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रिटायर्ड इंजीनियर हत्याकांड:आरोपी ने कबूला- केयर टेकर की चीख सुनकर पड़ोसी न आए होते तो आंटी की भी हत्या कर देते

इंदौरएक वर्ष पहले
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  • कोरे स्टाम्प पर साइन करने से मना करने पर बंधक बनाकर किया था हथौड़े से वार

मनोरमागंज में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर अजय शाह की हत्या के मुख्य आरोपी ने कबूला कि केयर टेकर शीतल 6 बजे आती थी, लेकिन उस दिन वह 5 बजे आ गई। जब हमने उसका गला दबाया तो वह चीखने लगी। उसकी आवाज सुनकर पड़ोसी आ गए थे, वरना शीतल के बाद हम आंटी अंजलि की भी हत्या कर देते। वहीं हत्या के बाद आरोपियों ने 40 हजार में एक सेकंड हैंड इंडिका कार खरीदी और महू व जयपुर हाईवे होते हुए दिल्ली की ओर भाग गए थे। जयपुर टोल नाके पर आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज मिले। इसके बाद कार नंबर का पता कर क्राइम ब्रांच दिल्ली तक पहुंची। इस बीच पता चला कि इनका एक साथी हर्ष मंदसौर का है। एक टीम वहां भी लगी थी, इस बीच आरोपियों के मंदसौर में होने की खबर लगी और उन्हें पकड़ लिया गया। हत्या के बाद की थी प्रेमिका से बात : भय्यू ने हत्या के बाद गर्लफ्रेंड को कॉल किया था। क्राइम ब्रांच ने ट्रेस कर लिया था। इसके बाद मोबाइल व कार नंबर के आधार पर टीम उस तक पहुंच गई। पुलिस ने आरोपियों को लेकर शाह के घर में घटना स्थल का मुआयना किया।

साथियों को आठ-आठ लाख रुपए देने का लालच दिया था
डीआईजी के मुताबिक, भय्यू दस साल शाह का केयर टेकर रह चुका। शाह दंपती इस पर काफी भरोसा करते थे। कुछ समय पहले शाह ने 30 हजार वर्गफीट का प्लॉट बेचने के लिए भय्यू के माध्यम से दलालों से संपर्क किया था। इसके बाद भय्यू ने करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए यह साजिश रची थी। साथियों को आठ-आठ लाख रुपए का लालच दिया था।
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आरोपी भय्यू ने बताया कि हत्या के तीन दिन पहले यानी 9 अगस्त को आशीष और हर्ष को किराये का मकान दिलवाने के बहाने शाह के यहां ले गया था। उसी समय लोहे का पाइप व हथौड़ा कमरे में छिपा आया था। फिर 12 अगस्त की शाम 4 बजे ये शाह के घर पहुंचे। आशीष को निगरानी के लिए घर के बाहर खड़ा कर दिया था। फिर प्रफुल्ल को होटल का मैनेजर बताकर कमरा दिखाने के बहाने शाह को ऊपर लाए और बंधक बना लिया।

हत्या का आरोप अज्ञात बदमाशों पर लगाने वाले थे, एक आरोपी घबराया तो फिर भाग गए
आरोपियों ने कबूला कि शाम 5.30 बजे जब केयर टेकर शीतल आई तो सभी घबरा गए। अंजलि ने शीतल को शाह को देखने ऊपर भेजा तो आरोपी भी उसके साथ पहुंच गए। एक कमरा छोड़कर उसे सभी कमरे दिखाए। कहा- वह टंकी का काम कर रहे हैं। इस पर शीतल नीचे आ गई। आधा घंटे बाद अंजलि ने अजय से बात कराने को कहा तो भय्यू उनका फोन शव के पास रख आया। अंजलि ने कई बार फोन किए। फिर शीतल को भेजा तो आरोपियों ने मुंह दबाकर उसे भी मारने की कोशिश की। उसकी चीख सुनकर पड़ोसी आ गए। उन्होंने अंजलि से कहा- ऊपर किसी के चीखने की आवाज आई थी। इसके बाद अंजलि ने शीतल के मोबाइल पर फोन किया तो आरोपियों ने उसका मोबाइल बंद कर दिया। कहा- वह काम से घर गई है। इसके बाद अंजलि ने शीतल के घर वालों को फोन किया तो वह भी आ गए। भय्यू ने बताया पहले हम हत्या का आरोप अज्ञात पर लगाने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन आशीष घबरा गया था। इसलिए भाग निकले।

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