कॉर्पोरेट हाउस:कागजों मेंं जिनके नाम वे रहे नहीं निगम 30 लाख के लिए कर रहा ऑफिस सील

इंदौर4 दिन पहले
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आरएनटी मार्ग पर झाबुआ टॉवर के सामने स्थित कॉर्पोरेट हाउस में अवैध निर्माण को लेकर कंपाउंडिंग की 30 लाख की राशि तय की गई है। इसे भरने की जिम्मेदारी बिल्डर की थी, लेकिन फर्म के दस्तावेजों में जिनके नाम हैं, वे अब नहीं रहे। सुविधाएं सील होने के कारण यहां संचालित होने वाले 55 ऑफिस के संचालक परेशान हो रहे हैं। कार्रवाई के पहले तक फर्म के अघोषित पार्टनर संचालन कर रहे थे, निगम की कार्रवाई के बाद से सभी ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

कॉर्पोरेट हाउस में अनुमति के विपरीत व अवैध निर्माण को लेकर निगम द्वारा लगातार नोटिस अलंकार रियल स्टेट के प्रमोददास गोपीलाल नेमा के नाम से दिए जा रहे थे। जी+6+टेरेस भवन बिल्डिंग परमिशन दी गई थी, जबकि भवन में भूतल पर साइड एमओएस में लगभग 44 वर्ग मीटर में कमरे व ओटीएस में 40 वर्ग मीटर में चढ़ाव का निर्माण अनुमति के विपरीत किया गया।

प्रथम तल से छठे तल तक स्वीकृत पैसेज व लॉबी को कवर कर लगभग 701 वर्ग मीटर में निर्माण कर बिना अनुमति के व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इसकी कंपाउंडिंग की राशि लगभग 30 लाख बनती है। इसके लिए निगम द्वारा लगातार अलंकार रियल स्टेट के ऑफिस को नोटिस दिए गए। राशि का भुगतान नहीं होने पर भवन की लिफ्ट सील करने के साथ ऑफिस व नल कनेक्शन काट दिए गए। चार दिन बाद भी कोई समाधान नहीं निकलने पर निगम की टीम प्रतिदिन जाकर एक-दो ऑफिस सील कर रही है।

ऑफिस वाले बोले- हमारी क्या गलती

अभी तक इस बिल्डिंग में मेंटेनेंस का काम बिल्डर फर्म द्वारा ही किया जा रहा है। कार्रवाई के बाद अलंकार एंड कंपनी की तरफ से मेंटेनेंस इंचार्ज अनय सोलंकी द्वारा सभी ऑफिस वालों को नोटिस देकर 50-50 हजार रुपए जमा करने के लिए कहा गया है ताकि कंपाउंडिंग की राशि का भुगतान किया जा सके। दूसरी तरफ ऑफिस वालों का कहना है कि यह तो जिम्मेदारी बिल्डर की है।

कार्रवाई के पहले तक तो दूसरे पार्टनर व्यवस्था संभाल रहे थे लेकिन अब सब पीछे हट गए हैं। भास्कर ने अनय सोलंकी से बात की तो उन्होंने बताया जिनके नाम से फर्म थी, उनका देहांत हो चुका है। दूसरे पार्टनर ऑन पेपर नहीं है तो वे राशि का भुगतान क्यों करेंगे। इसके लिए सभी को राशि जमा करने के लिए पत्र भेजे गए हैं।

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