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  • So That The Tree Keeps Breathing Like The Memories Of The Family; In Indore, For Greenery, People Planted 48 Thousand 661 Saplings In Three Months.

प्रदेश में सबसे आगे इंदौर:अंकुर योजना; हरियाली के लिए इंदौर में तीन महीने में आमजन ने रोप दिए 48 हजार 661 पौधे, सबसे ज्यादा करांज व सागौन के पौधे

इंदौर7 महीने पहले
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इस योजना के तहत आम व्यक्ति को पौधे लगाकर वायुदूत एप पर अपलोड करना है। - Dainik Bhaskar
इस योजना के तहत आम व्यक्ति को पौधे लगाकर वायुदूत एप पर अपलोड करना है।

परिजन की याद और हरियाली बढ़ाने के लिए इंदौर जिले के आम लोगों ने तीन माह में ही 48 हजार 661 पौधे लगा दिए हैं। यह पौधे निजी जमीन के साथ सरकारी जमीन में डिवाइडर, खाली जमीन, सामुदायिक परिसर, खेतों की मेढ़ आदि जगहों पर लगाए गए हैं। यह पौधे शासन द्वारा लाई गई अंकुर योजना के तहत आमजन की भागीदारी से लगे हैं।

इस योजना के तहत आम व्यक्ति को पौधे लगाकर वायुदूत एप पर अपलोड करना है, फिर एक माह बाद उसी पौधे का दूसरा फोटो और छह माह बाद तीसरा फोटो लगाना है। नोडल एजेंसी द्वारा मौके पर जाकर इसका सत्यापन किया जाएगा और फिर इन्हें वृक्ष वीर, वृक्ष वीरांगना सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सीएम द्वारा प्राणवायु अवॉर्ड दिया जाएगा।

जिले में सबसे ज्यादा 25 हजार 536 लोगों ने एप डाउनलोड किया

जिले में पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा 25 हजार 536 लोगों ने एप डाउनलोड किया है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में अभी तक तीन लाख लोगों ने एप डाउनलोड किया है और पांच लाख पौधे लगाए गए हैं। 19 फरवरी तक इसमें पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। योजना के लिए नोडल विभाग पर्यावरण है और क्रियान्वयन एजेंसी पर्यावरण नियोजन व समन्वय संगठन (ईपीसीओ) है। शहरी सीमा में नगर निगम और गांव में जिला पंचायत द्वारा इसमें काम किया जा रहा है।

राऊ और बिचौली एरिया निकला आगे

इंदौर नगरीय सीमा में रोड डिवाइडर और खाली जगहों पर काफी पौधे लगाए गए हैं, वहीं पौधे लगाने में इंदौर नगरीय सीमा के साथ ही राऊ दूसरे नंबर पर है। इसके बाद तीसरे नंबर पर बिचौली हप्सी एरिया के लोग, फिर मल्हारगंज एरिया, महू, सांवेर, खुड़ैल, कनाड़िया, हातोद, देपालपुर, गौतमपुरा और मानपुर के लोगों द्वारा एप अपलोड कर अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं।

शोभा, सुंदरता बढ़ाने वाले पौधे मान्य नहीं हैं। गमले व छतों पर लगाए पौधे भी मान्य नहीं हैं। जमीन पर देशज वंश वाले वृक्ष ही मान्य हैं। जिला पंचायत सीईओ हिमांशुचंद्र ने बताया कि 1614 पौधों को पहले चरण में सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया है। इसके लिए टीम एप पर आए लोगों के पते लेकर मौके पर जाकर जांच करेगी और इसका फोटो लेगी।