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  • The Target Is To Vaccinate 28 Lakhs, So Far Only 10 Lakhs Have Got It Done, Only 47% Of The 45 To 60 Years Have Got The Vaccine, The Youth Said Do Something For The Slot

इंदौर में वैक्सीन का हिसाब-किताब:टारगेट 28 लाख को टीका लगाने का, अब तक 10 लाख ने ही लगवाया, 45 से 60 साल तक के सिर्फ 47% ने ही लगवाई वैक्सीन, युवा बोले - स्लॉट का कुछ करें

इंदौर24 दिन पहलेलेखक: राजीव कुमार तिवारी
देवांश देसाई अपने भाई के साथ वैक्सीन लगवाने पहुंचा था।

40 लाख की आबादी वाले इंदौर शहर में 28 लाख 7 हजार 558 लोगों को काेरोना वैक्सीन लगनी है। हालांकि मार्च से शुरू हुए वैक्सीनेशन प्रोग्राम के तहत 28 मई तक जिलेभर में सिर्फ 10 लाख 63 हजार 920 को ही वैक्सीन लग पाई है। इतना ही नहीं इनमें से भी दो लाख 10 हजार 979 लोगों ने ही दूसरा टीका लगवाया है। इंदाैर में अभी 30 फीसदी लोगों ने पहला डोज जबकि 25 फीसदी लोगों ने दूसरा डोज लगवा लिया है।

16 जनवरी से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। 2011 के जनगणना के अनुसार यहां पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इस हिसाब से इंदौर की करीब 40 लाख आबादी में से 28 लाख लोग 18 प्लस हैं। यहां पर अभी काेविशील्ड और को-वैक्सीन दो तरह के टीके लग रहे हैं। पहले डोज की बात करें तो अब तक कुल 8 लाख 52 हजार 941 ने, जबकि 2 लाख 10 हजार 979 ने दूसरा डोज लगवाया है।

अनुपम और सौरभ ने भी टीका लगवाया।
अनुपम और सौरभ ने भी टीका लगवाया।

जिला टीकाकरण अधिकारी तरुण गुप्ता ने बताया कि अभी यहां इंदौर में प्रतिदिन 27 हजार 200 को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 5 मई से 18 प्लस के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ है। अब तक 1 लाख 97 हजार 906 को वैक्सीन लग चुका है। अभी 45 प्लस वालों की संख्या बहुत कम हो गई है। इन्हें जल्द से जल्द वैक्सीन लगे इसके लिए ड्राइव इन वैक्सीन की भी व्यवस्था की गई है। वैसे तो 45 प्लस के कुल 10 लाख 5 हजार 800 लोगों को वैक्सीन लगना है, अब तक करीब 6 लाख लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं।

क्या कहते हैं वैक्सीन को लेकर युवा

  • वैक्सीन लगवाने वाले सौरभ ने बताया कि स्लॉट बुक नहीं होने के कारण उन्होंने लेट वैक्सीन लगवाया है। करीब 8 दिन से स्लॉट बुक करने की कोशिश में लगा हुआ था। सुबह शाम करते-करते बड़ी मुश्किल से स्लॉट बुक हो पाया। वैसे तो मैं मालवी नगर में रहता हूं, लेकिन वहां पर स्लॉट नहीं मिलने से मैंने बापट चौराहे पर वैक्सीन लगवाया।
  • वहीं, अनुपम ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद करीब 15 मिनट बाद ही हमें यह कह दिया गया कि यदि बैठना हो तो बैठ सकते हैं। नहीं तो फिर आप घर जा सकते हैं। जबकि गाइड लाइन है कि वैक्सीन लगने के करीब आधे घंटे तक वेटिंग रूम में बिठाना है। यहां पर वैक्सीन लगने के बाद में किसी प्रकार की सावधानी बरतने जैसी कोई जानकारी नहीं दी गई। मेरे पूछने पर कहा कि अपने मन से किसी भी प्रकार का भ्रम निकाल दीजिए। कुछ नहीं होगा। कुछ लगे तो डॉक्टर को दिखा दीजिएगा।
  • देवांश ने बताया कि वैक्सीन लगाने के बाद दूसरे डोज के बारे में जानकारी दी है। स्लॉट को लेकर बस परेशानी यह है कि मैंने और मेरे भाई ने साथ में स्लॉट बुक किया, लेकिन भाई को मूसाखेड़ी मिला, जबकि मुझे बापट चौराहे पर बना सेंटर।
अब तक वैक्सीन का पूरा लेखा जोखा।
अब तक वैक्सीन का पूरा लेखा जोखा।

अब तक लगे टीकाकरण पर एक नजर

श्रेणीडोजटारगेटटीका लगवाया%
हेल्थ केयर वर्कर्सपहला डोज538024228179%
हेल्थ केयर वर्कर्सदूसरा डोज422023278178%
फ्रंटलाइन वर्कर्सपहला डोज571634545380%
फ्रंटलाइन वर्कर्सदूसरा डोज452512637158%
45 साल से 60 सालपहला डोज70444333196947%
45 साल से 60 सालदूसरा डोज3268606962621%
60 साल से अधिकपहला डोज30134323533278%
60 साल से अधिकदूसरा डोज2343698220135%
18 साल से 44 साल तकपहला डोज180173219790611%
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