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  • Students Will Study Film Music, Fashion Designing And Vedic Rituals; Students Of All Courses Will Be Able To Choose It As An Elective Generic Subject.

सेकंड ईयर का नया सिलेबस:छात्र पढ़ेंगे फिल्म संगीत, फैशन डिजाइनिंग और वैद-कर्मकांड; सभी काेर्स के छात्र इसे इलेक्टिव जेनरिक विषय के ताैर पर चुन सकेंगे

इंदाैरएक महीने पहलेलेखक: दिनेश जाेशी
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जून अंत तक किताबें छपेंगी, जुलाई से सेकंड ईयर की पढ़ाई शुरू - Dainik Bhaskar
जून अंत तक किताबें छपेंगी, जुलाई से सेकंड ईयर की पढ़ाई शुरू

यूजी काेर्स में सेकंड ईयर का नया सिलेबस जारी कर दिया गया है। बीए के छात्राें काे वैकल्पिक के ताैर पर भारतीय संगीत (तंत्र एवं सुषिर वाद्य) विषय में फिल्म संगीत एवं वाद्याें का याेगदान, भरत नाट्यम, फैशन डिजाइनिंग और वैद-कर्मकांड भी पढ़ाया जाएगा। सभी काेर्स के छात्र इसे इलेक्टिव जेनरिक विषय के ताैर पर चुन सकेंगे।

इसमें फिल्मी गाने व संगीत रचनाएं सिखाई जाएंगी। भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास से लेकर करियर के लिहाज से उसके भविष्य तक सब-कुछ पढ़ाया और सिखाया जाएगा। यही नहीं फिल्म संगीत में शास्त्रीय संगीत का पक्ष, संगीत शब्दावली और ताल व तंत्र वाद्याें का उपयाेग भी सिखाया जाएगा। यह परचा 30 अंक का रहेगा।

फर्स्ट ईयर की परीक्षा के बाद छात्र सेकंड ईयर की क्लास में बैठ सकेंगे

बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीए के साथ बीएचएससी, हाेटल मैनेजमेंट, बीए पत्रकारिता व जनसंचार तथा प्राच्य संस्कृत शास्त्री जैसे काेर्स और बीए सहित सभी यूजी काेर्स का सिलेबस जारी कर दिया है। मैजर, जेनरिक माइनर, इलेक्टिव (वैकल्पिक) और फाउंडेशन के भी सिलेबस जारी कर दिए हैं। सभी काेर्स में जेनरिक में नए विषय जाेड़े हैं। फर्स्ट ईयर की परीक्षा के बाद छात्र सेकंड ईयर की क्लास में बैठेंगे।

मिलेंगे तीन विकल्प - वर्ष 2024 में पोस्ट ग्रेजुएट में लागू हाेगा

  • पहला विकल्प- पीजी में दो साल का मास्टर्स होगा। यह उन छात्रों के लिए होगा, जिन्होंने तीन साल का डिग्री कोर्स किया है।
  • दूसरा विकल्प- चार साल का डिग्री कोर्स यानी ऑनर्स- जो रिसर्च के छात्रों के लिए होगा। ये छात्र एक साल का मास्टर्स कोर्स अलग से कर सकेंगे।
  • तीसरा विकल्प- 5 साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम वालों के लिए होगा।

इंडस्ट्रियल माइक्राेबॉयाेलॉजी-खाद्य सूक्ष्म विज्ञान जैसे विषय शामिल किए

एनएसएस काे भी प्रमुखता से शामिल किया है। बीएससी में सेकंड ईयर में खाद्य व सूचना प्रौद्योगिकी, इंडस्ट्रियल माइक्राेबॉयाेलॉजी-खाद्य सूक्ष्म विज्ञान जैसे विषय शामिल किए हैं, जबकि बीकॉम में प्रबंध के मूल तत्व, नवीन उद्यम याेजना, भारत में ग्रामीण बैंकिंग, भारत में ग्रामीण विकास जैसे अहम नए विषय शामिल किए गए हैं।

जून में परीक्षा, अगस्त अंत तक चलेगी, सितंबर में रिजल्ट के बाद करें आवेदन

एक साल में सर्टिफिकेट के लिए अप्लाय कर सकेंगे। जून में परीक्षा शुरू हाेगी। अगस्त तक चलेगी। यह व्यवस्था फर्स्ट ईयर का रिजल्ट आते ही लागू हाे जाएगी। दूसरे वर्ष में डिप्लोमा और तीसरे वर्ष में डिग्री मिलेगी। तीसरे साल में जिस छात्र का जीडीपीए (7.5) रहेगा, उसे ही चौथे वर्ष में प्रवेश मिलेगा। चार साल पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को ऑनर्स की डिग्री मिलेगी।

आगे यह होगा- जून अंत तक किताबें छपेंगी, जुलाई से सेकंड ईयर की पढ़ाई शुरू

जून अंत तक किताबें छपकर आ जाएंगी, क्याेंकि जुलाई प्रारंभ में ही सेकंड ईयर की पढ़ाई शुरू हाे जाएगी। जून में फर्स्ट ईयर की परीक्षाएं होंगी। नई एजुकेशन पॉलिसी के पहले वर्ष में 25 वाेकेशनल विषय थे, लेकिन इस बार वैकल्पिक में कई नए विषय जाेड़े गए हैं। इसके बाद 2023 में फाइनल का सिलेबस बदलेगा। 2024 में इसे एमए, एमकॉम और एमएससी जैसे पीजी काेर्सेस में लागू किया जाएगा।