कंपनियों ने सैनिटाइजर निर्माण रोका:निर्माताओं के पास तीन लाख लीटर से ज्यादा स्टॉक बिकने के इंतजार में

इंदौर8 महीने पहलेलेखक: अनुराग शर्मा
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कोरोना से बचाव के प्राथमिक उपाय माने जाने वाले सैनिटाइजर का उत्पादन शहर में पूरी तरह बंद हो चुका है। शहर के सैनिटाइजर निर्माताओं के पास तीन लाख लीटर से ज्यादा का स्टॉक बिकने के इंतजार में पड़ा है। रिटेलर्स के अनुसार मांग में भारी कमी के कारण ये स्थिति बनी है। सस्ते दामों में बिक रहे अमानक सैनिटाइजर के कारण भी मानक सैनिटाइजर फैक्टरियों में ही पड़ा है। अमूमन यही स्थिति मास्क की भी है। रिटेल मार्केट में मास्क की मांग न के बराबर है। औद्योगिक मांग के कारण शहर में थ्री प्लाय मास्क का उत्पादन जरूर पहले की तरह ही हो रहा है।

सैनिटाइजर निर्माता अभिजीत मोतीवाले ने बताया, पिछले साल सितंबर से शुरू हुई गिरावट अब तक जारी है। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद भी डिमांड बिलकुल नहीं है। सीधा सा कारण है कि लोगों ने सैनिटाइजर का उपयोग बंद कर दिया है। ड्रग मैन्यूफेक्चरर्स के अलावा हर्बल और आयुर्वेदिक निर्माताओं की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है।

स्मॉल स्कैल ड्रग मैन्यूफेक्चररर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु शाह के मुताबिक शहर में करीब 35 सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियां हैं। इनके पास तीन लाख लीटर से ज्यादा का माल स्टॉक में है। पिछले पांच महीनों से यही स्थिति है। निर्माता रोहित मारवाल के अनुसार उत्पादन बंद है। जो भी डिमांड है वो इंडस्ट्रियल लेवल पर ही है। रिटेल में मांग बढ़ेगी तो ही आगे लाइसेंस रिन्यू करवाने के बारे में विचार करेंगे।

कंपनियों ने बंद की सैनिटाइजिंग प्रोसेस
विकल्प सैनिटाइजिंग सॉल्यूशन के अमित खोरे बताते हैं, अनलॉक के बाद टेलीकॉम, स्मॉल फाइनेंस, बैंकिंग क्षेत्र मेें काम करने वाले कई बड़े कॉरपोरेट सैनिटाइजिंग करवा रहे थे। स्थिति सामान्य होने के बाद बड़े पैमाने पर होने वाला सैनिटाइजेशन बंद हो चुका है। भारी मात्रा में सैनिटाइजर खरीदी होती थी। अब पूरी तरह बंद हो चुकी है। इसके कारण भी खपत पर असर आया है।

  • 35 कंपनियां हैं शहर में सैनिटाइजर बनाने वाली
  • 05 महीने से स्टॉक में पड़ा है 3 लाख लीटर सैनिटाइजर
  • 10 फीसदी मास्क शहर में बिक रहे हैं फिलहाल 90 फीसदी मास्क अन्य प्रदेशों में सप्लाय हो रहे

महाराष्ट्र के कारण बढ़ा मास्क का उत्पादन, कॉटन मास्क की मांग
मास्क निर्माता अंकित जैन ने बताया, थ्री प्लाय मास्क की मांग बरकरार है। 50 हजार मास्क रोज बना रहे हैं। 10 फीसदी मास्क शहर में बिक रहे हैं। बाकी ऑर्डर अन्य प्रदेशों के हैं। मोहित अग्रवाल के अनुसार पिछले दस दिनों में अन्य प्रदेशों, खासकर महाराष्ट्र से आने वाले ऑर्डर्स की संख्या बढ़ी है। कपड़ा उद्योग से जुड़े सुधीर जैन के मुताबिक कॉटन मास्क की मांग ज्यादा है।

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