खेड़ापति हनुमान मंदिर की जमीन का मामला:मंदिर की जमीन पर कब्जा नहीं माना, तहसीलदार को हटाया

इंदौरएक महीने पहले
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मानने संबंधी आदेश को खारिज करते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया।  - Dainik Bhaskar
मानने संबंधी आदेश को खारिज करते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया। 

इंडस्ट्री हाउस के पीछे स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर की सवा सौ करोड़ से अधिक कीमत की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर तहसीलदार द्वारा मामला खारिज करने पर अपर कलेक्टर पवन जैन ने इसे खुद ही अपनी कोर्ट में ले लिया। तहसीलदार द्वारा इसे अतिक्रमण का मामला नहीं मानने संबंधी आदेश को खारिज करते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया।

मामले में लापरवाही करने और बालभवन की जमीन में भी कब्जे को लेकर लापरवाही करने पर कलेक्टर मनीष सिंह ने सुदीप मीणा को जूनी इंदौर तहसीलदार पद से हटाते हुए फिलहाल भूअभिलेख शाखा में पदस्थ कर दिया है। माफिया अभियान के दौरान भी तहसीलदार द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।

शेड बनाकर अतिक्रमण किया

खेड़ापति हनुमान मंदिर की ग्राम पलासिया हाना की सर्वे नंबर 248 के विविध बटांकन की 1.352 हेक्टेयर जमीन मंदिर व्यवस्थापक के रूप में कलेक्टर के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इस जमीन पर कुछ शेड आदि बनाकर कब्जे हो गए हैं। इसे लेकर तहसीलदार सुदीप मीणा की कोर्ट में कब्जे हटाने का केस हुआ, लेकिन कोर्ट ने यह कहकर खारिज कर दिया कि इसमें अतिक्रमण का मामला नहीं बनता।

यह मामला जानकारी में आने पर अपर कलेक्टर पवन जैन ने इसे अपनी कोर्ट की निगरानी में लिया और सुनवाई करने के बाद इसे कब्जा मानकर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया और साथ ही तहसीलदार के 10 अगस्त को दिए गए आदेश को भी खारिज कर दिया।

साथ ही इस जमीन के सालों पहले भूअभिलेख द्वारा किए गए डायवर्शन आदेश को भी खारिज कर दिया है। अपर कलेक्टर जैन ने बताया कि यह भूमि पुजारी को केवल पूजा के लिए दी गई थी, लेकिन पुजारी ने कब्जा कर लिया और डायवर्शन भी कराया। यह दोनों ही विधिक नहीं है। इसलिए दोनों आदेश निरस्त किए गए।

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