टीएंडसीपी ने प्लान बनाया उसी ने खारिज करने भेजा:इंदौर स्टेशन के लिए रिजर्व 300 एकड़ जमीन का लैंडयूज बदलने की तैयारी

इंदौर6 महीने पहलेलेखक: हरिनारायण शर्मा
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कुमेड़ी की जमीन, जो स्टेशन के लिए आरक्षित थी। - Dainik Bhaskar
कुमेड़ी की जमीन, जो स्टेशन के लिए आरक्षित थी।

शहर में घोटाले की एक और जमीन तैयार हो रही है। इसके लिए एमआर-10 पर कुमेड़ी से लगी 300 एकड़ जमीन पर 2008 में आए मास्टर प्लान 2021 में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन को खत्म करने की कवायद हो गई है। खास बात यह है कि जिस टीएंडसीपी पर प्लान को अमल में लाने की जिम्मेदारी थी उसी के संयुक्त संचालक ने रेलवे स्टेशन का प्रस्ताव खारिज करने का प्रस्ताव डायरेक्टर टीएंडसीपी को भेज भी दिया है।

वह भी सिर्फ इस आधार पर कि रेलवे की स्टेशन बनाने की कोई योजना नहीं है। लेकिन इस बात को दरकिनार कर दिया कि यह प्रस्ताव रेलवे का नहीं शहर के जनप्रतिनिधि और पूर्व प्लानर ने यह सोचकर दिया था कि इंदौर रेलवे स्टेशन समय के साथ छोटा पड़ रहा है, ताकि भविष्य में नया स्टेशन बन सके। सूत्रों के अनुसार इस घोटाले की तैयारी कुछ निजी जमीन मालिकों के आवेदनों से हुई। इसके बाद टीएंडसीपी ने रेलवे को लिखे पत्र के जवाब ‘फिलहाल स्टेशन का प्लान नहीं’ को आधार बनाकर प्रस्ताव खारिज करने भेज दिया।

इसलिए हुआ खेल- इस जमीन के 160 खसरे, इनमें सरकारी सिर्फ 7 हैं

300 एकड़ जमीन के 160 खसरे हैं। ये 5 गांव भानगढ़, कुमेड़ी, भांग्या, सुखलिया व शक्करखेड़ी में आते हैं। सरकारी खसरे सिर्फ 7 हैं, इसलिए लैंडयूज बदलने का प्रस्ताव भेजा गया। नियमानुसार यह करना था.. यदि टीएंडसीपी आरक्षण खत्म करना था तो पहले दावे-आपत्ति बुलाते, फिर प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजते।

हमने मौजूदा स्थिति बताई

प्रस्ताव भेजना हमारा काम नहीं है। हमने वर्तमान स्थिति संचालक को बताई है। शासन जो भी फैसला करेगा, उसे मानेंगे।'
-एसके मुद्गल संयुक्त संचालक, टीएंडसीपी

ऐसा प्रस्ताव नहीं भेज सकते

इस तरह का प्रस्ताव नहीं भेजा जाना चाहिए। जानकारी भी नहीं दी। मास्टर प्लान में प्रस्ताव शहर की जरूरत के हिसाब से है, रेलवे की जरूरत के हिसाब से नहीं। यह तो सरकार तय करेगी। इस पर डायरेक्टर से बात करूंगा।'

-शंकर लालवानी, सांसद