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सोमवार से जूडा हड़ताल पर:तीसरी बार प्रदेश 2500 जूनियर डॉक्टर रहेंगे लामबंद , सोमवार को इमरजेंसी और मंगलवार से कोविड पेशेंट भी देखना बंद

इंदौर14 दिन पहले
फाइल फोटो

इंदौर समेत प्रदेश के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। सोमवार से जूनियर डाॅक्टर काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे। जूडा डाॅक्टर सैलरी और अन्य मांगाें पर सुनवाई नहीं होने से नाराज हैं। उनका कहना है, कोरोना काल में उन्होंने ड्यूटी दी है।। बता दें कि इससे पहले भी मार्च और अप्रैल में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर जा चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा।

6 मई 2021 को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन द्वारा छह सूत्रीय मांगें रखी गई थीं। इसके बाद भी अभी तक मांगों पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री, एसीएस हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने जो वादा किया था, वो पूरा नहीं किया। इस वजह से जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की तैयारी की है।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन बढ़ेगा

जूडा इंदौर अध्यक्ष डॉ. प्रखर चौधरी ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों को मजबूरी में यहां आना पड़ रहा है। हम पिछले एक साल से कोविड काल में काम करते आ रहे हैं। 6 मई को मांगें मान ली गई थीं, लेकिन अभी तक लिखित आदेश नहीं आया है। अभी भी संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में हम सेवाएं देते रहेंगे। हमारी दिक्कत यह है कि शुरुआत में कोरोना वाॅरियर बोलकर हमारा ताली और थाली से सम्मान किया गया। कहा गया कि वेतन में 10 हजार रुपए प्रतिमाह बढ़ाेतरी की जाएगी।

10 हजार रुपए बढ़ाने की बात तो दूर पिछले तीन महीने से जूनियर डाॅक्टरों को बेसिक सैलरी तक नहीं दी गई। हमारे द्वारा सरकार को दिए गए प्रस्ताव के बाद भी पिछले एक साल से कोरोना में ड्यूटी लगाई जा रही है, जबकि हमने पैरामेडिकल स्टाफ, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी डॉक्टर जो सक्षम हैं, उनकी ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद भी उनकी भर्ती नहीं की जा रही है।

पिछले एक साल से हम लगातार अपनी बात उच्च स्तर पर रखते आ रहे हैं। हम यही कह रहे हैं कि हमारी ड्यूटी कम की जाए, जिससे हम उन मरीजों की भी सहायता का सकें, जो कोविड पेशेंट नहीं हैं। उन्हें बेहतर इलाज मिल सके। जूनियर डॉक्टरों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो हम आंदोलन को आगे तक लेकर जाएंगे।

जूनियर डॉक्टर की ये हैं मांगें

1 . स्टाइपंड में 24 % बढ़ोतरी करके 55,000 से बढ़ाकर 68,200 व 57,000 से बढ़ाकर 70,680 व 69,000 से बढ़ाकर 73,160 कर दी जाए।

2 . हर साल वार्षिक 6% की बढ़ोतरी भी बेसिक स्टाइपेंड पर दी जाए।

3 . पीजी करने के बाद 1 साल के ग्रामीण बांड को कोविड की ड्यूटी के बदले हटाने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो इस पर विचार करके फैसला जल्द सुनाएगा जिसमें जेडीए के प्रतिनिधि भी होंगे।

4 . कोविड ड्यूटी में कार्यरत हर जूनियर डॉक्टर को 10 नंबर का एक गजटेड सर्टिफिकेट मिलेगा, जो आगे उसको सरकारी नौकरी में फायदा प्रदान करेगा।

5 . समस्त जूनियर डॉक्टर जो कि कोविड में काम कर रहे हैं, उनके और उनके परिवार के लिए अस्पताल में अलग से एक एरिया और बेड रिजर्व किया जाएगा। उनके उपचार के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। उस समय मौजूद उचित उपचार मुफ्त कराया जाएगा।

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