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कार्बन क्रेडिट में शहर ने बनाई पहचान:देश का पहला शहर जिसने पर्यावरण बचाकर पैसे भी कमाए,8.34 करोड़ की आय अर्जित

इंदौर8 महीने पहले
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इस तरह के प्लांट पर किया काम - Dainik Bhaskar
इस तरह के प्लांट पर किया काम

नगर निगम ने विभिन्न गैसो के प्लांट लगाने के साथ पर्यावरण में सुधार करते हुए 8.34 करोड़
की आय अर्जित की है। हालाकि यह आय 1 जुलाई 2019 से 31 दिसंबर 2020 की है। जिसे लेकर देश में किसी तरह की प्रतियोगिता आयोजित नही की गई थी। लेकिन आय अर्जित के मामले में शहर इसमें आगे रहा है।
आयुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि देश में स्वच्छता और स्मार्ट सिटी में नंबर वन इंदौर ने कार्बन क्रेडिट से नई पहचान बनाई है। इंदौर देश का एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर दूसरी बार भी पर्यावरण को बचाने के लिए कार्बन की मात्रा कम करने की पहल हुई है। आयुक्त सुश्री पाल ने बताया कि इंदौर द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 1,69,506 टन कार्बन क्रेडिट से राशि रुपए 8.34 करोड़ की आय अर्जित की ऐसा करने वाला इंदौर देश का पहला शहर है।स्मार्ट सिटी सीईओ ऋषभ गुप्ता ने बताया कि इंदौर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में विभिन्न प्रोजेक्ट के माध्यम से पर्यावरण के बचाव हेतु कार्बन क्रेडिट कार्य किया गया है, साथ ही बिजनेस एग्रीगेटर मॉडल लाकर देश में अन्य संस्थानों के लिए भी कार्बन क्रेडिट हेतु इंदौर स्मार्ट सिटी काम कर रहा है जिनमें
600 टीपीडी कंपोस्ट प्लांट- 150902 टन
बायो मिथेनाइजेशन प्लांट- 7003 टन
सोलर एनर्जी- 2001 टन
कार्बन क्रेडिट कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बर्लिन की कंपनी को बेचा गया है, जिससे निगम को 8 करोड़ 34 लाख की आय अर्जित हुई है।
ऐसे किया प्रयास
इस मामले में जानकारी देते हुए निगम के अधिकारी सुनिल दुबे ने बताया कि कई ग्रीन हाउस गैसो के पर्यावरण में जाने से उन्हें शहर में रोकने का प्रयास किया गया। उनके मुताबिक कचरा जलाने से मिथेन गैस बनती है। जिसमे उसे सड़ने ओर जलने से रोककर खाद्य बनाई गई। इसके साथ ही कोयले से बनने वाली बिजली जैसी व्यवस्था को कम करके उनके बदले सोलर प्लांट बने। शहर में लोक परिवहन में इलेक्ट्रिक गाड़ियो को बढ़ावा दिया गया। इसका काम कई अंतराष्ट्रीय संस्थाए देखती है। अमेरिका,चायना ओर कई बढ़े देश इस पर काम कर रहे है। इंदौर नगर निगम द्वारा यह जानकारी संस्थाओं तक पहुंचाई गई थी। जिसके चलते उन्हें इतनी राशि बतौर मिली है।

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