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उपभोक्ता फोरम:6 साल तक कानूनी लड़ाई, सर्जरी सही साबित करने मुंबई के डाॅक्टर की वीडियो काॅल, कनाडा की जांच रिपोर्ट पेश; तब महिला को मिला मेडिक्लेम

इंदौर12 दिन पहले
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खास बात यह कि इस केस से यह भी स्पष्ट हो गया कि मेडिक्लेम में फेमेटो लेजर सर्जरी संभव है - Dainik Bhaskar
खास बात यह कि इस केस से यह भी स्पष्ट हो गया कि मेडिक्लेम में फेमेटो लेजर सर्जरी संभव है
  • 58 वर्षीय महिला ने 2015 में कराया था बीमा, आंखों की केटरेक्ट सर्जरी कराई थी, महिला के पति ने ही लड़ा केस

शहर की एक महिला ने मेडिक्लेम हासिल करने के लिए छह साल तक संघर्ष किया। जिस तकनीक से आंख का ऑपरेशन कराया, वह तकनीक भी सही और आधुनिक है, यह साबित कराने के लिए उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष और सदस्यों के बीच डाॅक्टर को वीडियो काॅल पर लिया। कनाडा की एक एजेंसी की रिपोर्ट पेश की, जिसमें उस तकनीक को बेहतर बताया गया। फोरम के संतुष्ट होने के बाद क्लेम दिए जाने के आदेश जारी हुए।

खास बात यह है कि इस मामले में महिला के पति ने ही केस लड़ा। मामला भारती पति विवेक झंवर (58) का है। उन्होंने 2015 में अपोलो म्युनिख हेल्थ इंश्योरेंस से मेडिक्लेम कराया था। 2017 तक 3.60 लाख रुपए की रिस्क कवर थी। उक्त कंपनी बाद में एचडीएफसी एग्रो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में मर्ज हो गई थी। इस बीच 17 जनवरी 2017 को भारती की दायीं आंख और 31 जनवरी 2017 को बायीं आंख की केटरेक्ट सर्जरी हुई। उन्होंने 9 फरवरी 2017 को कंपनी में दोनों आंखों के लिए क्लेम फॉर्म क्रमश: 71113 रुपए और 68117 रुपए का जमा कराया था।

सिर्फ 117 रुपए देने का आदेश दिया

कंपनी ने 41113 रु. व 38000 रु. ही मंजूर किए। फेमेटो लेजर लैंसर के चार्जेस का 30-30 हजार रुपए का भुगतान नहीं किया। भारती ने 31 मार्च 2017 को बीमा लोकपाल (भोपाल) में शिकायत की। लोकपाल ने कहा फेमेटो लेजर सर्जरी की क्या आवश्यकता थी, यह इलाज करने वाले डॉक्टर ने नहीं बताया, इसलिए बीमा कंपनी द्वारा किए गए क्लेम के निराकरण को उचित ठहराया। इसमें सिर्फ मेडिसिन के 117 रुपए ही जो कंपनी ने काटे थे, उसे फरियादी को देने का आदेश दिया।

FDA के मानक स्तर का हवाला

महिला के पति ने डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में अपील की। बताया कि भारती की सर्जरी राजस नेत्र एवं रेटीना रिसर्च सेंटर पर डॉ. आरएस चौधरी द्वारा की गई है। उनके द्वारा प्रमाण दिए गए कि फेमेटो सेकंड लेजर मशीन व प्रोवेन टेक्नोलॉजी है। यह FDA मानक स्तर जो अमेरिका में उत्पादों की गुणवत्ता के आकलन के लिए होता है, उक्त मानक स्तर की मशीन है। इस मशीन से कई ऑपरेशन हुए हैं। इसके साथ ही अपनी रिपोर्ट पेश की।

फोरम ने माना नई मेथड से सर्जरी कराना गलती नहीं

फोरम ने माना कि फेमेटो लेजर सर्जरी एक प्रोवेन मेथड है। डॉ. चौधरी द्वारा दिए गए प्रमाण पत्रों से प्रमाणित होता है कि डॉक्टर नई टेक्नोलॉजी को बेहतर समझते थे और उन्होंने इसे इलाज की आवश्यकता समझा। ऐसे में महिला ने इस मेथड से सर्जरी कराकर कोई गलती नहीं की है। कंपनी ने दोनों आंखों की सर्जरी को लेकर अपवर्जन क्लाज का तर्क देकर 60 हजार रु. जो काटे हैं, वह उचित नहीं है। फोरम ने एचडीएफसी एग्रो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह महिला को 60 हजार रु., महिला को जो मानसिक प्रताड़ना हुई उसके 10 हजार रु. तथा केस खर्च के 5 हजार रु. अब तक के 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करे। खास बात यह कि इस केस से यह भी स्पष्ट हो गया कि मेडिक्लेम में फेमेटो लेजर सर्जरी संभव है।

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