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बड़ी खबर, ओमिक्रॉन पर बोले इंदौर कलेक्टर:हो सकता है कि इंदौर में नया वैरिएंट आ गया हो, सावधानी जरूरी, रिपोर्ट देरी से आती है

इंदौर7 महीने पहले
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इंदौर में भी कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर कलेक्टर ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि चूंकि पड़ोसी राज्यों में ओमिक्रॉन आ चुका है। ऐसे में इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि इंदौर में भी ओमिक्रॉन आ गया हो। क्योंकि यहां जीनोम सीक्वेंसिंग देरी से हो रही है। इसलिए जल्दी पता नहीं चल पा रहा। अगर इंदौर में नया वैरिएंट आ गया हो, तो इसका स्प्रेड बहुत तेजी से होगी। ऐसे में सभी को सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कलेक्टर ने विदेश से आए हर यात्री का टेस्ट कराने और अस्पताल में पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था की जाए।

कलेक्टर ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में नगर निगम कमिश्नर, जिला पंचायत CEO, सभी एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निगम के जोनल अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, सीएमएचओ सभी ZMO, BMO, RRT और सैंपलिंग टीमें मौजूद रहीं।

कलेक्टर ने ये दिए निर्देश

  • एक माह में विदेश से आए हर यात्री का टेस्ट हो।
  • अस्पतालों में सैंपलिंग में देरी नहीं हो। रैपिड, RTPCR की पर्याप्त किट रखें।
  • पिछले बार सरकारी कोविड अस्पताल MRTB, MTH, सुपर स्पेशलिटी में पर्याप्त दवाइयां, किट बेड आदि हो। वैसे, सुपर स्पेशलिटी सबसे आखिरी में वैकल्पिक तौर पर रखा गया है।
  • RRT की संख्या बढ़ाई जाए।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी ध्यान दिया जाए। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगाई है, उन्हें दूसरा डोज जरूर लगवाने के लिए प्रेरित करें।

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर इंदौर में भी अलर्ट हो गया है। नवंबर में विदेशों से इंदौर आए 395 लोगों की सूची स्वास्थ्य विभाग को मिली है। इनमें से 95 लोगों के बारे में पता नहीं लगा है। इस बीच कलेक्टर मनीष सिंह ने सोमवार शाम अधिकारियों व RRT (रैपिड रिस्पांस टीम) की बैठक बुलाई है।

शुरुआती दौर में स्वास्थ्य विभाग को दो बार राज्य शासन से विदेशों से आए लोगों की सूची मिली थी, जिनमें 272 लोग थे। इसके बाद और भी नई सूची मिली है। कुल मिलाकर अब तक 395 लोगों की जानकारी है। ये वे लोग हैं, जो 1 नवंबर से 30 नवंबर तक विदेशों से इंदौर आए हैं।

ये लोग अमेरिका, UK, नॉर्वे, स्वीडन आदि देशों से दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, गोवा होते हुए इंदौर पहुंचे हैं। इनकी सैंपलिंग के लिए 38 टीमें जुटी हैं। हर टीम में एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स व एक लैब टेक्नीशियन हैं। करीब एक हफ्ते में इनमें से 216 लोगों के RTPCR सैंपल लिए गए। बताया जाता है कि ये सभी नेगेटिव हैं, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

खास बात यह है कि अन्य 95 लोग तो ऐसे हैं, जो इंदौर आए लेकिन अब कहां हैं, इनकी लोकेशन ही ट्रैस नहीं हो रही है। इनमें से कुछ के नंबर बंद हैं, तो कुछेक के ऑउट ऑफ कवरेज। इनके अलावा, जो लोग दूसरे राज्यों में चले गए हैं, उनकी सूचना संबंधित जिलों को दी गई है। इसके अलावा जो लोग नहीं मिले हैं, उसे लेकर चिंता बढ़ रही है।

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