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आपात स्थिति में राहत के बीच रोड़ा बने अफसर:नीदरलैंड्स ने 24 घंटे में पहुंचाई ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मुंबई से इंदौर आने में लगे 2 दिन, 3 लाख की ड्यूटी, 1 हजार की रिश्वत भी देना पड़ी

इंदौर3 महीने पहलेलेखक: संजय गुप्ता
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एसो. के दफ्तर तक मशीनें बुधवार को पहुंच पाई। - Dainik Bhaskar
एसो. के दफ्तर तक मशीनें बुधवार को पहुंच पाई।
  • नीदरलैंड सरकार ने आपात स्थिति देखते हुए तुरंत सारे क्लीयरेंस जारी किए, लेकिन देश में अफसर उलझाते रहे
  • केंद्र ने कहा- मशीन कस्टम ड्यूटी से मुक्त, शर्तों में जोड़ा- दान से आ रही है तो सर्टिफिकेट लाओ

देश के बाहर रह रहे इंदौर के लोगों ने कोविड के हालात देखते हुए सीए एसोसिएशन इंदौर के साथ मिलकर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन विदेश से भेजने का फैसला लिया। करीब 18 लाख की राशि जमा की। सीए संस्था ने अपने सदस्यों से 12 लाख जुटाए और 30 लाख में 45 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन नीदरलैंड्स से खरीद ली।

वहां की सरकार ने भी आपात स्थिति देखते हुए सारे क्लीयरेंस तत्काल करते हुए केवल 24 घंटे में सभी मशीन सात हजार किमी दूर मुंबई एयरपोर्ट पर 3 मई को लैंड करा दीं। इसके बाद ब्यूरोक्रेसी और सरकार के जटिल आदेशों में मशीन ढाई दिन तक उलझी रही।

आखिरकार करीब तीन लाख की कस्टम ड्यूटी चुकाई गई तब इन्हें मुंबई से रवाना किया गया। रास्ते में चौकी पर भी ट्रक रोका गया और एक हजार रुपए की रिश्वत ली गई। बुधवार शाम को मशीनें इंदौर सीए ब्रांच पहुंच पाई और फिर दान में दी जा सकीं।

इन शर्तों से नहीं मिली रही टैक्स में छूट

सरकार ने इन मशीन को टैक्स फ्री (12%) करने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें कई शर्तें जोड़ दी। शर्त है कि मशीन किसी के द्वारा दान की गई हो और कोविड के लिए किसी ट्रस्ट द्वारा बुलाई गई हो, तो ही छूट दी जा सकती है। इस संबंध में संबंधित एरिया के नोडल अधिकारी का सर्टिफिकेट होना चाहिए, लेकिन नोडल अधिकारी कौन है, यह नोटिफिकेशन में स्पष्ट नहीं है।

टैक्स की रकम से और मशीन आ सकती थी

सीए एसो. चेयरमैन कीर्ति जोशी के अनुसार, शर्तें ऐसी हैं कि इन्हें पूरा करना काफी मुश्किल है। सर्टिफिकेट के लिए भटकते तो सात दिन और मशीन नहीं आती। इसके चलते दान की मशीन पर भी तीन लाख टैक्स देना पड़ा। इतनी रकम से और मशीन ला सकते थे।

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