“ताई” का विमोचन:केंद्रीय मंत्री गडकरी बोले - ताई कभी पूर्व नहीं होंगी, मिलता रहेगा विजन

इंदौर2 महीने पहले

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंदौर के लाभ मंडपम में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन पर लिखी किताब “ताई” का विमोचन किया। इस मौक पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मंत्री पूर्व मंत्री हो जाता है, सांसद पूर्व सांसद हो जाता है, विधायक पूर्व विधायक हो जाता है। मगर ताई कभी पूर्व नहीं होंगी। उनकी इस पुस्तक से कार्यकर्ताओं को विजन मिलेगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी सहित पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा सहित अन्य ने सुमित्रा महाजन पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया।

पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन पर लिखी पुस्तक का हुआ विमोचन
पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन पर लिखी पुस्तक का हुआ विमोचन

ताई पर कसा तंज; इंदौर की जनता व कार्यकर्ताओं ने आपको पचाया भी

उन्होंने कहा कि ताई आपने अपने जीवन में बहुत अच्छा कार्य किया है। आपके कार्य और कार्यकर्तापन आदर्श के रूप में सभी कार्यकर्ताओं के सामने है। आप में सबसे अच्छी और बड़ी बात आपका व्यक्तित्व और आपका कार्य है। एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में आपका जो व्यक्तित्व है वह परमनेंट रहेगा, जब तक है तब तक रहेगा। यह सतत प्रेरणा देता रहेगा। फिर कहा कि हमने आठ बार ताई को जिताया। मैं उन्हें बहुत नजदीक से जानता हूं वह बहुत पापुलर नहीं है। उन्होंने चुटकी ली कि जब तक चाय में शक्कर नहीं डालो तो चम्मच दौड़कर नहीं आता। उन्होंने दोहराया कि ताई मैं आपका स्वभाव जानता हूं। यहां के लोगों ने आपको आठ बार जिताया और जनता व कार्यकर्ताओं ने आपको पचाया। आप मूल्यों पर विश्वास रखने वाली, कोई छल-कपट नहीं करने वाली, ईमानदारी के बारे में कठोरता से उसका पालन करने वाली रही है। इस किताब से अच्छी प्रेरणा मिलेगी।

फूलमालाओं की खिलाफत

अपने उद्बबोधन में गडकरी ने कहा कि मैं होर्डिंग और कटआउट वाली राजनीति के भी खिलाफ हूं। मैंने आज तक कोई कट ऑउट नहीं लगाया और न ही समर्थकों को लगाने दिया। उन्होंने एयरपोर्ट पर लेने और छोड़ने आने वाली परंपरा को भी फिजूल बताया और कहा कि छोड़ने और लेने जाना समय और एनर्जी दोनों की हानि है।

सम्मान की हकदार जनता- ताई

इसके पहले पूर्व लोकसभा स्पीकर ने सुमित्रा महाजन ने कहा कि मैं इस सम्मान की हकदार नहीं हूं। यह सम्मान जनता का है जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाया। इस दौरान उन्होंने अपनी पुस्तक में छपे कुछ संस्मरणों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विपक्ष के रहने के दौरान लोकसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया से कैसे संवाद होता था। खुद गडकरी भी जब बोलते थे तो वह विपक्ष को संतुष्ट कर देते थे। अनंlकुमार के भी कुछ किस्सों का जिक्र किया।

आज हर देशवासी के मन और भावना में तिरंगा

रिजुविनेट हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर द्वारा तिरंगा अभियान में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि हमारा देश दुनिया में सबसे अधिक विविधता से परिपूर्ण देश है। इसके बावजूद हमने एक अखण्ड राष्ट्र के रूप में हमेशा लोगों के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत किया है। आज हर देशवासी के मन और भावना में तिरंगा लहरा रहा है। भारत की इसी विशेषता रके सामने पूरी दुनिया नतमस्तक है। इस पर पर उन्होंने रिमोट से 100 फीट तिरंगा लहराया। इसके साथ ही सभी को एकता व अखण्डता की शपथ दिलाई।

तिरंगा अभियान कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी।
तिरंगा अभियान कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी।

पश्चिमी रिंग रोड निर्माण लेकर जानी स्थिति, सर्वे पूरा

इसके पूर्व मंत्री गडकरी होटल मैरिएट में एनएचएआई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेने पहुंचे। समयाभाव के कारण उन्होंने अधिकारियों से मप्र में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें प्रेजेंटेशन के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि वे जल्द इसका रिव्यु करेंगे। इस मौके पर उन्हें देवास विधायक गायत्रीराजे पवार से भी कुछ खास बिंदुओं पर बात की। इसके बाद सांसद शंकर लालवानी ने उन्हें प्रमुख लोगों से मिलवाया और कुछ प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। इस दौरान महत्वाकांक्षी पश्चिमी रिंग रोड निर्माण लेकर भी स्थिति जानी तो बताया गया मामले में सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसमें रिंग रोड को उत्तरी-पश्चिमी से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि उन्होंने पिछले साल पश्चिम रिंग रोड को लेकर करोडों रु. की राशि स्वीकृति की थी।

