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इंदौर में कोरोना की नई गाइड लाइन:कोविड सैम्पल में गलत मोबाइल नंबर व पता मिलने पर लैब संचालक पर होगी FIR

इंदौर5 दिन पहले
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पाबंदियां बढ़ाने बाद इंदौर कलेक्टर ने भी लोकल गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत अब कोविड सैैम्पल लेने के दौरान गलत मोबाइल नंबर व पता पाए जाने पर लैब के खिलाफ FIR दर्ज होगी। इसके साथ ही मास्क नहीं पहनने या नाक के नीचे होने पर 200 रु. जुर्माना होगा।

इस बार अब तक तीन बार गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। 23 दिसंबर 2021 के बाद गृह मंत्रालय ने नए साल में 5 जनवरी और 14 जनवरी को यानी आज गाइडलाइन जारी की है। ऐसे में आप आसान तरीके से जान सकते हैं कि इंदौर में भी कोरोना के कारण लागू की पाबंदियों में से कौन किस तरह से प्रभावित होगा।

लैब संचालकों के लिए

सैम्पल लेते समय संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर व पता अवश्य डाले। संबंधित व्यक्ति द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर की पुष्टि अवश्य की जाएं। इसके साथ ही घर के पते की पुष्टि उसके फोटोयुक्त पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि से की जाएं। गलत नंबर व या गलत पता पाए जाने पर लैब के खिलाफ धारा 144 के आदेश का उल्लंघन माना जाकर यह धारा 188 के तहत अपराध माना जाएगा और केस दर्ज किया जाएगा।

पहली से 12वीं तक के स्टूडेंट्स व होस्टलर्स के लिए

पहली से 12वीं तक की कक्षा के सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूल तथा इनसे संबंधित होस्टल 31 जनवरी तक बंद रहेंगे। जनवरी 2022 में आयोजित होने वाली प्री-बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। अभी कोचिंग को लेकर गाइडलाइन में कोई उल्लेख नहीं है।

स्कूल</strong>/कॉलेज, विश्वविद्यालय, पीईबी, कोचिंग से जुड़े हैं तो

- कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई ऑफलाइन ही चलेगी। 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ ऑफलाइन मोड से सेमेस्टर परीक्षाएं जारी रहेंगी।

- कोचिंग क्लास, स्विमिंग पूल, क्लब या स्टेडियम में आने वाले स्टूडेंट्स यदि 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं तो उन्हें वैक्सीन के दोनों डोज लगाने पर ही एंट्री मिलेगी। 18 वर्ष से कम उम्र वालों पर कोई बंधन नहीं रहेगा। कोचिंग क्लास में स्टूडेंट्स के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखना जरूरी रहेगा। ऐसा न करने पर संचालक पर कार्रवाई होगी।

- सभी स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल के प्रिंसिपल, शिक्षक, प्रोफेसर व स्टाफ को वैक्सीन के दोनों डोज लगवाना अनिवार्य है। वहीं, 18 वर्ष से अधिक उम्र के स्टूडेंट्स जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है, उन्हें वैक्सीन लगवाने की जिम्मेदारी संस्था के प्रमुख पर होगी। 18 से कम उम्र पर किसी तरह की सख्ती नहीं होगी।

रात 11 से सुबह 5 बजे तक नहीं निकल सकेंगे

रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बिना कारण नहीं निकल सकेंगे। अगर जरूरी काम से निकलना है तो उससे जुडे कागजात जरूर साथ रखें।
कारोबारी या दुकानदार हैं या वहां काम करते हैं तो क्या?

रात 11 बजे से कर्फ्यू लागू होगा, इसलिए रात 10.30 बजे ही हर हाल में दुकान बंद करना होगी ताकि शेष बचे 30 मिनट में व्यापारी और स्टाफ घर चले जाएं। व्यापारी और कर्मचारियों को वैक्सीन के दोनों डोज लगाना अनिवार्य है। यदि किसी ने वैक्सीन नहीं लगाई है तो संबंधित व्यापारी, एसोसिएशन और मालिक जिम्मेदार होंगे। बिना मास्क के न तो कोई सामान बेच सकेंगे और न ही खरीद पाएंगे।

दोनों डोज का स्क्रीन शॉट रखें

कहीं भी जा रहे हैं तो दोनों डोज का स्क्रीन शॉट जरूर साथ रखें। यह हर जगह दिखाना ही पड़ेगा। हार्ड कॉपी भी रख सकते हैं। आई कार्ड या ट्रांजिट पास की तरह काम आएगा।

