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इंदौर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की अगवानी:सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से सिंगापुर, सूरत और पुणे के लिए की फ्लाइट की मांग

इंदौर19 दिन पहले
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केंद्रीय मंत्री सिंधिया को फ्लाइट संबंधी पत्र सौंपते सांसद शंकर लालवानी। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय मंत्री सिंधिया को फ्लाइट संबंधी पत्र सौंपते सांसद शंकर लालवानी।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सोमवार शाम एयरपोर्ट पर आगमन पर सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी सिलावट समेत बीजेपी कार्यकर्ताओं जोरदार स्वागत की। जहां सांसद लालवानी ने सिंधिया को दो पत्र सौंपे। इसमें इंदौर से सिंगापुर के लिए सीधी फ्लाइट और दुबई फ्लाइट को हफ्ते में 3 दिन चलाने की मांग की। इसके साथ ही इंदौर से पुणे के लिए भी फ्लाइट शुरू करने की मांग की।

लालवानी ने बताया, दुबई की उड़ान को जिस तरह से लोगों का अच्छा फीडबैक मिला है। उसे देखते हुए यह फ्लाइट हफ्ते में 3 दिन चलाने का निवेदन किया है। साथ ही, इंदौर से पुणे और सूरत के लिए भी नई फ्लाइट शुरू करने की मांग की है। लालवानी ने अपने पत्र में लिखा है कि इंदौर और सूरत दोनों बड़े व्यापारिक केंद्र हैं। फ्लाइट शुरू होने से व्यापारियों को आसानी होगी। ऐसे ही पुणे एजुकेशन और आईटी का बड़ा केंद्र है। ऐसे में इन दोनों फ्लाइट के शुरू होने से हजारों यात्रियों को फायदा होगा। इस दौरान सिंधिया ने एयरपोर्ट स्थित देवी अहिल्या माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।
पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।

पूर्व मंत्री स्व. रामेश्वर पटेल को किया याद, सच्चे जनसेवक थे

उज्जैन से लौटने के बाद सिंधिया बिचौली मर्दाना स्थित पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल के निवास पहुंचे और उनके पिता स्व. रामेश्वर पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनमें जनसेवा के लिए समर्पण भाव था। वे उस पीढ़ी के थे जहां जीवनभर समर्पण भाव के आधार पर ही जनता के सुख-दुख में शामिल होते थे। उनका लंबा कार्यकाल रहा और मैं उन्हें एक कुशल राजनीतिज्ञ से ज्यादा सच्चे जनसेवक के रूप में जानता था। उन्होंने त्यनारायण पटेल की ओर इशारा कर कहा कि इनका कंधा अभी मेरे साथ ही है। ये पुराने मेरे साथी रहे हैं और काम भी साथ में किया है। कभी-कभी रास्ते अलग हो जाते हैं लेकिन मेरी भावना वही है।

कांटे हो या फूल हो, सत्य के रास्ते पर चलना है

देवी अहिल्या माता की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि सत्य का रास्ता पकड़ना, मूल्य व सिद्धांतों के आधार पर विकास के लिए समर्पित रहना, जनता की सेवा को मूल मंत्र मानना, लोगों की जिंदगी में विकास और खुशी लाने का मकसद होना चाहिए। इस रास्ते पर कई बार कांटे मिलते हैं, कई बार फूल मिलते हैं। जिंदगी में हमें इस तरह का रास्ता भी अपनाना है, चाहे कांटे हो या फूल हो, लेकिन सत्य का रास्ता अपनाकर जनता के प्रति समर्पित भाव से काम करना है। वही भाव पिछले ढाई महीने से मुझे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा की केबिनेट में शामिल होने का मिला है, मेरी कोशिश रहेगी कि राष्ट्रभर में नागरिक उड्‌डयन क्षेत्र में एक नई वृद्धि, ऊर्जा हम लाए, नई कनेक्टिविटी लाए खासकर छोटे शहरों में क्योंकि प्रधानमंत्री की जो विचारधारा है कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा करें, उसी को लेकर हर राज्य को जोड़ने की कोशिश की और कई फ्लाइट शुरू की। मप्र में भी कई फ्लाइट शुरू की गई हैं।

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