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लोगों में टीके का खौफ:वैक्सीन के पहले डाेज के बाद सरपंच पिता की मौत

इंदौरएक महीने पहलेलेखक: राजेंद्र दुबे/शरद गुप्ता
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इंदौर जिले में शादी पूरी तरह प्रतिबंधित है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में शादियां हो रही हैं। फोटो मानपुर से सटे गिट्‌टीफोड़ा गांव का है। - Dainik Bhaskar
इंदौर जिले में शादी पूरी तरह प्रतिबंधित है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में शादियां हो रही हैं। फोटो मानपुर से सटे गिट्‌टीफोड़ा गांव का है।
  • राजपुराकुटी ग्राम पंचायत में 3600 की आबादी, 5 मई तक 500 लोगों ने लगवाई वैक्सीन, बाद में कोई आगे नहीं आया

इंदौर से 47 किमी दूर बड़कुआं गांव। गांव राजपुराकुटी ग्राम पंचायत में आता है। दोनों गांव में 20 दिन पहले तक रोज पॉजिटिव मिल रहे थे। अब तक 68 पॉजिटिव हो चुके। दो की मौत हो गई। सरपंच सुशील पाटीदार का परिवार संक्रमित हो गया। पिता की मौत हो गई। सरपंच के फेफड़ों का सीटी स्कोर 23 तक पहुंच गया लेकिन वैक्सीन का पहला डाेज लगने से जान बच गई।

पिता को भी वैक्सीन का पहला डोज लग चुका था लेकिन जान नहीं बची। एक महिला की भी मौत हुई है। गांव वाले मौत की वजह कोरोना नहीं, वैक्सीन मान रहे हैं। सरपंच के पिता की मौत (5 मई) तब 3600 में से 500 लोग वैक्सीन लगवा चुके थे। गांव में घर के बाहर बैठे किशनलाल बोले- पहले सरपंच से पूछेंगे कि टीके से मरेंगे तो नहीं, इसके बाद लगवाएंगे।

भास्कर टीम जब सरपंच के घर पहुंची तो वे होम क्वारेंटाइन थे। बोले- गांव वालों की मदद से लॉकडाउन लगाया है। जिले के मानपुर क्षेत्र में 99 आदिवासी गांव हैं। इनमें 5 गांव ऐसे हैं, जहां स्थिति गंभीर है। दोपहर 12 बजे खुर्दा गांव में बाजार खुला था, लोग बगैर मास्क के थे। यहां अब तक 8 केस आ चुके। यही हाल खुर्दी में है। यहां मई के 14 दिन में 2 केस मिले। बाकी घर में भी सर्दी-खांसी के मरीज हैं लेकिन वे जांच नहीं करा रहे। सबसे गंभीर हालत जाफराबाद की है। यहां अब तक 24 मरीज मिल चुके हैं।

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