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एमपीपीएससी एग्जाम 2020 शुरू:इंदौर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीपीई किट पहनकर तैयार रहा स्टाफ, 38 हजार परीक्षार्थियों में से एक भी कोरोना संक्रमित नहींं

इंदौर10 महीने पहले
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एमजीएम मेडिकल कॉलेज में स्टाफ - Dainik Bhaskar
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में स्टाफ

कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद रविवार को प्रदेश में लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा व वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा शुरू हो गई। इसमें प्रदेश के कुल 3,44,491 परीक्षार्थी शामिल हुए हैं जिसमें इंदौर के 38070 परीक्षार्थी हैं। इसके लिए 102 सेंटर बनाए गए हैं। खास बात यह कि इस बार कोरोना पॉजिटिव परीक्षार्थियों के लिए तीन सेंटर बनाए गए हैं जिसमें से एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जिगजैक तरीके से व्यवस्था की गई। इस दौरान स्टाफ सुबह से ही पीपीई किट में तैयार रहा लेकिन एक भी कोरोना संक्रमित परीक्षार्थी नहीं पहुंचा। यहां वैसे कोरोना संक्रमित 160 परीक्षाथियों के लिए तैयारी की गई थी। हर सेंटर पर परीक्षार्थियों की प्रवेश के लिए पहले थर्मल स्क्रिनिंग से जांच की गई। मामले में कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने एसजीआईसीटीएस सेंटर का निरीक्षण किया।

कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने एसजीआईसीटीएस सेंटर का निरीक्षण किया।
कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने एसजीआईसीटीएस सेंटर का निरीक्षण किया।

परीक्षा के लिए 52 जिलों में 1 हजार से ज्यादा सेंटर पर बनाए गए हैं। इसमें पहला सत्र सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक एवं दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक रहा। कोविड संक्रमितों के लिए कुल 64 केंद्र हैं। इंदौर में इसके लिए तीन सेंटर बनाए गए हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के केन्द्राध्यक्ष डॉ. अशोक ठाकुर ने बताया कि काेविड पाॅजिटिव परीक्षार्थियों केलिए सेंटर पर सभी तैयारियां कर ली गई थीं। पूरी व्यवस्था कोविड के प्रोटोकाल के अनुसार ही व्यवस्था की गई है। एग्जाम के लिए ड्यूटी पर तैनात सभी स्टाफ पीपीई किट पहनकर तैयार हैं। कोविड पॉजिटिव मरीज कोई भी मरीज हमारे यहां पर सीधे अलॉट नहीं किया गया है।

सर्दी-खांसी वालों को भी सेंटर पर आने की जरूरत नहीं

वैसे व्यवस्था यह की गई है कि संक्रमित को अपने सेंटर पर संपर्क करना होगा। वहां उसे कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट केंद्राध्यक्ष को दिखाना होगा। इसके बाद वे हमें सूचना देंगे और हम उनके एग्जाम की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। ऐसे सेंटर से एमजीएम कॉलेज तक लाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई है। ठाकुर के अनुसार यहां पर कोई सीधे भी आता है तो हम उसके अलॉट सेंटर पर संपर्क कर कागजी कार्रवाई पूरी कर परीक्षा दिलवाएंगे। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि यदि किसी को सर्दी खांसी है, लेकिन उसकी रिपोर्ट निगेटिव है तो उसे हमारे सेंटर पर आने की जरूरत नहीं है। ऐसे परीक्षार्थियों के लिए हर सेंटर में एक आइसोलेशन रूम की व्यवस्था की गई है। ऐसे छात्र वहां पर बैठकर परीक्षा दे पाएंगे। पहले सत्र में एमजीएम में एक भी कोरोना संक्रमित परीक्षार्थी नहीं आया। परीक्षा शुरू होने के पहले शहर में रिमझिम बारिश हो रही थी जिसके चलते कुछ परीक्षार्थी मामूली रूप से भीग भी गए।

सेंटर परिसर में आते ही सबकुछ रखना पड़ा

उधर, अन्य सेंटरों पर सुरक्षा के ठोस प्रबंध किए गए थे। इसके तहत सुबह सेंटर परिसर में आए परीक्षार्थियों से बेल्ट, कैप, चश्मा, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि रखवा लिए गए और फिर अंदर जाने दिया गया। महिला परीक्षार्थियों की भी महिला स्टाफ द्वारा कसावट के साथ चेकिंग कर अंदर जाने दिया। वैसे अधिकांश परीक्षार्थी प्रक्रिया से पूर्ववत वाकिफ थे इसलिए वे फोटोयुक्त आईडी आदि ही साथ में लाए थे। परीक्षा के व्यवस्थाओं के तहत 20 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वाड सक्रिय रही। हर स्वक्वाड में एसडीएम, तहसीलदार व अन्य अधिकारी थे। ऐसे ही हर सेंटर पर कॉलेजों के प्रोफेसरों को ऑर्ब्जवर नियुक्त किया गया था।

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