15 से 18 साल से कम्र उम्र के पहले डोज का शॉट रखें

15 से 18 साल के उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन की पाबंदी नहीं है। उन्हें हर जगह एंट्री है लेकिन उम्र का सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है। पहला डोज लगा लिया है तो उसका स्क्रीन शॉट या हार्ड कॉपी साथ में रखें।

खेल प्रतियोगिता आयोजकों के लि

खेलकूद संबंधी गतिविधियों के लिए स्टेडियम की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति के साथ आयोजन नहीं हो सकेंगे। स्टेडियम में दर्शकों के आने पर रोक रहेगी।

राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक व व्यवसायिक संगठनों के लिए

संगठन किसी भी प्रकार के मेले, जुलूस, रैलियों का आयोजन कर जनसमूह को इकट्‌ठा नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक आयोजनों में भी 250 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। बैठक करने पर हॉल की कुल क्षमता से 50 प्रतिशत लोग ही शामिल हो सकते हैं।

इंडस्ट्रीज और उनसे जुड़े लोग हैं तो

नाइट कर्फ्यू में भी इंडस्ट्रीज खुलेंगी। उद्योगपति, उसके अधिकारी-कर्मचारियों और मजदूरों को आने-जाने की छूट रहेगी। पहचान पत्र रखना जरूरी होगा ताकि कोई परेशानी न हो। कच्चा या तैयार माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर ड्राइवर ले जा सकेंगे ।

अस्पताल, मेडिकल इंश्योरेंस से जुड़े हैं तो

सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लिनिक और मेडिकल स्टोर्स चलाते हैं या वहां नौकरी करते हैं तो कोई रोक-टोक नहीं है। संचालक, डॉक्टर, नर्स-स्टाफ, फॉर्मासिस्ट पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी, लेकिन उन्हें पुलिस द्वारा मांगे जाने पर अपना आईडी दिखाना पड़ेगा। मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी या अन्य स्वास्थ्य इमरजेंसी सेवाओं के लिए आवागमन करने पर छूट मिलेगी।

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स या थिएटर चलाते हैं तो

नाइट कर्फ्यू रात 11 बजे से शुरू है। इसलिए संचालक रात 10 से 10.30 बजे के बीच शो बंद कर रहे हैं। संचालक उन्हीं दर्शकों को एंट्री दे सकेंगे जिन्होंने दोनों डोज लगवाएं हों। इसके लिए हर दर्शक का सर्टिफिकेट देखना होगा। 18 से कम उम्र के लोगों को छूट रहेगी। थिएटर में प्रत्येक कर्मचारी को वैक्सीन की दोनों डोज लगाया जाना जरूरी रहेगा।

सरकारी अधिकारी-कर्मचारी हैं तो

कोरोना ड्यूटी कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों को नाइट कर्फ्यू से छूट रहेगी। इमरजेंसी सेवाएं जैसे- फायर, पानी, सफाई से जुड़े कर्मचारी भी बिना रोक-टोक बाहर निकल सकेंगे। उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना अनिवार्य है। जिन्हें दोनों डोज नहीं लगे हैं, उनकी पहचान की जाएगी और डोज लगाया जाएगा। यह जिम्मेदारी विभाग प्रमुख की होगी।

रात में ट्रेन, फ्लाइट या बस से सफर करने के लिए

यदि आप नाइट कर्फ्यू के दौरान एयरपोर्ट, बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन से लौट रहे या जा रहे हैं, तो आपको अपने पास टिकट रखना होगा। वैक्सीन की दोनों डोज लगाने का सर्टिफिकेट भी रखना होगा। टिकट या वैक्सीन प्रमाणपत्र मोबाइल में दिखा सकते हैं।

गर पॉजिटिव मिले तो क्या?

अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं। माइल्ड केस के साथ होम आइसोलेशन में हैं। लगातार 3 दिन तक बुखार भी नहीं आया है, तो 7 दिन में खुद को कोरोना निगेटिव मान लीजिए, क्योंकि केंद्र सरकार ने कोरोना की गाइडलाइन में बदलाव किया है। अब तक 10 दिन में निगेटिव की गाइडलाइन थी। इस प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था। नई गाइडलाइन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने भी लोगों को नए प्रोटोकॉल के बारे में बताया है।

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