प्रदेश की अर्थव्यवस्था वी शेप में तेजी:वी शेप में बढ़ रही मप्र की अर्थव्यवस्था, 6 माह में ही बीते साल से 7270 करोड़ अधिक वैट, जीएसटी

इंदौर2 महीने पहलेलेखक: संजय गुप्ता
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अप्रैल से सितंबर 2019 में : कुल राजस्व- 16956 करोड़ रुपए, इसमें वैट व प्रोफेशनल टैक्स का हिस्सा 4830 करोड़ रुपए व जीएसटी का हिस्सा 12126 करोड़ रुपए। - Dainik Bhaskar
अप्रैल से सितंबर 2019 में : कुल राजस्व- 16956 करोड़ रुपए, इसमें वैट व प्रोफेशनल टैक्स का हिस्सा 4830 करोड़ रुपए व जीएसटी का हिस्सा 12126 करोड़ रुपए।

कोविड दौर से उबरते हुए मप्र की अर्थव्यवस्था वी शेप में तेजी से आगे बढ़ रही है। अप्रैल से सितंबर माह में वैट और जीएसटी के तहत कुल राजस्व 22014 करोड़ आ चुका है, जबकि बीते साल अप्रैल से सितंबर 2020 के दौरान यह केवल 14744 करोड़ रुपए था यानी छह माह में ही 7270 करोड़ रुपए अधिक मिल चुका है, जो बीते साल से 49 फीसदी अधिक है।

सितंबर माह में कुल टैक्स 3674 करोड़ रुपए मिला है, जबकि बीते साल सितंबर में 2503 करोड़ रुपए ही मिले थे। अप्रैल से सितंबर 2019 की बात करें तो इस दौरान 16956 करोड़ का राजस्व मिला था। इसके बाद कोविड दौर में बीते साल अप्रैल से सितंबर 2020 में कम होकर 14744 करोड़ रुपए हुआ और अब अप्रैल से सितंबर 2021 के दौरान यह बड़कर 22014 करोड़ रु. हो गया।

इस तरह है जीएसटी में टैक्स कलेक्शन

अप्रैल से सितंबर 2020 में

  • राजस्व 14744 करोड़ रु.- इसमें वैट व प्रोफेशनल टैक्स का हिस्सा 5215 करोड़ रु.।
  • जीएसटी में 9529 करोड़ रु. (स्टेट जीएसटी 3358 करोड़, आईजीएसटी सेटलमेंट 3570 करोड़ और कंपनसेशनल 2600 करोड़ रु.)।

अप्रैल से सितंबर 2021 में

  • कुल राजस्व- 22014 करोड़ रु.- वैट व प्रोफेशनल टैक्स का हिस्सा 7240 करोड़ रु.।
  • जीएसटी में 14774 करोड़ रु. (स्टेट जीएसटी 4323 करोड़, आईजीएसटी सेटलमेंट 6097 करोड़ रु. और कंपनसेशनल 4666 करोड़ रुपए)।
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