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नया खतरा मौसमी बीमारियों ने बढ़ाई मुसीबत:अब डेंगू और वायरल के मरीज बढ़े, कई अस्पतालों में 50 से 60 फीसदी बेड फुल, 8 नए मरीज भी मिले

इंदौर15 दिन पहले
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कोराेना के बाद अब शहर में डेंगू और वायरल फीवर के मरीज बड़ी तादाद में सामने आ रहे हैं। सोमवार को डेंगू के 8 नए मरीज मिले। प्रशासनिक आंकड़े के हिसाब से डेंगू मरीजों की संख्या 86 हो गई है, लेकिन निजी अस्पतालों व डॉक्टर्स के पास जिस तरह से मरीज आ रहे हैं, उससे ये आंकड़ा कहीं ज्यादा होने की आशंका है। इसका संकेत खुद कलेक्टर मनीष सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक में दिया।

उन्होंने कहा कि डेंगू के मरीज आसपास के जिलों से भी आ रहे हैं। सतर्कता व सावधानी बढ़ाने की जरूरत है। ये बीमारी कोरोना से भी खतरनाक है। उन्होंने कहा, दवाई का छिड़काव बढ़ा दें, कहीं भी लापरवाही न हो। इधर, निजी अस्पतालों से जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वह चौंकाने वाली हैं। डॉल्फिन अस्पताल में 70 बेड हैं और सभी फुल हैं। इसका मतलब ये है कि बच्चे भी डेंगू और वायरल का शिकार हो रहे हैं।

चाचा नेहरू अस्पताल में 100 बेड हैं, जिसमें से 80% पर मरीज हैं। यूरेका अस्पताल में 55 बेड हैं, जिसमें से 50% पर डेंगू व वायरल के मरीजों का उपचार चल रहा है। यही स्थिति कोरल हॉस्पिटल की है, यहां 70 बेड पर 50 से 60% मरीज मौसमी बीमारी के कारण भर्ती हैं। शेष|पेज 7 पर

बॉम्बे हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार, उनके यहां 35 बेड पर इन दोनों बीमारियों के मरीज भर्ती हैं। चिंता इस बात की है कि बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। चाचा नेहरू अस्पताल के अधीक्षक डॉ. हेमंत जैन के मुताबिक, अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीज 50 फीसदी हैं, उसमें भी डेंगू ज्यादा है। बच्चों में ज्यादातर वायरल हो रहा है। सही समय पर उपचार मिलने से बहुत गंभीर मरीज ज्यादा नहीं हैं। अधिकांश मरीज तीन-चार दिन के इलाज से ठीक हो रहे।

हर दिन जांच रहे 30-40 सैंपल पड़ोसी जिलों से आ रहे मरीज

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। एमजीएम की माइक्रोबायोलॉजी लैब में रोज 30 से 40 डेंगू सैंपल की जांच हो रही। निजी लैबों में यह संख्या 150 से 200 के बीच है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश बिरला कहते हैं, कोविड से बचने के लिए सिर्फ टीके पर निर्भर थे, लेकिन ये बीमारी ऐसी है कि बचाव हो सकता है। रतलाम, बड़वानी, उज्जैन, धार सहित कई जिलों से मरीज आ रहे हैं। कम प्लेटलेट्स और शॉक की स्थिति में भी मरीज आए हैं।

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