मीदवार खड़े किए थे।

NIA की PFI पर कार्रवाई की ये खबरें भी पढ़ें...

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार आधी रात को इंदौर और उज्जैन से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 4 पदाधिकारियों को अरेस्ट किया। इंदौर से PFI के प्रदेशाध्यक्ष अब्दुल करीम बेकरीवाला, अब्दुल जावेद और मुमताज कुरैशी को उठाया था। NIA ने उज्जैन से जमील शेख नामक युवक को हिरासत में लिया था। इनके पास से कई तरह के संदिग्ध और भड़काऊ दस्तावेज भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई इंदौर और उज्जैन में देर रात 1 से 3 बजे की बीच की गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

'जब चूड़ी वाले का साथ किसी ने नहीं दिया। तब हमारे संगठन SDPI (PFI की पॉलिटिकल विंग मानी जाती है) ने चूड़ी वाले तस्लीम की मदद की। हर महीने उसके परिवार तक 10 हजार रुपए पहुंचाए। चूड़ी वाले तस्लीम को समझौता कराने वाले भी बजरंगी ही हैं। पहले जेल भिजवाया, फिर समझौता कराया ताकि चुनाव में फायदा उठा सकें।' ये भड़काऊ बयान PFI के इंदौर शहर अध्यक्ष मुमताज कुरैशी के हैं। ये बयान नगरीय निकाय चुनाव के वक्त दिए थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

बुधवार देर रात नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की टीम इंदौर में थी। NIA ने टेरर फंडिंग के मामले में पीएफआई के पदाधिकारियों को पकड़ा और दिल्ली ले गई। NIA की कार्रवाई गुरुवार सुबह तक चली। इस कार्रवाई को कवर देने के लिए इंदौर पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त की। इस कॉम्बिंग गश्त में 9 थानों और रिजर्व पुलिस के सौ से ज्यादा जवान व अफसर शामिल हुए। बुधवार देर रात शुरू हुई कॉम्बिंग गश्त भी गुरुवार सुबह तक जारी रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

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