तीन दिन में 4.5 करोड़ के आम खा गए इंदौरी:स्वर्गबूटी, रत्नागिरी और देवगढ़ के हापुस के रेट सुन चौंक जाएंगे आप

इंदौर3 महीने पहले

खानपान के शौकीन इंदौरियों के लिए ग्रामीण हाट बाजार में तीन दिनी मैंगो जत्रा का आयोजन किया गया है। जहां कोंकण से आए हापुस आम खासे पसंद किए जा रहे हैं। साथ ही यहां रत्नागिरी और देवगढ़ के हापुस भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो दिन में 4.5 करोड़ रुपए के आमों की बिक्री हो चुकी है। ये दावा आयोजकों ने किया है।

इस आम मेले की सबसे खास बात ये है कि लोगों के पसंद आ रहे ये आम बिल्कुल भी आम नहीं हैं। क्योंकि इनकी कीमत 3 हजार रुपए दर्जन (12 नग) तक है। मैंगो जत्रा में लाए गए कुल 65 हजार दर्जन हापुस में से 50 हजार दर्जन आम तो दो दिनों में ही बिक गए। इनमें रत्नागिरी और देवगढ़ दोनों जगह के आम शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि 120 टन आम तो पहले दिन ही बिक गए। जिससे कुछ किसानों का माल खत्म हो गया। उन्हें बाद में महाराष्ट्र से दोबारा आम की खेप मंगाना पड़ी। रविवार को इस आयोजन का अंतिम दिन है।

देवगढ़ का हापुस आम। इसकी कीमत डेढ़ हजार रुपए प्रति दर्जन तक रहती है।
देवगढ़ का हापुस आम। इसकी कीमत डेढ़ हजार रुपए प्रति दर्जन तक रहती है।

स्वर्गबूटी सबसे ज्यादा पसंदीदा आम
कोंकण का हापुस स्वर्गबूटी यहां सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा आम है। इसकी कीमत साइज के हिसाब से तय होती है। ये आम 1 हजार से डेढ़ हजार रुपए दर्जन में उपलब्ध है। कहा जाता है कि ये स्वर्ग के देवताओं को भी पसंद है इसीलिए इसे स्वर्गबूटी आम कहा जाता है। सभी वैरायटी के हापुस में समुद्री हवाओं के कारण अधिक मिठास आती है।

यहां 300 से डेढ़ हजार रुपए दर्जन के आम उपलब्ध
मैंगो जत्रा में 300 रुपए से लेकर डेढ़ हजार रुपए दर्जन तक की रेंज के आम उपलब्ध हैं। रविवार के दिन सुबह तक ही यहां कई स्टॉल खाली हो चुके थे। रत्नागिरि और देवगढ़ के आम भी इंदौरियों को काफी पसंद आ रहे हैं।

दो दिन में इंदौरियों ने चखे 1500 आम
मैंगो जत्रा में हापुस खरीदने के साथ उन्हें यहीं पर खाने की व्यवस्था भी की गई है। आम काटकर सर्व कर रहे पार्थ उपाध्याय ने बताया कि दूसरे दिन की शाम तक तकरीबन 1500 आम हम परोस चुके थे। कोई रत्नागिरी मांगता है। किसी को देवगढ़ के हापुस पसंद हैं। कुछ लोगों ने दर्जन भर आम यहीं खड़े होकर खा लिए।

रत्नागिरि हापुस आम। इसकी कीमत 1200 रुपए दर्जन तक रहती है।
रत्नागिरि हापुस आम। इसकी कीमत 1200 रुपए दर्जन तक रहती है।

वन विभाग को सौंपेंगे गुठलियां, शहर में 3500 जगह रोपेंगे
मराठी सोशल ग्रुप के इस सालाना मेले के आयोजक सुधीर दांडेकर और राजेश शाह ने बताया कि यहां जो गुठलियां इकट्‌ठा हुई हैं, उन्हें एकत्रित कर लिया गया है। जत्रा के अंतिम दिन रविवार यानी आज शाम तक तकरीबन 3500-4000 गुठलियां जमा हो जाएंगी। इन्हें हम वन विभाग को सौंप देंगे। वे शहर में जगह-जगह इन्हें रोपेंगे। इस तरह इंदौर में 3500 से 4000 हापुस आम के पौधे बोए जाएंगे।

भोपाल में आम की आवक 200% बढ़ी; रेट 20 रु. किलो तक घटे
उधर भोपाल की करोंद सब्जी मंडी में दो दिन के अंदर आम की आवक 200% तक बढ़ गई है। पहले 7 से 8 गाड़ी आम रोज आ रहे थे, जिनकी संख्या अब 20 से 25 गाड़ियों पर पहुंच गई है। वहीं, रेट भी 20 रुपए प्रति किलो तक घट गए हैं। फल व्यापारियों की मानें तो आने वाले दिनों में आम और भी सस्ता होगा। पूरी खबर यहां पढ़िए