पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सरस्वती में 55 साल बाद खिला जीवन:नाला टैपिंग से पुराने स्वरूप में लौटने लगी नदी, तैरने लगी मछलियां

इंदौर7 दिन पहलेलेखक: विश्वनाथ सिंह
  • कॉपी लिंक
10 वर्षों से अधिक समय के सामूहिक प्रयासों के बाद नदी का यह रूप देखने को मिला है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने यहां पसीना बहाया है। - Dainik Bhaskar
10 वर्षों से अधिक समय के सामूहिक प्रयासों के बाद नदी का यह रूप देखने को मिला है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने यहां पसीना बहाया है।

लॉकडाउन में प्रकृति का शुद्धिकरण देखने को मिला है। सरस्वती नदी में 55 साल बाद मछलियां तैरती नजर आई हैं। नाला टैपिंग के पहले तक नदी के पानी में ऑक्सीजन का नामोनिशान नहीं था, जिसके कारण किसी तरह के जलीय जीव पैदा ही नहीं हो पाते थे। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साइंटिस्ट डॉ. दिलीप वाघेला के अनुसार, 3 दिन पहले सैंपल लिए थे। नदी के पानी में 4.3 मिलीग्राम प्रति लीटर ऑक्सीजन पाई गई है, जो बहुत सुखद है। पर्यावरण विशेषज्ञ ओपी जोशी कहते हैं कि 1965-66 के समय तक लालबाग के पुल के पास नदी में मछलियां दिखाई देती थीं। नाला टैपिंग के पहले नदी में सिर्फ गंदगी नजर आती थी।

मछलियों की यह तस्वीर हरसिद्धि के पास इस जगह की है।
मछलियों की यह तस्वीर हरसिद्धि के पास इस जगह की है।

10 वर्षों से अधिक समय के सामूहिक प्रयासों के बाद नदी का यह रूप देखने को मिला है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने यहां पसीना बहाया है।

पीएच- पीएच जितना ज्यादा पानी उतना अच्छा। सस्पेंडेड सॉलिड- वे कण जिनसे पानी गंदा होता है। ऑक्सीजन- 4 मिग्रा/ लीटर से ज्यादा तो ही मछली रह पाती हैं। बीओडी- बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा 3 मिग्रा/लीटर से कम तो पानी नहाने योग्य। सीओडी- केमिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा 10 से 30 मिग्रा/लीटर होती है। प्रदूषण बढ़ने से बढ़ जाती है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय चुनौतीपूर्ण है। परंतु फिर भी आप अपनी योग्यता और मेहनत द्वारा हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम रहेंगे। लोग आपके कार्यों की सराहना करेंगे। भविष्य संबंधी योजनाओं को लेकर भी परिवार के साथ...

    और पढ़ें