कह दो, मुझे भी जिंदा जला डाले!:इंदौर में 7 को जिंदा जलाने वाले फुटेज देख कांप उठी महिला दोस्त, जानिए बोली...

इंदौर2 महीने पहलेलेखक: हेमंत नागले

इंदौर में सात लोगों को जिंदा जलाने वाले आरोपी संजय उर्फ शुभम दीक्षित से कोई पहचान नहीं थी। मैं 2011 से वहां रहती थी। मकान मालिक की लड़की के जरिए शुभम से मेरी दोस्ती हुई। तब ये बैंक में काम करता था। मुझे इनकम टैक्स फाइल का काम पड़ा तो फिर मैंने इससे मदद मांगी। इसके बाद हमारा एक-दूसरे के यहां आना-जाना शुरू हो गया। कभी किसी काम से जाना हो, गाड़ी की जरूरत हो, कुछ सामान मंगवाना हो, गैस की टंकी खाली हो गई हो तो चाय बना दो, या रोटी बना देना, इस तरह की दोस्ती हो गई। इस दौरान कुछ पैसे उसने खर्च किया, कुछ मैंने।

आमतौर पर दोस्ती में ऐसा ही होता है।
घटना वाले दिन मैंने इसे कॉल किया था। मैंने उसे बताया कि मैं मरते-मरते बची हूं। तो उसने बिल्कुल अनजान बनते हुए मुझसे बात की थी। मैं पहले बुटीक में काम करती थी, फिर मेकअप आर्टिस्ट का काम करने लगी। जब मैं बहुत छोटी थी तब पापा नहीं रहे। मम्मी हाउसवाइफ हैं। हादसे वाले दिन ही मम्मी आई थीं, अगर वो नहीं आती तो मैं भी उस हादसे में मर जाती। शुरू में मुझे लगा था कि ये आग शॉर्ट सर्किट से लगी होगी। फिर जब पुलिस ने मुझे फुटेज दिखाए तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। उसे फांसी ही होनी चाहिए। अगर फांसी ना हो तो जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके हवाले कर देना चाहिए। मैंने थाने में भी कह दिया था कि आप मुझे उसके सामने खड़ा कर दो और कह दो कि मुझे जला दे। मेरी वजह से इतने लोगों की जान चली गई। (ऐसा कहते हुए वो रोने लगी)। घटना वाले दिन इसके बहुत फोन आ रहे थे।

रात को भी फोन आ रहे थे
मेरे घरवालों और मंगेतर को इससे बात करना बिल्कुल पसंद नहीं है, तो मैंने उसे ब्लॉक लिस्ट में डाल रखा है। रात को 1-2 बजे भी उसका फोन आया था तो मुझे गाली देकर कहा था कि मेरे पैसे खा गई। मेरे पास पूरी रिकॉर्डिंग है। दारू पीने के बाद वो ऐसी ही हरकतें करता है। नॉर्मली ऐसी हरकतें नहीं करता। फिर हम लाइट वाइट बंद करके सो गए। हमारी गैलरी और खिड़की हमेशा खुली रहती है। एकदम खिड़की में से आग और धुआं आया। मम्मी ने मुझे उठाया और कहा कि देख कूलर में आग लग गई। मैंने जाकर देखा तो नीचे आग लगी हुई थी। मैंने सबको उठाया और हम किचन में चले गए। वहां भी हमारे यहां खिड़की है। इसके बाद हमने सब पड़ोसियों को उठाया और सब पानी डालने लगे। अगर मैं उस दिन सबको नहीं उठाती तो आसपास की मल्टियों में भी आग लग जाती। अगर हम 10 मिनट और अंदर रहते तो हमारी भी घुटकर मौत हो जाती। हमें मोहल्लेवालों ने रस्सी से बांधकर उतारा।

मैं मर जाती तो लड़के का सुराग नहीं मिलता
जो सात लोग चले गए उनकी जगह अगर मैं मर जाती तो ऐसा कुछ नहीं होता। उनको इस लड़के का सुराग भी नहीं मिलता। क्योंकि मकान मालिक तो उसे पहचानने से साफ मुकर गया। मैंने ही पुलिस को उससे जुड़ी हर जानकारी दी। मुझे पुलिस ने बुलाया था, उन्होंने मुझसे कुछ सवाल पूछे, फिर मुझे सीसीटीवी फुटेज दिखाए और गाड़ी और लड़के के बारे में पूछा। मैंने कहा हां मैं इसे जानती हूं, ये संजय है और नीचे ही रहता था। फिर पुलिस ने घर से मेरा मोबाइल मंगवाया और उससे जुड़ी सारी जानकारी ले ली।

