इंदौर में दिनभर बदला मौसम, देर रात फिर बारिश:बादल, रिमिझम बारिश के साथ खिली धूप, इंदौर में ढाई इंच बारिश दर्ज, मौसम वैज्ञानिक बोले-गुरुवार को होगी अच्छी बारिश

इंदौरएक महीने पहले
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मंगलवार रात को आधे घंटे की बारिश के दौरान मालवा मिल क्षेत्र की स्थिति। - Dainik Bhaskar
मंगलवार रात को आधे घंटे की बारिश के दौरान मालवा मिल क्षेत्र की स्थिति।

मंगलवार दोपहर बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुई करीब दो इंच बारिश के बाद बुधवार मौसम की अठखेलियां चलती रही। सुबह 11 बजे तक बादल छाए रहे। फिर 1 बजे बाद कहीं रिमझिम शुरू हुई तो कहीं फुहारें चलती रहीं। शहर के सीमावर्ती कुछ क्षेत्रों में दोपहर को 20-25 मिनट सामान्य बारिश और फिर धूप निकल गई। ऐसा सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। फिर देर शाम 7.30 बजे कई हिस्सों में करीब आधे घंटे तक बारिश हुई। देर रात 12 बजे फिर शहर के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। मौसम वैज्ञानिकों ने 16 सितंबर को अच्छी बारिश होने के आसार बताए हैं।

दोपहर को अन्नपूर्णा, महू नाका, कलेक्टोरेट, कनाडिया, जीपीओ, विजय नगर आदि में रिमझिम हुई जबकि तुकोगंज, पोलोग्राउंड, सुखलिया आदि क्षेत्रों में रिमझिम हुई। ऐसे ही सुपर कॉरिडोर, निपानिया, देवास नाका, खंडवा रोड आदि क्षेत्र में 20-25 मिनट बारिश हुई और फिर धूप निकल गई। शा्म को मालवा मिल, तुकोगंज, पाटनीपुरा, विजय नगर, छावनी आदि क्षेत्रों में आधे घंटे तक अच्छी बारिश हुई।

इधर, अब बारिश के मौसम के लिहाज से सिर्फ 15 दिन बाकी हैं, यानि सितंबर आधा माह बीत चुका है। इसके पूर्व जुलाई-अगस्त में 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं सितंबर की बारिश औसतन 7 इंच मानी जाती है लेकिन इस बार आधे महीने में ही 10 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। खास बात यह कि इस बार एक भी बार ऐसा दौर नहीं आया कि तीन घंटे से ज्यादा तेज और मूसलधर बारिश हुई हो। जुलाई, अगस्त और सितंबर में अभी तक कुछ ही घंटों के अंतराल में बारिश होती रही। वैसे इंदौर की औसतन बारिश का कोटा 34-35 इंच है। इस लिहाज से अभी 9 इंच बारिश की और जरूरत है। इधर, मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएसल खापडिया ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर के कारण 16 सितंबर को इंदौर उसके आसपास अच्छी बारिश हो सकती है।

दो फीट बारिश होने पर खुल सकते हैं यशवंत सागर के सायफन

इधर, धीरे-धीरे हुई ढाई माह की बारिश में यशवंत सागर का जलस्तर 18 फीट से ऊपर हो गया है जबकि उसकी भराव क्षमता 19 फीट है। अगर कुछ घंटे तेज बारिश होती है तो संभव है कि इसके सायफन खोले जा सकें, जबकि पिछले साल अगस्त के दूसरे हफ्ते में ही खुल गए थे। ऐसे ही बड़ा बिलावली तालाब करीब 23 फीट तक भरा है जबकि क्षमता 34 फीट की है। इसी तरह पीपल्यापाला तालाब की क्षमता 22 फीट है और 21 फीट पानी भरा है। अन्य तालाबों की सामान्य स्थिति है।

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