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जीएचएन व सनराइज गारमेंट्स पर GST का छापा:इंदौर, कानपुर, बेल्लारी, दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, नागपुर के कारोबारी राडार पर

इंदौर7 महीने पहले
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शुक्रवार को गारमेंट्स उद्योग की दो बड़ी आढ़तियां कंपनियों तिलक पथ स्थित जीएचएन व शिव विलास पैलेस स्थित सनराइज एण्ड कंपनियों पर हुई छापामार कार्रवाई के बाद इंदौर के कपड़ा कारोबारियों में अभी भी हड़कंप है। GST की टीमों ने इन दोनों स्थानों के अलावा गुमाश्ता नगर सहित कुछेक स्थानों पर भी छानबीन की है। कार्रवाई में दस्तावेजों के साथ सारे कम्प्यूटरों का डाटा भी जांच में लिया है। जांच के घेरे में इंदौर, कानपुर, बेल्लारी, दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, नागपुर, अमरावती सहित अन्य शहरों के कारोबारी भी जांच के घेरे में है। वैसे अभी तक कितने की टैक्स चोरी हुई है, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

शुक्रवार को जब दो स्थानों पर छापामार कार्रवाई शुरू हुई और इसकी जानकारी अन्य कपड़ा फैक्टरियों को लगी थी तो अधिकांश संचालकों और कर्मचारियों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए थे और फैक्टरियां बंद कर चले गए। दरअसल ये दोनों कंपनियां इंदौर सहित अन्य शहरों की फैक्टरियों से माल खरीदकर देशभर में सप्लाय करती है। उक्त कार्रवाई घंटों चली जिसमें इंदौर के रेडिमेड कॉम्पलेक्स तथा राजबाडा क्षेत्र के कई कारोबारियों से तगड़े बिजनेस के सूत्र मिले। ऐसी भी जानकारी मिली है 2020 में कोरोना संक्रमण ज्यादा होने के कारण इतना प्रतिसाद नहीं मिला लेकिन इसके पहले बाद के डाटा में बहुत सी जानकारी मिली है।

इन कंपनियों के अकाउंट्स को सील करने की कार्रवाई भी की जा रही है। इन दोनों कंपनियों पर की गई कार्रवाई के तहत महत्मपूर्ण दस्तावेज मिल गए है। इनके आधार पर बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा होने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है अभी कपड़ा और रेडिमेड गारमेंट्स पर 5 फीसदी की दर से GST लगता है। 1 जनवरी 2022 से टैक्स की दर 12 फीसदी किया जाना है। टैक्स दर में वृद्धि होने के पहले ही इंदौर में हुई छापामार कार्रवाई से खासी टैक्स चोरी का खुलासा होने की उम्मीद है।

कल इंदौर सहित दूसरे राज्यों के कारोबारियों की वर्चुअल बैठक

दूसरी ओर GST 12 फीसदी करने को लेकर इंदौर के सैकड़ों व्यापारियों विरोध किया जा रहा है। मामले में इन व्यापारियों की सरकार के खिलाफ लामबंदी के लिए अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, दिल्ली और दूसरे शहरों के व्यापारियों से रायशुमारी चल रही है। सभी व्यापारियों का कहना है कि GST की दर पुरानी 5% नहीं रखी गई तो इंदौर और मप्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे। बढ़ी हुई GST की दर वापस लेने के लिए राष्ट्रीय टेक्सटाइल संगठनों की संयुक्त लड़ाई में इंदौर के कपड़ा व्यापारी सहभागी बनकर आंदोलन करेंगे। वैसे देश में किसान आंदोलन के बाद यह बड़ा मुद्दा है। बताया जाता है कि यह नुकसान सरकार के लिए काफी बड़ा होगा। इंदौर में रेडिमेड गारमेंट्स और टेक्साइटल्स के 10 हजार से ज्यादा व्यापारी हैं तथा 3 से 4 लाख लोगों की इंडस्ट्रीज हैं। इंदौर के कपड़ा उद्योग का रेडियस 600 किमी तक फैला है। रविवार को इन व्यापारियों ने इस मुद्दे को लेकर वर्चुअल बैठक रखी है जिसमें आगामी रणनीति तय होगी।

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