पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रेमडेसिविर शॉर्टेज पर भास्कर LIVE:भोपाल से 200 KM दूर इंदौर में खोज रहा इंजेक्शन, बोला- कैसे भी दिलवा दो; दूसरे ने कहा- पहले 6000 रु. का लिया, अब वो भी नहीं

इंदौर12 दिन पहलेलेखक: राजीव कुमार तिवारी
रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए लोग सुबह से ही लाइन में लग गए थे।
  • दुकानों ने लगाया 'रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टाॅक नहीं है' का नोटिस
  • उज्जैन के अलावा भोपाल तक के लोग इंदौर में इंजेक्शन के लिए भटक रहे

इंदौर में कोरोना के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, हॉस्पिटल में बेड की किल्लत के बाद अब रेमडेसिविर के इंजेक्शन के लिए भी हाहाकार मच रहा है। एक इंजेक्शन के लिए लोग सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। लोग अपने किसी ना किसी रिश्तेदार को महामारी से बचाने के लिए घंटों धूप में तप रहा है। भीड़ इतनी कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन रही है। पुलिस तक को आकर स्थिति को संभालना पड़ रहा है। दुकान पर लिखा है 'रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टाॅक नहीं है। आने पर सबको दवाई मिलेगी।' हालात यह है कि इंदौर के अलावा उज्जैन संभाग से लेकर भोपाल तक के लोग यहां इंजेक्शन की खोज में भटक रहे हैं।

हर्ष के चाचा भोपाल में भर्ती हैं, उनके लिए वह दवा बाजार में इंजेक्शन खोज रहा है।
हर्ष के चाचा भोपाल में भर्ती हैं, उनके लिए वह दवा बाजार में इंजेक्शन खोज रहा है।

एक ही इंजेक्शन दे दो भैय्या, भोपाल में दो दिन से चाचा भर्ती हैं
हर्ष श्रीवास्तव दवा बाजार में उस दुकान के सामने हैरान-परेशान भटक रहे थे, जहां रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल रहा है। उनके चाचा भोपाल के अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत सीरियस है। उन्हें जैसे-तैसे चार इंजेक्शन को लग गए हैं, लेकिन दो इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे। परिजन दो दिन से भोपाल की हर उस गली में भटक चुके हैं, जहां पता चला कि इंजेक्शन मिल रहा है। जब कहीं नहीं मिला, तो उसने इंदौर की गलियों में भटकना शुरू किया। दो दिन से दवा बाजार के चक्कर लगा रहा था। मंगलवार को पूरा दिन घूमने के बाद आस बंधी कि बुधवार को इंजेक्शन मिल जाएगा। सुबह 11 बजे बुलाया गया था। हालांकि वह सुबह ही पहुंच गया था। लाइन में लगा, लेकिन पता चला कि स्टॉक ही नहीं है। वह परेशान होकर यही कहता रहा कि एक ही इंजेक्शन दे दो। हालांकि बाद में दुकान के बाहर स्टाॅक नहीं होने का कागज चस्पा कर दिया गया। हर्ष बोला कि मेडिकल वाले ने यह तक नहीं बता रहे कि इंजेक्शन कब मिलेगा।

'क्या करता ब्लैक में 6000 का इंजेक्शन लिया'
पृथ्वीराज ने बताया, कोविड पेशेंट तो बढ़ रहे हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल रहा। कल आया था, तो कहा कि नहीं है। सुबह 8 बजे से खड़ा हूं। अब कह रहे हैं कि शाम को मिलेगा। हमने पहले अपने मरीज को ब्लैक में इंजेक्शन लेकर लगवाया था। एक इंजेक्शन 6000 रुपए का पड़ा था। जान बचाना था, इसलिए हमें इंजेक्शन लिया। मेरे पेशेंट तीन दिन से भर्ती हैं। अभी तीन दिन में एक लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। सबसे बड़ी समस्या है कि मेडिक्लेम भी चल नहीं पा रहा। पहले बेड के लिए भटके, अब इंजेक्शन के लिए भटक रहे हैं।

इस प्रकार से स्टॉक नहीं होने का नोटिस चिपका दिया गया।
इस प्रकार से स्टॉक नहीं होने का नोटिस चिपका दिया गया।

अस्पताल वाले इलाज शुरू नहीं कर रहे
रवींद्र ने बताया, डॉक्टर कह रहा है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर आओ... यह इंजेक्शन कहीं नहीं मिल रहा है, हम क्या करें? डॉक्टर ने इलाज तक शुरू नहीं किया है। हमारे पेशेंट को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उनकी हालत खराब हो रही है। डाॅक्टर कह रहे हैं कि इंजेक्शन लगाना जरूरी है। दो दिन से भटक रहा हूं। मंगलवार को पहले कहा- एक घंटे बाद आओ... दो घंटे बाद आओ... बाद में कह दिया शाम को आना। फिर आज 11 बजे आने को कहा। सुबह 8 बजे से लाइन में लग गया था। अब कह रहे हैं, शाम को 6 बजे मिलेगा। फिर स्टाॅक नहीं का नोटिस चिपका रहे हैं। वहीं, उनके साथ आए लोेकेंद्र ने बताया कि पेशेंट को उन्होंने 2 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया था। डाॅक्टर कह रहे हैं, मैंने पहले दिन से ही इंजेक्शन लगाने को कहा है, लेकिन मेरे पास यह पर्चा 6 तारीख का आया है। वे कहते हैं, हमने तो अटेंडर को दे दिया था। अटेंडर तो मैं ही था सर, फिर उन्होंने किसे परचा दिया था। ड्यूटी डॉक्टर ने यह एक बार भी यह नहीं कहा कि उन्हें इंजेक्शन नहीं मिला है, जबकि मैं 4-4 घंटे अस्पताल में ही बिता रहा हूं।

लोग बोले- अस्पताल में कह रहे हैं इंजेक्शन लाओ, हम कहां से लेकर आएं।
लोग बोले- अस्पताल में कह रहे हैं इंजेक्शन लाओ, हम कहां से लेकर आएं।

हर दिन 12 हजार रुपए अस्पताल में लग रहे
परेश ने बताया कि सुबह 8 बजे आ गया था। वे कह रहे हैं कि उनके पास स्टॉक नहीं है। कल आया, तो दोपहर 4 बजे आने को कहा था। हालांकि इंजेक्शन नहीं मिला। बहुत से लोग थे, जिन्हें वापस जाना पड़ा था। 90 साल के दादा जी तीन दिन से भर्ती हैं। उन्हें 2 इंजेक्शन लग चुके हैं। हर दिन का 12 हजार रुपए लग रहा है। ये कह रहे हैं कि शाम 6 बजे स्टॉक आएगा। पहले जो इंजेक्शन लिए थे, वे दो-दो हजार के पड़े थे।

खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कुछ रचनात्मक तथा सामाजिक कार्यों में आपका अधिकतर समय व्यतीत होगा। मीडिया तथा संपर्क सूत्रों संबंधी गतिविधियों में अपना विशेष ध्यान केंद्रित रखें, आपको कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती हैं। अनुभव...

और पढ़ें