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दूसरे दिन भी लाउड स्पीकर से भक्ति:अजान के समय गूंजी रामधुन और हनुमान चालीसा; कलेक्टर बोले, बैठकर सुलझाएं मामला

इंदौर5 महीने पहले

शहर के मंदिरों में रविवार को लाउड स्पीकर पर हनुमान चालीसा पाठ की शुरुआत के बाद सोमवार को भी सिलसिला जारी रहा। चंद्रभागा स्थित प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर में दोपहर 3.30 बजे तक तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। हिंदूवादी संगठनों ने जल्द ही अन्य मंदिरों में भी लाउडस्पीकर लगाने का ऐलान किया है। दूसरी ओर मस्जिदों से लाउड स्पीकर पर अजान पढ़ी गई।

मामले में हिंदवी स्वराज संगठन के संयोजक अमित पांडेय ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे, दोपहर 1.15 बजे और दोपहर 3.30 बजे लाउड स्पीकर पर हनुमान का पाठ किया गया। अब शाम को व रात को भी इस तरह पाठ किया जाएगा। यह सिलसिला अब रोज चलेगा।

उधर, इस मामले में कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि ये चीजें बैठकर सुलझाना चाहिए। इसमें एक पक्ष सही हो सकता है। पहले मुझे भी कई बार शिकायतें मिली कि मस्जिदों में लाउड स्पीकर सुबह तेज आवाज में बजते हैं। उनके डायरेक्शन ऐसे हो जाते हैं कि अगर कोई बीमार व्यक्ति हो तो या कोई बच्चा पढ़ रहा है तो उसे डिस्टर्बेंस होता है। कई बार हम लोगों ने उसे रुकवाया भी और उनके प्रबंध समिति के अध्यक्ष व मौलवी से बात की तो उन्होंने आवाज भी कम किया। कहीं भी अगर पब्लिक न्यूसेंस में आता है जिसमें लोगों को असुविधा होती है, यह नहीं होना चाहिए। इसे आपस में बैठकर चर्चा करें, यह तनातनी के माहौल में नहीं होना चाहिए।

कलेक्टर मनीषसिंह ने स्पष्ट कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही काम किया जाएगा।
कलेक्टर मनीषसिंह ने स्पष्ट कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही काम किया जाएगा।

शहर की शांति सर्वोपरि

कलेक्टर ने कहा कि शहर की शांति सर्वोपरि है और सुरक्षा का भाव रहना चाहिए। किसी एक धर्मस्थल पर लाउड स्पीकर बजता है तो उससे वहां की कॉलोनियों के लोगों कई जगह शिकायतें थी। पहले कई जगह लाउड स्पीकर कम लगे थे और अब ज्यादा लगे हैं। उनका वाल्युम तेज हो गया है, कई जगह से शिकायतें आया करती हैं। जनता की सुविधा देखनी चाहिए, समझाना चाहिए।

अनुमति का पालन करना सभी को जरूरी

कलेक्टर ने कहा कि पहले जिला प्रशासन द्वारा अनुमति दी जाती थी। अब कोलाहल अधिनियम के तहत पुलिस द्वारा दी जा रही है। सामान्य तौर पर देखने में आता है कि इस तरह के जो धार्मिक प्रोग्राम होते हैं उसकी अनुमति ली जाती है जिसमें लाउड स्पीकर की भी अनुमति होती है। इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि रात 10 बजे बाद नहीं बजेंगे या कितने डेसिबल में बजेंगे, अनुमति का पालन करना सभी को जरूरी है। यह स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन है चाहे अनुमति हो या न हो। इसका उल्लंघन न होकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन होना चाहिए।