ये कैसा इंसाफ:पति के कर्मों की सजा मासूम बेटे और पत्नी को, 14 दिन तक एक-दूसरे से दूर रखा

इंदौर8 महीने पहले
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14 दिन बाद मां अस्पताल में भर्ती अपने कलेजे के टुकड़े के पास पहुंची तो गोद में लेकर उसे एकटक निहारती रही। - Dainik Bhaskar
14 दिन बाद मां अस्पताल में भर्ती अपने कलेजे के टुकड़े के पास पहुंची तो गोद में लेकर उसे एकटक निहारती रही।
  • अवैध शराब के आरोपी पति को पुलिस पकड़ नहीं पाई तो पत्नी को जेल भेजा, मां का दूध नहीं मिला तो बीमार हुआ मासूम
  • जेल से बाहर आने के लिए महिला के परिजन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, आदेश होते ही तत्काल जेल से छोड़ा

आठ महीने का रणवीर। 14 दिन से मां का दूध नहीं पिया। तबीयत इतनी बिगड़ गई कि एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहा है। अवैैध शराब बेचने वाले रणवीर के पिता को पुलिस पकड़ नहीं सकी। इसके लिए लसूड़िया पुलिस ने बच्चे की मां को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। रणवीर की 23 वर्षीय मां खुशी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था। पुलिस ने दुधमुंहे बच्चे को दादी के हाथ में थमा दिया।

रोती-बिलखती खुशी को खींचते हुए पुलिस अपने साथ ले गई। दादी के हाथों में रणवीर कुछ देर तो चुप रहा, लेकिन फिर उसका रोना बंद नहीं हुआ। उसे थैली वाला दूध दिया, लेकिन रास नहीं आया। उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। इतनी कि उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में रखना पड़ा। आखिरकार जेल से बाहर आने खुशी के परिजन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

रविवार को अवकाश के दिन स्पेशल बेंच गठित किए जाने की मांग की गई। सोमवार को जस्टिस सुजाॅय पाल की खंडपीठ ने इस मामले को सुना और खुशी को तत्काल छोड़े जाने के आदेश जारी किए। हाई कोर्ट आदेश के बाद सोमवार शाम 6 बजे खुशी को जेल से रिहा किया गया।

56 दुकान के पीछे स्थित अस्पताल की सीढ़ियां खुशी एक ही सांस में चढ़ गई। आईसीयू में सफेद, नीले, पीले वायर से हाथ बचाते हुए अपने बेटे के सिर पर उसने हाथ फेरा और फूट-फूट कर रोने लगी। बार-बार बेटे का नाम लेकर उसे जगाने, बेटा एक बार गर्दन घुमा कर उसकी तरफ देख ले, इसके लिए जतन करती रही।

197 लीटर विदेशी शराब जब्त की थी
लसूड़िया क्षेत्र में रहने वाली खुशी का पति धर्मेंद्र उर्फ मोगली अवैध शराब बेचता है। 29 मार्च को पुुलिस ने धरपकड़ कर 197 लीटर विदेशी शराब जब्त की थी। धर्मेंद्र भाग निकला। वह सरेंडर करे, इसके लिए उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। खुशी की ओर से अधिवक्ता राम बजाड़ गुर्जर, सारांश जैन ने जमानत अर्जी दायर की थी। कोर्ट ने 30 हजार रुपए निजी बॉण्ड पर जमानत दिए जाने के आदेश दिए।

इम्युनिटी, ग्रोथ सब मां के दूध पर ही निर्भर : विशेषज्ञ
बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. राकेश शुक्ला के मुताबिक नवजात बच्चों में इम्युनिटी, मानसिक, शारीरिक विकास के लिए मां के दूध का कोई विकल्प नहीं है। आठ महीने के बच्चे को 14 दिन तक दूध नहीं मिलना, फिर मां से दूर रहना भी उसके लिए जोखिमभरा हो सकता है। महामारी केे इस दौर में इतने छोटे बच्चे के लिए मां का दूध बहुत जरूरी है। रोग प्रतिरोधक क्षमता दूध से बनती है। बाजार के दूध से पेट तो भर सकता है, लेकिन
मां के दूध से ही बच्चे का सही विकास हो सकता है।

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