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इंदौर में पुलिस कमिश्नरी:एसीपी और डीसीपी सर्कल का बंटवारा ऐसा; राऊ थाने में राहत नहीं मिली तो ACP से मिलने गांधी नगर, DCP से मिलने मल्हारगंज आना होगा

इंदौरएक महीने पहलेलेखक: राघवेंद्र बाबा
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अफसरों का कहना है कि एसीपी सर्कल का बंटवारा दूरी के हिसाब से नहीं हुआ। हमने मैपिंग कर बारीकी से आकलन किया था। भोपाल में प्रस्ताव को माना ही नहीं गया। वहां पता नहीं किसने सर्कल बांटे। - Dainik Bhaskar
अफसरों का कहना है कि एसीपी सर्कल का बंटवारा दूरी के हिसाब से नहीं हुआ। हमने मैपिंग कर बारीकी से आकलन किया था। भोपाल में प्रस्ताव को माना ही नहीं गया। वहां पता नहीं किसने सर्कल बांटे।

शहर में पुलिस कमिश्नरी के साथ पुलिस का पूरा नया सिस्टम लागू किया गया है, लेकिन इसमें कई विसंगतियां है। खासकर एसीपी और डीसीपी के सर्कल के बंटवारे में दूरी और समय का ध्यान नहीं रखा गया है। स्थिति यह है कि राऊ थाने पर अगर किसी व्यक्ति को राहत नहीं मिल पाई तो उसे एसीपी से मिलने के लिए पहले गांधीनगर जाना होगा। वहां भी समस्या का निराकरण नहीं हो सका तो फिर डीसीपी से फरियाद करने मल्हारगंज आना होगा, यानी फरियाद पहुंचाने में ही आधे से ज्यादा दिन निकल जाएगा, दूरी भी 20 किमी से ज्यादा तय करना होगी।

जोन-1 आजादनगर, गांधीनगर व राऊ के लोगों को आना होगा मल्हारगंज

इस जोन में मल्हारगंज, आजादनगर व गांधीनगर सर्कल आएगा। मल्हारगंज सर्कल में मल्हारगंज, सदरबाजार व एरोड्रम, आजाद नगर में आजाद नगर व तेजाजी नगर थाने हैं। गांधीनगर सर्कल में राऊ, राजेंद्र नगर और गांधीनगर थाना रखा गया है।

1. गांधीनगर से राऊ की दूरी का ध्यान नहीं रखा। एसीपी गांधीनगर बैठेंगे। लोगों को उनसे मिलने, बयान देने, शिकायत करने 20 किमी आना होगा। 2. आजाद नगर में एसीपी बैठेंगे। तेजाजी नगर के व्यक्ति को 20 किमी आना पड़ेगा। अफसरों का मानना है कि बायपास के तीनों थाने, कनाड़िया, तेजाजीनगर व राऊ को एक जोन में रखना था। 3. आजाद नगर व तेजाजीनगर के लोगों को डीसीपी से मिलने मल्हारगंज आना होगा।

जोन-2 परदेशीपुरा, कनाड़िया व खजराना में भी 20 किमी का फासला

इस जोन में परदेशीपुरा, विजयनगर और खजराना सर्कल बनाए गए हैं। इनमें शहर के पूर्वी क्षेत्र के परदेशीपुरा, एमआईजी, विजयनगर, लसूड़िया, खजराना, कनाड़िया और तिलक नगर थाना क्षेत्र आएंगे।

1. एक ही जोन परदेशीपुरा से कनाड़िया व खजराना में 20-20 किमी की दूरी है। इसमें पास के थाने हीरानगर व बाणगंगा भी ले सकते थे। 2. डीसीपी का यह जोन काफी फैला हुआ है। चार हिस्सों में शहर बांटते वक्त उनके दफ्तर नए सिरे से प्लान कर सकते थे। 3. डीसीपी 3 व 4 के दफ्तर पास-पास बनाए जाने का प्रस्ताव है। ये दफ्तर अलग-अलग कोनों में बनाते तो मॉनिटरिंग बेहतर होगी।

पता ही नहीं किसने जारी कर दिया सर्कल

अफसरों का कहना है कि एसीपी सर्कल का बंटवारा दूरी के हिसाब से नहीं हुआ। हमने मैपिंग कर बारीकी से आकलन किया था। भोपाल में प्रस्ताव को माना ही नहीं गया। वहां पता नहीं किसने सर्कल बांटे।

जरूरत आने पर बदलेंगे

आपकी बात सही है कि अभी जो बंटवारा हुआ है उसमें परेशानी है। दूरी को लेकर दिक्कतें आएंगी। अभी सिस्टम मेंं काम शुरू हुआ है। हम स्थिति देखते हुए सर्कल व जोन में बदलाव करेंगे।
- हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर, इंदौर