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  • Indore Devi Ahilya University BBA Exam 2022: Third Semester Students Complaint To Exam Controller

हिन्दी में लिखा आंसर तो मिले जीरो नंबर:‌‌‌‌BBA थर्ड सेमेस्टर के स्टूडेंट्स पहुंचे एग्जाम कंट्रोलर के पास, परीक्षा समिति लेगी फैसला

इंदौर2 महीने पहले

हिन्दी में आंसर लिखने पर 20 छात्रों को देवी अहिल्या विवि ने बीबीए के ऑपरेशन मैनेजमेंट के पेपर में जीरो नंबर दे दिए। जीरो नंबर आने पर स्टूडेंट्स विश्वविद्यालय पहुंच गए और मंगलवार को जनसुनवाई में अपनी शिकायत एग्जाम कंट्रोलर डॉ. अशेष तिवारी के सामने रख दी।

इस मामले को विवि प्रबंधन ने परीक्षा समिति के सामने रखा। अब परीक्षा समिति नियमानुसार इसमें निर्णय लेगी। इसके पहले भी MBA के कुछ छात्रों ने एग्जाम में हिन्दी में आंसर लिखा था। परीक्षा समिति ने इन छात्रों को राहत दी थी।

अप्रैल में हुई एग्जाम, एक सब्जेक्ट की आई शिकायत
BBA थर्ड सेमेस्टर की एग्जाम देवी अहिल्या विवि ने अप्रैल महीने में आयोजित की। इस एग्जाम में लगभग ढाई हजार छात्र शामिल हुए। प्रोफेशनल कोर्स होने से उम्मीद रहती है कि छात्र इंग्लिश में आंसर देंगे। मगर 20 छात्रों ने हिन्दी में आंसर दे दिए। डॉ. अशेष तिवारी ने बताया 15 से 20 छात्रों की शिकायत मिली है। इन छात्रों ने बीबीए थर्ड सेमेस्टर के ऑपरेशन मैनेजमेंट के पेपर में हिन्दी में आंसर दिए। इसलिए एग्जामिनर ने उनके आंसर को क्रास कर जीरो नंबर दिए।

कन्फ्यूजन की स्थिति, ऐसे मिलेगी राहत
ये कन्फ्यूजन की स्थिति यह है कि कोई भी छात्र BBA और MBA में हिंदी में लिख सकता है या नहीं। छात्रों को जीरो नंबर मिलने के बाद अब विवि प्रबंधन ने छात्रों की शिकायत को परीक्षा समिति के सामने रखा हैं। परीक्षा समिति इसमें आगे फैसला लेगी। ऑर्डिनेंस में जो भी नियम होंगे उसके मुताबिक ही छात्रों को राहत दी जाएगी। प्रोफेशनल कोर्स होने से यह एक्सपैक्ट किया जाता है कि छात्र इंग्लिश में अपना आंसर देंगे। लेकिन कई छात्र इंग्लिश में कंर्फटेबल नहीं होने से वे हिन्दी में आंसर लिख देते हैं।

ऐसे मिलेगी इन छात्रों को राहत
डॉ. तिवारी की माने तो परीक्षा समिति नियमों को देखेगी, अगर नियमों में मिलता है कि हिन्दी में सवाल का आंसर दिया जा सकता है तो रिव्यू के माध्यम से दूसरे एग्जामिनर्स से छात्रों की कॉपी चेक कराकर कॉपियों में मार्किंग की जाएगी। ऑर्डिनेंस में जो भी नियम होंगे उसके मुताबिक ही छात्रों को राहत मिलेगी।

पहले भी आ चुका है ऐसा मामला
विवि में पहले भी इस प्रकार का मामला सामने आ चुका है। करीब दो साल पहले MBA के छात्रों ने हिन्दी में आंसर दिए थे। उस दौरान भी छात्रों के इस मामले को परीक्षा समिति के सामने रखा था जहां छात्रों को राहत दी गई थी। ऑडिनेंस में ऐसा कुछ नहीं लिखा था। मगर BBA में क्या होता है उसे देखा जाएगा उसके बाद ही BBA के छात्रों में निर्णय लिया जाएगा।