इंदौर में बच्चाें का होगा सीरो सर्वे:इंदौर में 18 साल से कम उम्र के बच्चों में जांचेंगे एंटीबॉडी, 40 टीमें लेंगी सैंपल

इंदौर3 महीने पहले
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सीरो सर्वे को लेकर बैठक लेते कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा। - Dainik Bhaskar
सीरो सर्वे को लेकर बैठक लेते कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा।

शहर में कोरोना संक्रमण नियंत्रित होने के बाद अब रोजाना मरीजों की संख्या मामूली रूप से घट-बढ़ रही है। दूसरी ओर 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है, जबकि पिछले हफ्ते ही गर्भवती के लिए भी वैक्सीनेशन शुरू किया गया है। अब 18 साल से कम उम्र वालों को लेकर ज्यादा चिंता है, क्योंकि ये अभी वैक्सीन के लिए पात्र नहीं हैं। संभावित तीसरी लहर में इन्हें ज्यादा खतरा है।

इसे देखते हुए जिले में 18 साल से कम उम्र के बच्चों का सीरो सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए 40 टीमें बनाई गई हैं। सीरो सर्वे से इनके शरीर में एंटीबॉडी का पता लगाया जा सकेगा व सुरक्षा को लेकर और ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इसे लेकर शुक्रवार को कमिश्नर डॉक्टर पवन कुमार शर्मा ने बैठक ली। इसमें प्रशासन, स्वास्थ्य, नगर निगम आदि विभागों के अधिकारी शामिल थे। कमिश्नर ने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का सीरो सर्वे कराने के निर्देश दिए। पहले फेज में 25 वार्डों के 1800 से अधिक बच्चों के लिए सैंपल लिए जाएंगे।

सर्वे रेंडमली होगा। 40 टीमें इसे लेकर अलग-अलग क्षेत्र के बच्चों के सैंपल लेंगी। पिछले साल अगस्त में सभी आयु वर्ग के करीब 7 हजार लोगों का सीरो सर्वे कराया गया था। तब प्रोसेसिंग इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) द्वारा तय गाइडलाइन के अनुसार की गई थी। इसमें तब इनका एंटीबॉडी टेस्ट किया गया।

क्या है सीरो सर्वे

सीरो सर्वे या सीरोलॉजिकल सर्वे बताता है, उस क्षेत्र में कितना कोरोना वायरस फैला है। कई बार ऐसा होता है, लोगों को संक्रमण होता है, लेकिन शरीर में लक्षण दिखाई नहीं देते। मतलब कि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित तो हुआ, लेकिन वह बीमार नहीं पड़ा। जितने ज्यादा लोगों में एंटीबॉडीज होंगी, उतना ही संक्रमण का खतरा कम होगा। यह संक्रमण की चेन बनने से रोकेगा, इसीलिए कोरोना से बचाव में सीरो सर्वे की भूमिका है। सीरो सर्वे में व्यक्ति का ब्लड लेकर उससे सेल्स और सीरम को अलग किया जाता है। सीरम में कोरोना वायरस के खिलाफ जितनी एंटीबॉडी बनी हैं, उनकी जांच की जाती है।

पिछले साल 7.75 % लोगों में पाई गई थी एंटीबॉडी इम्युनिटी

इस दौरान 85 वार्डों में हुए सीरो सर्वे में (रक्त सीरम में एंटीबॉडी की जांच) पता चला था कि इनमें से 7.75 % लोगों में कोरोना के प्रति इम्युनिटी पाई गई। इसके आधार पर शहर की आबादी का प्रतिशत निकाला गया था। इनमें 13 % महिलाओं और 14 % पुरुषों में कोरोना प्रतिरोधक क्षमता सामने आई थी। तब बंबई बाजार में 30 फीसदी, सोमनाथ की चाल, हाजी कॉलोनी, जवाहर मार्ग व रानीपुरा में 20 से 25 % लोगों में इम्युनिटी विकसित मिली। अब दूसरी बार-बार यह सीरो सर्वे कराया जा रहा है।

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