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MR-4 रेलवे क्रॉसिंग ट्रैफिक जाम का नया जंक्शन:पीक ऑवर्स में ढाई से तीन हजार वाहनों का दबाव; ट्रैक से गाड़ियां हटा बंद करना पड़ता है रेलवे गेट, हादसे का भी खतरा

इंदौर11 दिन पहले
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गेट के आगे तक खड़े हो जाते हैं वाहन चालक। - Dainik Bhaskar
गेट के आगे तक खड़े हो जाते हैं वाहन चालक।

एमआर-4 (बाणगंगा ब्रिज और नमकीन क्लस्टर के पास) का रेलवे क्रॉसिंग। यहां शाम से रात तक हर दिन ढाई से तीन हजार वाहनों का दबाव होने से रोज इतना जाम लग जाता है कि पुलिस और रेलवे कर्मचारियों को वाहन हटाकर रेलवे क्रॉसिंग का गेट बंद करना पड़ता है। दरअसल, यह रोड उज्जैन रोड से लक्ष्मीबाईनगर से पोलोग्राउंड होते हुए मेनरोड है।

दूसरी ओर गौरीनगर-श्यामनगर को जोड़ने वाला भी है। सांवेर रोड औद्योगिक संगठन के पूर्व अध्यक्ष हरि अग्रवाल के मुताबिक क्रॉसिंग के दोनों ओर 100 से 200 मीटर तक जाम लग जाता है। ट्रेनों की आवाजाही से हादसे का खतरा भी बना रहता है।

ट्रैफिक दबाव के तीन बड़े कारण

1. उज्जैन तरफ से स्टेशन, छावनी, पोलोग्राउंड जाने वाले मरीमाता चौराहा जाने के बजाय एमआर-4 से गुजरते हैं। 2. उज्जैन से आकर गौरीनगर, सुखलिया, खातीपुरा जाने वाला ट्रैफिक भी मरीमाता के बजाय एमआर-4 से गुजरता है। 3. शाम को 200 से ज्यादा फैक्टरियों, दो दर्जन से ज्यादा बस्तियों के डेढ़ हजार से ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है।

ये है स्थायी समाधान फ्लायओवर बन जाए तो नहीं लगेगा जाम

ये है वैकल्पिक समाधान

  • फ्लायओवर बनने तक ट्रैफिक जवानों की संख्या बढ़ाई जाए।
  • स्थायी बैरिकेडिंग की जाए।

ड्यूटी वाले परेशान- दिनभर में कई बार वाहनों को पीछे करते

पुलिस जवान और रेलवे के कर्मचारियों ने कहा वाहनों का दबाव इतना ज्यादा हो जाता है कि ट्रैक तक पर वाहन आ जाते हैं। उन्हें हटाकर गेट बंद करना होता है। लगातार ट्रेनों की आवाजाही होने से वाहनों को हटाते-हटाते परेशान हो जाते हैं। वहीं रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य जगमोहन वर्मा ने कहा फ्लायओवर बनाना जरूरी है। रेलवे पीआरओ खेमराज मीणा ने कहा जाम की परेशानी से मंडल को अवगत कराया जाएगा।

राइट टर्न नहीं ले पाते- जाम होने से घूमकर गए तो स्टेशन पहुंचे

उज्जैन से आए अतुल कुमार ने कहा उन्हें रेलवे स्टेशन जाना था। एमआर-4 होते हुए जल्दी पहुंच जाएंगे, इसलिए उन्होंने यह रूट चुना। लेकिन क्रॉसिंग पर जाम में 45 मिनट तक फंसे रहे। क्रॉसिंग से जैसे-तैसे आगे निकले ही थे कि राइट टर्न (पोलोग्राउंड की ओर) पर वाहनों की लंबी कतार थी। पुलिस ने राइट टर्न लेने की बजाय हमें सीधे भेज दिया। इस कारण हमें आगे से घूमकर फिर खातीपुरा, गौरीनगर होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ा।

फ्लायओवर
सांसद ने कहा- सर्वे करवाया जा रहा है

सांसद सांसद शंकर लालवानी ने कहा जाम नहीं लगे और लोगों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए यहां फ्लायओवर प्रस्तावित है। रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक में भी इस बात पर चर्चा हुई थी। यहां फिलहाल परेशानी यह है कि जगह काफी कम है। दूसरी एक परेशानी यह भी है कि रेलवे क्रॉसिंग के फ्लायओवर का एक हिस्सा भी बाणगंगा ब्रिज के पास ही उतरेगा। ऐसे में दो ब्रिज के वाहन एकसाथ उतरेंगे, जिससे वाहनों का दबाव और बढ़ जाएगा।

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