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सेल्फ असेसमेंट:ए प्लस के लिए ओल्ड जीडीसी का इम्तिहान; नैक काे भेजी रिपाेर्ट के लिए ग्रीन, एनवॉयरमेंट, एनर्जी ऑडिट करवाया, प्री क्वालिफाई राउंड में पास

इंदाैर2 दिन पहलेलेखक: दिनेश जाेशी
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ए प्लस ग्रेड मिली तो कॉलेज को यूजीसी की तरफ से दी जाने वाली कई स्कीम में शामिल होने का मौका मिलेगा। - Dainik Bhaskar
ए प्लस ग्रेड मिली तो कॉलेज को यूजीसी की तरफ से दी जाने वाली कई स्कीम में शामिल होने का मौका मिलेगा।

ओल्ड जीडीसी महाविद्यालय में 90 दिन में कभी भी नैक की टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। कॉलेज ने प्री क्वालिफाई राउंड क्लीयर कर लिया है। इससे पहले मई में कॉलेज की तरफ से सेल्फ स्टडी रिपाेर्ट (एसएसआर) और उसके बाद 10 अक्टूबर काे डेटा वेरिफिकेशन भी जमा कर दिया था। पहली बार कॉलेज ने ग्रीन, एनर्जी और एनवॉयरमेंट ऑडिट कराया है।

एनवॉयरमेंट ऑडिट में ही वाटर ऑडिट एवं बॉयाे डायवर्सिटी जैसे अहम बिंदु भी शामिल रहे। प्राचार्य डॉ. श्री द्विवेदी कहती हैं कि हमारी तैयारी पूरी है। काफी बेहतर काम किया है। हमारे यहां ब्लाइंड सेल है। 200 ब्लाइंड बच्चियाें के लिए काम कर रहे हैं। कई रचनात्मक काम हुए हैं। प्लेसमेंट भी काफी अच्छा रहा है। कॉलेज ने 70 फीसदी अंकाेें की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब भाैतिक निरीक्षण में बचे हुए 30 फीसदी अंकाें की परीक्षा हाेगी।

कॉलेज में

  • 10 हजार से ज्यादा छात्राएं हैं
  • 30 से ज्यादा कोर्स
  • 46 रजिस्टर्ड गाइड
  • 5 साल में 92 पीएचडी अवॉर्ड हुए
  • 110 पीएचडी शोधार्थी हैं वर्तमान में

आगे क्या?

90 दिन के अंदर नैक की टीम आएगी। टीम खुद 30, 45 या फिर 60 दिन में से एक तारीख मांगेगी। इनमें से किसी एक तारीख (तीन दिन के निरीक्षण) पर कॉलेज प्रशासन काे सहमति देना हाेगी। मालूम हो, कॉलेज की ग्रेडिंग 31 मार्च 2019 में खत्म हो गई थी।

पहली बार ऐसी पॉलिसी

पहली बार कॉलेज प्रशासन ने रिसर्च, एनवॉयरमेंट पॉलिसी, बेरियर्स फ्री पॉलिसी, जेंडर पॉलिसी बनाई। वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी, वाटर पॉलिसी, काेड ऑफ कंडक्ट पॉलिसी, आईटी पॉलिसी भी बनाई है। कॉलेज की नैक काे-ऑर्डिनेटर डॉ. कुशल जैन कहती हैं कि विस्तृत रिपाेर्ट में कई अहम बिंदु पहली बार शामिल किए थे।

कमियां दूर करना जरूरी था

रिसर्च प्रोजेक्ट नहीं के बराबर हुए। इन्फ्रास्ट्रक्चर बहुत पुराना है। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में कोई बड़ा अचीवमेंट नहीं। छात्राओं की संख्या के अनुपात में क्लास रूम कम हैं। लाइब्रेरी और कम्प्यूटर लैब में भी यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार सुविधाएं 30 से 35 फीसदी तक कम हैं।

ए प्लस ग्रेड के फायदे

अगर कॉलेज को ए प्लस ग्रेड मिलती है तो यूजीसी की तरफ से रिसर्च के लिए बड़ा अनुदान मिलेगा। प्रोफेसर व्यक्तिगत प्रोजेक्ट के लिए अनुदान ले सकेंगे। इसके अलावा कॉलेज को यूजीसी की तरफ से दी जाने वाली कई स्कीम में शामिल होने का मौका मिलेगा। नए कोर्स और ऑनलाइन कोर्सेस के लिए कॉलेज पात्र हो जाएगा।