मकान मालिक सिर्फ लड़के-लड़कियों को ही किराए पर देता है कमरा
हमारा मकान मालिक बहुत लालची है। कहीं भी मकान लेने जाते हैं, तो कुछ नियम कायदे होते हैं। लेकिन हमारा मकान मालिक पैसों के लालच में सिर्फ लड़के-लड़कियों को मकान देता है। फैमिली वालों को मकान नहीं देता है। इसमें मकान मालिक की भी गलती है। जब पहली गर्लफ्रेंड से संजय की लड़ाई हुई थी, तब लड़की ने अपने कपड़े फाड़ लिए थे, उससे तभी मकान खाली करवा लेना था। लेकिन मकान मालिक ने ऐसा नहीं किया। इसमें थोड़ी थोड़ी सबकी गलती है। कुछ मकान मालिक की गलती है, कुछ वहां के लोग भी ऐसे ही हैं, कुछ ध्यान नहीं देते कि क्या चल रहा है। वहां ज्यादातर काम गलत ही होते हैं। उसकी पुरानी गर्लफ्रेंड ने मुझे चेताया था कि इससे बचकर रहना, ये फ्रॉड है। इसने मुझसे जो मारपीट की थी, उसके निशान अबतक हैं।

मेरे मंगेतर को वीडियो क्लिप भेजा
दोस्ती होने के बाद जब उसे पता चला कि मेरा पहले से रिश्ता है, और मेरा मंगेतर उससे अच्छा है, तो उससे बहुत मगजमारी हुई। वो शुरू से उससे जलता था। बीच में जब लड़ाई हुई थी तो मकान मालिक इंसाफ पटेल भी आए थे, उन्होंने तब उससे मकान खाली नहीं करवाया। तब भी वो लड़की कपड़े फाड़ कर गई थी। उस वक्त मुझसे भी झगड़ा हुआ था उसका। फिर वो वापस आ गया था, उसने माफी मांग ली थी। तो मुझे लगा था दोस्ती में चलता रहता है। मुझे नहीं पता था कि वो मेरे मोबाइल से मेरे होने वाले मंगेतर का नंबर निकालकर उससे लड़की बनकर मैसेज करेगा। उसने दिल्ली की किसी लड़की के साथ अश्लील वीडियो बना रखी थी, तो उसका थोड़ा सा क्लिप मेरे मंगेतर को भेज दिया। और उससे कहा कि वो मैं (रिंकी) हूं। इसके बाद मेरा मंगेतर आया और मुझे डांटा-मारा और रिश्ता तोड़ने की बात कही। तो फिर मैंने उससे पूछा कि मुझे वो वीडियो तो बता मैं अगर उसमें हूं तो जरूर बताउंगी। मैंने पहले से उसके मोबाइल में वो क्लिप देख रखी थी। इसलिए मैंने अपनी बहन और बाकी सबको को बताया कि यही है वो जो लड़की बनकर बात कर रहा है। उस वक्त मैंने इसके खिलाफ कार्रवाई करना चाही थी। उस वक्त जो क्राइम ब्रांच में एक अधिकारी थे, मैंने उनसे शिकायत की थी तो उस वक्त वे टीम के साथ बाहर थे, वरना वे उसी वक्त उसे पकड़ लेते। मैंने उन्हें अपने साथ हुई सारी घटनाएं बताई थीं। उन्होंने मेरी काफी मदद की।

तेजाब फेंकने, चाकू मारने, मुझे फंसाने की धमकियां दे रहा
उसका कहना था कि हम दोस्त हैं, उसने मुझे फोर्स किया कि तुम घर में बैठी रहती हो, हम तुम्हारे दोस्त हैं। हम तुम्हें शेयर मार्केट का काम सिखाते हैं। तुम्हारे काम आएगा। इसके बाद उसने मेरे अकाउंट में पैसे डाले, इसके बाद उसने मेरे फोन में एक एप डाउनलोड की और उसके जरिए मेरे फोन को हैक कर लिया। फिर खुद ने ही पैसे उड़ा दिए, या ट्रांसफर कर लिए मुझे नहीं पता। इसके बाद उसके पास लड़ने का कुछ बहाना नहीं था तो वो बार-बार कहने लगा कि पैसे दे पैसे दे। मेरा मंगेतर हर मामले में सक्षम है, मैं इससे पैसे क्यों मांगूंगी। ये मेरे मंगेतर को देखकर बहुत जलता है। उसे इस बात की जलन थी कि मैंने उसे इसके बारे में सबकुछ कह दिया, कि वो लड़की ऐसी है, वैसी है फिर भी वो इसके साथ घूमता है। वो मुझे रोज फोन करता था। छह महीने से मुझे धमकियां दे रहा है। तेजाब फेंकने, चाकू मारने, मुझे फंसाने की धमकियां दे रहा था। बहुत सी हरकतें कर रहा था।

जैसा कि आरोपी शुभम की दोस्त ने दैनिक भास्कर को बताया