लीडरशिप कहती है- कोई आदमी बेकार नहीं, कोई मटैरियल वेस्ट नहीं

आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित व्याख्यान “आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम” समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देवी अहिल्या विवि के छात्रों को लीडरशिप के मंत्र दिए। उन्होंने कहा लीडरशिप कहती है कोई आदमी बेकार नहीं होता और कोई मटेरियल वेस्ट नहीं होता है। भारत में 65 प्रतिशत आबादी 18 से 40 वर्ष के बीच की है। ये ही लोग आने वाले समय में देश ही नहीं दुनिया को लीड करेंगे। राजनीति में लीडरशिप कहती है कोई आदमी बेकार नहीं होता, कोई मटैरियल वेस्ट नहीं होता। लीडर को हर व्यक्ति से काम लेना आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यहां जो स्ट्रेंथ है वो बाकी देशों में नहीं है। आप कहीं वेस्टर्न कंट्री में जाओगे तो वहां लोगों की कमी है। वहां सीनियर सिटीजन्स हैं, यंग लड़के नहीं हैं। उनकी संख्या बहुत कम है। आने वाले समय में पूरे विश्व को दिशा देने वाली, क्षमता रखने वाली यंग टेलेंटेड इंजीनियरिंग मेन पॉवर दुनिया के किसी देश में है तो हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि वह हिन्दुस्तान है। मेरा राजनीति जीवन की शुरुआत भी वहीं से हुई, मैं स्टूडेंट लीडर था। वहीं से कुछ सीखते हुए आगे राजनीति में जाने का मौका मिला।

कार्यक्रम के पहले राष्ट्रगान किया गया।
कार्यक्रम के पहले राष्ट्रगान किया गया।

राजनीतिक का मतलब समझाया
इसकी परिभाषा ही गलत बताई जाती है। इसका सही मतलब पॉवर पॉलिटिक्स नहीं है। सत्ताकारण पॉलिटिक्स नहीं है। राष्ट्रकारण, समाज कारण और विकास कारण है। राजनीति का मतलब है लोकनीति, वृहत्त राजनीति और धर्मनीति। पॉलिटिक्स सोशियो इकॉनॉमिक सेक्टर के क्षेत्र में लगातार काम करना ही राजनीति है।

आग बुझाने में चिडिया की भूमिका को बताया

उन्होंने कहा कि हमें सिखाया जाता है कि हमसे उम्र में बड़े लोगों को उनका आदर सम्मान करना चाहिए। भूखा अगर होगा तो उसे खिलाना चाहिए। अनेक लोग गरीब होते हैं। मई माह में जब विशेषकर पानी नहीं मिलता तो घर के सामने मटके में पानी रखकर पानी पिलाते हैं। मैं इंदौर के एक अधिवेशन में भाजपा अध्यक्ष के रूप में आया था तो जैन मुनि की एक कविता बताई थी। एक बार बहुत बड़ी आग लग और अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड को फोन किया और बुझाने की कोशिश होने लगी। इस दौरान एख छोटी सी चिडिया चोंच में पानी लेकर आग पर डालने जा रही थी। उससे कौवे ने उससे पूछा कि तुमको क्या लगता है कि इतनी बड़ी अंगार में छोटा सा पानी लेकर जा रही हो, उससे क्या होने वाला है? उसने कहा सभी कोशिश कर रहे हैं, मं भी कर रही हूं। जब आग बुझाने का इतिहास लिखा जाएगा तब मेरा भी नाम आग बुझाने वालों में होगा, लगाने वालों में नहीं।

ऐसे बदल सकती है मप्र की इकॉनोमी
मप्र में सोयाबीन का उत्पादन 6 क्विंटल होता है। ब्राजील में 26 क्विंटल अर्जेंटीना में 28 क्विंटल, अमेरिका में 30 क्विंटल होता है एक एकड़ में। हमारे यहां 6 क्विंटल होता है। हम इसमें संशोधन करेंगे तो कितना बड़ा चमत्कार हो जाएगा मप्र की इकोनॉमी बदल जाएगी। मप्र के आसपास के मालवा क्षेत्र का ग्रोथ रेट बदल जाएगा। नीड बेस रिसर्च क्या होना है। वहां कौन से रॉ मटेरियल अवेलेवल है। आत्मनिर्भर भारत बनाने का फंडा कोई है तो वह है नीड को इन्क्रीज अवर एक्सपोर्ट वी नीड को रिडियूज अवर इंपोर्ट आप ये कर सकते है।

गडकरी ने दिया यूनिर्सिटी को सुझाव
प्रोग्राम में मंच से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यूनिवर्सिटी अधिकारियों को सुझाव दिया कि जो आपका डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक मैनेजमेंट है वे रिसर्च करें की हम क्या एक्सपोर्ट करते है और क्या इंपोर्ट करते है। मप्र में, इंदौर में, आसपास में बहुत अच्छी इंडस्ट्री है। ऐसी कौन सी चीजें है जो हम एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कॉन्ट्रीब्यूट कर सकते है। हमारे यहां इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट है इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट है पर हमारे पास इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप नहीं है। इंटरप्रेन्योरशिप का संबंध एजुकेशन नहीं है। मैं मानता हूं हमारे यहां इंटप्रेन्योरशिप जगाना चाहिए।

विवि बनाएगा खुद का आईटी पार्क - उच्च शिक्षा मंत्री
आयोजन में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस प्रकार से हम योजना बना रहे है आने वाले समय में हमारी यूनिवर्सिटी को विश्व के टॉप 100 विश्वविद्यालय में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भविष्य में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आईटी पार्क बनाने की योजना पर भी चर्चा की जा रही है जिससे यहां के विद्यार्थियों को ना केवल रोजगार मिलेगा बल्कि इंदौर एवं प्रदेश का आर्थिक विकास भी हो सकेगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी का खुद का मेडिकल कॉलेज और एग्रीकल्चर कॉलेज खोले, कई व्यवसायिक कोर्स खोले जिससे स्टूडेंट्स का भविष्य अच्छा हो।
मीडिया से चर्चा में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नितिन गडकरी जी ने कई नवाचार किए है। हाईड्रोजन से हमारे फ्यूल के रूप में गाड़ी चलेगी यह नितिन गडकरी जी ही कर सकते है। यूनिवर्सिटी को आवश्यकतानुसार रिसर्च करने के सवाल पर कहा कि विवि होते ही रिसर्च के लिए है।