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रियल एस्टेट:पौने दो सौ प्रोजेक्ट नंबर के कारण अटके, प्रोजेक्ट की समय सीमा एक साल और बढ़ाई जाए : क्रेडाई

इंदौरएक महीने पहले
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  • प्रोजेक्ट की समय सीमा, पंजीयन से पेनल्टी तक के नियम बना रहा रेरा

रेरा द्वारा नए सिरे से प्रोजेक्ट की समय सीमा, पंजीयन, पेनल्टी आदि को लेकर नियम बनाए जा रहे हैं। बिल्डरों से लेकर सीए, वकील आदि से उनकी समस्याओं को सुनने के लिए रेरा चेयरमैन एपी श्रीवास्तव ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक की। इसमें क्रेडाई की ओर से मुख्य मुद्दा अटके हुए प्रोजेक्ट के पंजीयन काम में तेजी लाने का था।

इंदौर क्रेडाई ने कहा कि कम से कम अस्थायी नंबर जारी कर देना चाहिए, जिससे प्रमोटर इन प्रोजेक्ट में खरीदी-बिक्री, बुकिंग शुरू कर सकें। पहले ही प्रोजेक्ट में काफी देरी हो रही है, इससे इनकी लागत बढ़ रही है। रेरा चेयरमैन ने इस पर काम करने की बात कही। इंदौर के ही करीब पौने दो सौ प्रोजेक्ट केवल पंजीयन नंबर नहीं मिलने के कारण अटके हुए हैं। पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रोजेक्ट की समय सीमा कोविड के चलते एक साल और बढ़ाई जाए, लेकिन इस मामले में बहुत अधिक राहत देने से रेरा चेयरमैन ने इनकार कर दिया है। उन्होंने नियमों का हवाला देकर कहा कि एक साल तक ही प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

कोविड की पहली लहर के समय तत्कालीन चेयरमैन एंटनी डिसा इसे छह माह बढ़ा चुके हैं, इसलिए छह माह से ज्यादा की राहत नहीं दे सकते हैं। क्रेडाई की ओर से तर्क दिया गया कि कोविड के चलते प्रोजेक्ट में मटैरियल से लेकर श्रमिकों तक की समस्या आई है। पूरी चेन टूट गई है और इसमें अधिक राहत की जरूरत नहीं है, नहीं तो बेवजह इसमें समय सीमा अधिक होने पर प्रमोटर पर पेनल्टी की प्रक्रिया होगी।

रेरा चेयरमैन ने कहा कि भूस्वामी को भी को प्रमोटर के रूप में शामिल करेंगे, इसके भी नियम में प्रावधान हैं, इस पर क्रेडाई ने कहा कि अभी तक इसकी जानकारी नहीं ली जाती थी, इसे पुराने प्रोजेक्ट से लागू करेंगे तो पंजीयन व अन्य प्रक्रिया में और देरी होगी, इसलिए एेसा कोई रास्ता निकाला जाए कि प्रोजेक्ट के पंजीयन और अन्य काम में देरी नहीं हो।

पुरानी पेनल्टी वनटाइम माफ कर समायोजन किया जाए
रेरा चेयरमैन ने एक और मुद्दा रखते हुए कहा कि पुरानी कई पेनल्टी लगी हैं, लेकिन इनकी वसूली नहीं हो रही है। इसके लिए भी तरीका ढूंढा जा रहा है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पुरानी पेनल्टी खासकर जो रिटर्न आदि में देरी को लेकर लगी थी, इन्हें वनटाइम माफ करते हुए एक समय समायोजन का देना चाहिए।

वहीं जहां बिल्डर और ग्राहक के बीच के विवाद में पेनल्टी लगी है, इसके लिए अलग-अलग सुझाव दिए गए, जिस पर श्रीवास्तव ने यही कहा कि जो एक्ट में है, हम उसी के तहत आगे बढ़ेंगे। बैठक में इंदौर से क्रेडाई से लीलाधर माहेश्वरी, संदीप श्रीवास्तव, नवीन मेहता, विवेक दम्मानी व अन्य उपस्थित थे।

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