• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • The NGO Operator Said That The Second Dose Was Not Even Administered, Yet The Certificate Was Issued

बिना लगवाए ही लग गया वैक्सीन का सेकंड डोज:NGO संचालक ने कहा सेकंड डोज लगवाया ही नहीं, फिर भी सर्टिफिकेट हो गया जारी

इंदौर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
NGO संचालक - Dainik Bhaskar
NGO संचालक

इंदौर के NGO संचालक के साथ एक अजीब मामला हो गया। संचालक का कहना हैं कि उन्होंने वैक्सीन का सेकंड डोज लगवाया ही नहीं इसके बाद भी उनका वैक्सीन के सेकंड डोज का सर्टिफिकेट जारी कर दिया। अब वह इस बात से परेशान हैं कि उन्हें सेकंड डोज लगेगा या नहीं। दरअसल, ये पूरा मामला हैं इंदौर के सुदामा नगर में रहने वाले दीपक गोयल के साथ हुआ, जो अपना ग्राफ़िक्स का काम करने के साथ एक NGO भी संचालित करते हैं।

खरगोन में लगवाया था पहला डोज दीपक के मुताबिक सितम्बर माह में उन्हें किसी काम से खरगोन जाना पड़ा था। तब वहां उन्होंने 16 तारीख को SCH पंधाना में कोविड वैक्सीन का पहला डोज लगवाया था। वैक्सीन के पहले डोज के 84 दिनों बाद यानी दिसम्बर माह में उन्हें सेकंड डोज लगना था। 8 तारीख को उन्हें ये डोज लगना था, लेकिन काम की व्यस्तता के कारण वह सेकंड डोज नहीं लगा सके थे।

मोबाइल पर आया मैसेज
इस बीच उन्हें 10 तारीख को मोबाइल पर मैसेज मिला कि उन्हें वैक्सीन का सेकंड डोज लग चुका हैं और उसका सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया है। दीपक का कहना है कि जब उन्होंने वैक्सीन का सेकंड डोज लगवाया ही नहीं तो सर्टिफिकेट कैसे जारी हो गया। यह या तो तकनीकी प्रॉब्लम हैं या वहां के स्टाफ कि लापरवाही हो सकती है।

अब वैक्सीन लगवाने की चिंता
अब देखा जाए तो दीपक इस बात से परेशान है कि उन्हें वैक्सीन का सेकंड डोज लगेगा या नहीं। इसके लिए वे आगामी दिनों में वैक्सीनेशन सेंटर जाएंगे और वहां वैक्सीन लगवाने का प्रयास करेंगे। अगर उन्हें वैक्सीन लग जाती है तो ठीक नहीं तो वे इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग में करेंगे।

तकनीकी वजह हो सकती है कारण
इंदौर के टीकाकरण अधिकारी डॉ. तरुण गुप्ता के मुताबिक संभावना है कि तकनीकी वजह से ऐसा हुआ होगा। संबंधित व्यक्ति हमसे आकर मिले अगर उन्हें वैक्सीन नहीं लगी है तो लगवा दी जाएगी।