• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Narmada's Leakage Did Not Improve For 4 Days, If The Tap Came On The 5th Day, Thousands Of Liters Of Water Flowed On The Road

निगम का मिसमैनेजमेंट:4 दिन तक नहीं सुधारा नर्मदा का लीकेज, 5वें दिन नल आए तो सड़क पर बह गया हजारों लीटर पानी

इंदौर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
त्योहार के समय पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। - Dainik Bhaskar
त्योहार के समय पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
  • अधिकारी बोले- हमें अभी मिली लीकेज की जानकारी, आज से सप्लाय सामान्य

जलूद से महू के बीच नर्मदा के पहले व दूसरे चरण की पाइप लाइन का काम चलने के कारण पश्चिमी क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था चार दिन से ठप रही। लोग पानी के लिए परेशान होते रहे। पांचवें दिन गुरुवार को नल आए तो जयरामपुर चौराहे के पास लाइन फूटी निकली। हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहता रहा। चार दिन तक लाइन बंद होने के बाद भी लीकेज नहीं सुधारा गया।

जयरामपुर कॉलोनी के लोग चार दिन से पानी नहीं मिलने के कारण परेशानी झेल रहे थे। पांचवें दिन गुरुवार को नलों में तो पानी नहीं आया लेकिन लाइन में लीकेज होने के कारण सड़क पर सैकड़ों लीटर पानी व्यर्थ बहता रहा। इसको लेकर लोगों ने काफी गुस्सा जाहिर किया। रहवासी महेश जोटवानी व अन्य ने बताया हम पानी के लिए चार दिन से परेशान हो रहे हैं और पांचवें दिन नल आए तो सारा पानी सड़क पर बह गया। नर्मदा के अधिकारियों को लीकेज की सूचना दी तो जवाब मिला कि ठेकेदार को लीकेज सुधारने के लिए कहा था।

चार दिन से परेशानी भोग रहा पश्चिमी शहर

लोगों का कहना था कि जब चार दिन तक मेंटेनेंस के नाम पर पानी नहीं आ रहा था, तब यह सुधार कार्य क्यों नहीं किया गया। नर्मदा प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि लाइन फूटने की जानकारी गुरुवार को ही मिली है। इसका काम तत्काल शुरू कर दिया है और शुक्रवार से सामान्य सप्लाय किया जाएगा। मेंटेनेंस के नाम पर पश्चिमी क्षेत्र के रहवासी चार दिन से जल संकट झेल रहे हैं।

त्योहार के समय पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी के लिए लोग यहां-वहां भटकते रहे। मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में पानी सप्लाय की बात अधिकारियों ने की थी लेकिन बुधवार तक जलापूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। यह लगातार चौथा दिन था जब पश्चिमी क्षेत्र के 10 से ज्यादा टंकियों में जल वितरण नहीं हो पाया।

खबरें और भी हैं...