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इंदौर में कोरोना से मौत का मामला उलझा:मां ने कहा- डॉक्टर ससुर ने कोविड पेशेंट लाकर बेटी को संक्रमित कराया, ऑक्सीजन मास्क हटाकर मार डाला; पुलिस बोली- शादी में आए लोगों को बुलाओ

इंदौर4 महीने पहले
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ऐश्वर्या गुप्ता, जिसकी मौत हुई थी। - Dainik Bhaskar
ऐश्वर्या गुप्ता, जिसकी मौत हुई थी।

इंदौर में 3 महीने पहले कोरोना से नवविवाहिता की हुई मौत का मामला उलझ गया है। उसकी मां का आरोप है कि डॉक्टर ससुर ने कोरोना संक्रमित रिश्तेदार को घर लाकर उसकी सेवा करवाकर बेटी को संक्रमित कराया, फिर ऑक्सीजन सपोर्ट हटाया, जिससे उसकी मौत हो गई। बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। मामले में पुणे पुलिस ने पति, सास, ससुर, देवर सहित पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर इंदौर भेजा है। मामले में CSP ने पीड़िता की मां को नोटिस जारी कर कहा है कि शादी में जितने भी रिश्तेदार शामिल हुए थे, उन सभी को बयान के लिए इंदौर लाओ। परिवार की समझ में नहीं आ रहा है कि शादी में 30 से ज्यादा लोग शामिल थे, उन्हें कैसे बुलाएं।

मामला एडवोकेट ऐश्वर्या कटारिया निवासी कोरेगांव (पुणे) की मौत से जुड़ा है। 24 जनवरी 2021 को उसकी शादी इंदौर मयंक पुत्र डॉ. संजय गुप्ता निवासी स्कीम 54 से हुई थी। डॉ. गुप्ता का इंदौर में ही मयंक हॉस्पिटल है। ऐश्वर्या के मां का आरोप है कि शादी के पहले ही ससुराल पक्ष ने दहेज में 20 लाख के जेवरात सहित काफी मांग थी, लेकिन रिश्तेदारों की सहमति के बाद शादी हुई। फिर भी ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे।

इस बीच कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से दौरान उसके ससुर डॉ. संजय गुप्ता 6 मई को सौम्या बंसल नाम एक कोविड पॉजिटिव रिश्तेदार को अपने घर ले आए। मां आरती का आरोप है कि ऐश्वर्या को बिना किसी सुरक्षा के उसकी देखभाल करने के लिए कहा गया। इस दौरान उन्होंने उसे मास्क तक उपलब्ध नहीं कराए, जिससे 9 मई को ऐश्वर्या भी संक्रमित हो गई। 11 मई को उसका एक्स-रे किया गया पता चला कि फेफड़ों में इन्फेक्शन है, लेकिन ससुर गुप्ता ने RT-PCR टेस्ट नहीं करवाया। कहा कि अगर संक्रमित पाई गई तो पूरे परिवार का टेस्ट कराना होगा। अस्पताल को भी बंद करना पड़ सकता है, जिससे उन्हें नुकसान होगा।

कोरोना हुआ और बताया मलेरिया हुआ है
ससुर डॉ. गुप्ता ने 15 मार्च को ऐश्वर्या की मां आरती कटारिया को बताया कि उसे मलेरिया है। 16 मई को फिर ऐश्वर्या का सीटी चेस्ट स्कैन किया गया तो उसके फेफड़ों में 70 फीसदी इन्फेक्शन निकला। उसका ऑक्सीजन लेवल कम होना शुरू हो गया, लेकिन फिर भी ससुर ने उसे अस्पताल में भर्ती नहीं किया। ऐश्वर्या की मां आरती और भाई आकाश इंदौर पहुंचे। आरती के मुताबिक इस दौरान भी ससुर ने गुमराह किया और कहा कि ऐश्वर्या के फेफड़ों में केवल 20 फीसदी ही इन्फेक्शन है।

करीब 10 दिन जब 18 मई को जब उसकी हालत ज्यादा खराब हुई तो ससुर ने उसे अपने ही मयंक अस्पताल में भर्ती किया, जिसमें गंभीर कोविड मरीजों के उचित इलाज की व्यवस्था नहीं थी। हालत बिगड़ने पर बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। आरती कटारिया का आरोप है कि यहां पर ससुराल वालों ने ऑक्सीजन मास्क हटा दिया, जिससे ऐश्वर्या की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई।

गैर इरादतन हत्या की धारा हटाने की तैयारी
घटना के बाद पीड़िता की मां आरती कटारिया ने पुणे में पुलिस को शिकायत की और मामला इंदौर पुलिस को रेफर हुआ तो विजय नगर पुलिस ने ऐश्वर्या के पति मयंक, ससुर डॉ. संजय गुप्ता, सास पूजा, देवर मयंक व डॉ. दीपक बंसल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, दहेज प्रताड़ना, षड्यंत्र, साक्ष्य मिटाने आदि धाराओं में केस दर्ज किया।

इसके बाद ऐश्वर्या की मां आरती व भाई आकाश CSP राकेश गुप्ता से मिले। आरोप है कि CSP द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार न कर उन्हें बचाया जा रहा है। CSP का कहना है मामला गैरइरादतन हत्या का नहीं है, इसलिए धारा 304-बी हटा दी जाएगी। फिर कहा कि ऐश्वर्या की शादी में मायके पक्ष के जितने लोग शामिल थे, उन सभी को बयान के लिए इंदौर लाओ।

CSP ने 4 अगस्त और 2 सितंबर को ऐश्वर्या की मां को दो नोटिस भेजा। नोटिस में कहा गया कि मायके पक्ष के 16 लोगों के पते और मोबाइल नंबर दें, जिससे उनके बयान हो। आरती का कहना है कि इसके बाद जब CSP से बात की तो उन्होंने कहा कि शादी में जितने भी रिश्तेदार शामिल थे, सभी के बयान होंगे।

अभी विवेचना चल रही है
CSP राकेश गुप्ता ने बताया कि केस से धारा 304-बी (गैरइरादतन हत्या) को हटाने जैसे कोई बात ही नहीं है। अभी विवेचना चल रही है जिसमें आधे लोगों के बयान हुए हैं। बाकी लोगों के बयानों व विवेचना के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

सारे आरोप निराधार, उसे बचपन से बीमारी थी
मुझे और मेरे परिवार पर लगाए आरोप निराधार हैं। बहू ऐश्वर्या की तबीयत 1 मई से खराब थी। सौम्या हमारी रिश्तेदार है और उसके माता-पिता के लंग्स में इंफेक्शन था, इसलिए उसे 6 मई को हम अपने घर पर लाए थे तब वह पॉजिटिव नहीं थी। उसकी रिपोर्ट 10 मई को पॉजिटिव आई थी। ऐश्वर्या का ऑक्सीजन लेवल 98 था। बाद में उसकी तबीयत खराब होने पर पहले मयंक और फिर बॉम्बे हॉस्पिटल भर्ती किया, जहां 11 लाख रु. मैंने खुद ने खर्च किए। ऐश्वर्या को बचपन से दिल में छेद की बीमारी थी।
डॉ. संजय गुप्ता, ऐश्वर्या के ससुर (डायरेक्टर, मयंक हॉस्पिटल, इंदौर)

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