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नुपूर शर्मा टारगेट किलिंग पार्ट-2 खंडवा के कारोबारी थे निशाना!:अशोक पालीवाल को 'सर तन से जुदा' की धमकी, खुद किया खुलासा...

शैलेष दीक्षित/सावन राजपूत6 महीने पहले

नुपूर शर्मा के बयान के बाद उदयपुर में सर तन से जुदा के बाद दूसरा किलिंग टारगेट खंडवा के व्यापारी अशोक पालीवाल थे। एक दिन जुलूस में यहां नारे लगे थे, उसमें यह खुलासा हुआ है। दैनिक भास्कर से बातचीत में व्यापारी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए निमाड़ और आसपास के इलाके में वर्ग विशेष का दबदबा बढ़ाने के लिए बहुसंख्यक समुदाय को दबाने का प्रयास करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा होने नहीं देंगे।
Q. नारों के पीछे क्या मंशा लगती है?
कुछ लोगों का सोचना है कि निमाड़ को इस्लामी कानून के हवाले कर दें। देश संविधान से चलता है। कुछ लोग शरिया कानून से इसे चलाना चाहते हैं। इसलिए इस तरह के नारे लगा रहे हैं।

Q. क्या आप उसे व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं, जिसने आपके खिलाफ सर तन से जुदा होने के नारे लगाए?
नहीं, मैं उसे नहीं जानता।

Q. फिर आपको ही क्यों आइडेंटिफाइ किया?
हिंदू समाज का नेतृत्व करता हूं। उस लीडरशिप को आतंकी संगठन सिमी आगे नहीं बढ़ने देना चाहता। सिमी और इंडियन मुजाहिदिन को राष्ट्रभक्त युवा मंच के माध्यम से खत्म करने में हमारा भी योगदान है। सिमी के आतंकियों को महान बताया गया था, तब भी हमने विरोध किया था। ये हम जैसे हिंदू नेता को डराना चाहते हैं ताकि इनके मंसूबे पूरे होने में कोई बाधा न आए। इसलिए मुझे टारगेट बनाया है।

Q. स्लीपर सेल किस तरह से एक्टिव है? क्या आपने शिकायत की है?
समय-समय पर जो भी गतिविधियों सामने आती हैं उनकी शिकायत करते हैं। भाजपा सरकार को कैसे तोड़ा जाए, राष्ट्रीय विचारधारा को कैसे खंडित किया जाए, इसलिए ये लोग यहां सक्रिय रहते हैं।

Q. स्लीपर सेल की क्या जानकारी है आपके पास?
देश में ऐसी टोलियों का बड़ा नेटवर्क है। इनमें से कुछ लोगों का देश के बाहर भी संपर्क हैं। इनका कनेक्शन सीमा पार भी है।

व्यापारी की शिकायत पर इन धाराओं में दर्ज किया है पुलिस ने केस
धारा 188
- सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने पर इसे लागू किया जाता है।
धारा 153ए - धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। धारा 153 (ए) के तहत 3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
506 - किसी को धमकी देने को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसमें दो साल की सजा और अर्थदंड का प्रावधान है।
507 - बेनामी संचार द्वारा आपराधिक धमकी। इसमें भी दो साल की सजा का प्रावधान।

जिसे धमकी मिली वो हिंदू संगठन से जुड़े
मुहर्रम जुलूस के दौरान खंडवा के व्यापारी और ऑइल मिल मालिक और हिंदूवादी नेता अशोक पालीवाल को जान से मारने की धमकी मिली थी। व्यापारी ने वायरल में वीडियो में अपना नाम सुनकर पुलिस को रिपोर्ट की। पुलिस ने पालीवाल की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अपनी और व्यापारी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर क्रम से दर्ज की है। पुलिस की अपनी ओर से दर्ज एफआईआर में केवल सरकारी नियम तोड़ने पर धारा 188 के तहत 20 से 25 लोगों पर केस दर्ज किया है। इस एफआईआर में इस युवक को मिली नामजद धमकी का कोई जिक्र नहीं है।

क्या है पालीवाल द्वारा दर्ज एफआईआर में
पालीवाल ने बताया कि मैंने एक वीडियो देखा जिसमें अशफाक खान मुझे मारने की धमकी देते हुए कह रहा था कि अब अशोक पालीवाल का भी सर तन से जुदा किया जाएगा। इस धमकी से पूरे हिंदू समाज में नाराजी है। ऐसे वीडियो से समाज में वैमनस्यता पैदा की जा रही है।

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