IDA की 5 स्कीमें लागू:ज्यादातर जमीनें कनाड़िया, खजराना और लसूड़िया मोरी की; जमीन मालिकों को मिलेगा 50 प्रतिशत हिस्सा

इंदौर6 महीने पहले
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  • छह महीने में प्रकाशित करना होगा पूरा ड्राफ्ट

नया लैंड पूलिंग एक्ट लागू होने के बाद पूर्व में निरस्त हुई स्कीमों को 8 टीपी स्कीम के नाम से आईडीए फिर लॉन्च कर चुका है। इन 8 स्कीमों में से 5 को शासन की मंजूरी मिल गई है। इस पर आईडीए ने काम शुरू करते हुए एक-एक खसरे की पहचान कर प्रकाशन कर दिया है। अब छह महीने के अंदर इन पांच स्कीमों का पूरा ड्राफ्ट आईडीए को तैयार कर बताना होगा। इन सभी स्कीमों के अलग-अलग लैंड यूज रहेंगे और सिर्फ दो ही आवासीय स्कीमें रहेंगी।

नया लैंड पूलिंग एक्ट आने के पहले आईडीए स्कीम घोषित करने के बाद किसान को 26 प्रतिशत शेयर ही देता था, लेकिन अब किसानों को 50 प्रतिशत शेयर देने के साथ ही आईडीए सड़कें व अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करेगा। फरवरी 2020 में में आईडीए ने 8 स्कीम 134ए, 134बी, 165, 174, 175, 176, 177, 170 को इसलिए निरस्त कर दिया था, क्योंकि इनमें 10 प्रतिशत काम भी नहीं हुआ था।

सालों से किसान इसके लिए परेशान रहे। आईडीए ने स्कीम 170 को छोड़कर, बाकी सभी स्कीमों को वापस लेते हुए टीपी स्कीम 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 और 8 के नाम से फिर घोषित किया। इसमें पुरानी स्कीम 165 के स्थान पर राऊ में लाई गई टीपी स्कीम 2 को लोगों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने निरस्त कर दिया। आईडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय ने बताया बाकी कि सात स्कीमों में टीपी- 6 (बिचौली हप्सी, टिगरिया राव, कनाड़िया) और टीपी 7 (बड़ा बांगड़दा, पालाखेड़ी, टिगरिया बादशाह) को छोड़कर बाकी पांचों में बिना किसी संशोधन के शासन ने स्वीकृति दे दी है।
टीपी स्कीम 1 ;सार्वजनिक और अर्धसार्वजनिक उपयोग के लिए
इंदौर विकास प्राधिकरण की पुरानी स्कीम 134 ए और बी के नाम से रही इसी स्कीम में मुख्य रूप से खजराना क्षेत्र के 106 खसरे नंबर इस स्कीम में शामिल हैं। यह पीएसपी (सार्वजनिक और अर्ध सार्वजनिक) उपयोग के लिए है। यहां पर ऑफिसेस, स्कूल, कोचिंग, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम बन सकेंगे। भूमि स्वामियों को आईडीए 50 प्रतिशत जमीन विकसित कर लौटाएगा। इसके साथ ही पानी की लाइन, बिजली की व्यवस्था, रोड, सीवर लाइन और गार्डन भी आईडीए विकसित करेगा। एमआर- 10 और एमआर- 9 को जोड़ने वाली एक किमी लंबी आरई- 2 सड़क का निर्माण भी आईडीए करेगा।

टीपी स्कीम 3; विकसित किया जाएगा ट्रांसपोर्ट हब
इसमें आईडीए ने पुरानी स्कीम 174 का ही हिस्सा लिया है। इसमें लसूड़िया मोरी के 382, तलावली चांदा के 55, अरंडिया के 6 खसरे सहित शासकीय भूमि भी शामिल रहेगी। यहां पर ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जाएगा।
टीपी स्कीम 4; पूरी तरह से आवासीय रहेगी
पुरानी स्कीम 175 के क्षेत्रों को मिलाकर इस स्कीम में निपानिया के 38 खसरे, कनाड़िया के 67 खसरे शामिल किए गए हैं। यह स्कीम पूरी तरह आवासीय रहेगी और बायपास पर शिशुकुंज वाली रोड से है। एमआर-10 के पार तक जाएगी।

टीपी स्कीम 5; आवासीय और व्यावसायिक रहेगी
इस स्कीम में भी इंदौर विकास प्राधिकरण की पुरानी स्कीम 175 के कनाड़िया के 183 खसरे लिए गए हैं। यह स्कीम टीपी 4 के पास ही होगी और यहां रहवासी उपयोग के साथ ही व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा।

टीपी स्कीम 8 में मिश्रित उपयोग; यह आईडीए की पुरानी स्कीम 177 का नया स्वरूप है और सबसे बड़ी स्कीम रहेगी। इसमें भंवरासला के 18 खसरे, शकरखेड़ी के 37, कुमड़ी के 5, लसूड़िया मोरी के 240, भांग्या के 145, अरंडिया के 50, तलावली चांदा के 120, केलोदहाला के 358 खसरे शामिल हैं। इसका उपयोग आवासीय, ट्रान्सपोर्ट एवं औद्योगिक रूप से किया जाएगा।

अब यह करेगा आईडीए; प्राधिकरण पहले भूमि अधिग्रहण कर विकास और व्यय करता था। भू स्वामी को मात्र मुआवजा मिलता था। लैंड पूलिंग के अधोसंरचना का सारा काम जैसे रोड, जलप्रदाय, सीवरेज, स्टॉर्म वॉटर, विद्युतीकरण, पार्क एवं खुले क्षेत्रों का प्राधिकरण करेगा और भूमि स्वामी को 50 प्रतिशत के बराबर भूखंड मिलेगा। आईडीए को हर स्कीम में 20 प्रतिशत के लगभग लैंड मिलेगा। इसमें निर्माण कर आईडीए स्कीम की लागत निकालेगा।

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